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रमजान : सजाए गए मस्जिद अदा की तरावीह की नमाज
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रमजान शुरू होते ही नगर बाजार जामा मस्जिद को सुंदर झांकियों से सजाया गया है
नगर बाजार (बस्ती)। रमजान का पाक महीना शुरू होते ही मस्जिदों को झालरों से सजा दिया गया है। तरावीह की नमाज के साथ रमजान का पहला असरा रहमत का शुरू हो गया है।
मौलाना जकीउल कादरी ने बताया कि रमजान महीने के पहले 10 दिन रहमत के होते हैं। सच्चे मन से अल्लाह की इबादत करने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। रमजान के पहले अशरे में मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा दान कर के गरीबों की मदद करनी चाहिए। हर एक इंसान से प्यार और नम्रता का व्यवहार करना चाहिए।
मुस्लिम विद्वानों के मुताबिक रमजान के महीने में हर मुसलमान अपने मन और शरीर को पवित्र रखता है। रमजान में बुरी आदतों पर काबू करके अच्छे विचारों का आदान-प्रदान किया जाता है। वह हर शख्स के साथ विनम्रता का व्यवहार करता है। रोजा हर उस शख्स पर फर्ज है जो बालिग होता है।
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मौलाना जकीउल कादरी ने बताया कि रमजान महीने के पहले 10 दिन रहमत के होते हैं। सच्चे मन से अल्लाह की इबादत करने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। रमजान के पहले अशरे में मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा दान कर के गरीबों की मदद करनी चाहिए। हर एक इंसान से प्यार और नम्रता का व्यवहार करना चाहिए।
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मुस्लिम विद्वानों के मुताबिक रमजान के महीने में हर मुसलमान अपने मन और शरीर को पवित्र रखता है। रमजान में बुरी आदतों पर काबू करके अच्छे विचारों का आदान-प्रदान किया जाता है। वह हर शख्स के साथ विनम्रता का व्यवहार करता है। रोजा हर उस शख्स पर फर्ज है जो बालिग होता है।
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