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राम मिलन हत्याकांड: आरोपियों पर लगेगा एनएसए, पैमाइश टली
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बस्ती। कलवारी थाना क्षेत्र के गोसैसीपुर में 10 फरवरी को जमीन को लेकर हुए हमले में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ एसडीएम सदर गुलाब चंद एनएसए, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की संस्तुति दी है। गांव की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार को होने वाली पैमाइश प्रशासन ने टाल दी है।
पुलिस के अनुसार, गोसैसीपुर निवासी राम मिलन चौधरी का गांव के हरिशंकर उर्फ रावण आदि से जमीन के लिए लंबे समय से विवाद चल रहा है। राम मिलन के घर का प्लास्टर चल रहा है। 10 फरवरी को दोपहर मजदूरों के खाना खाने की छुट्टी होने पर राम मिलन, उनका बेटा विशाल और बहन माला घर पर मौजूद थीं। दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के 20-22 लोग कुल्हाड़ी, लाठी-डंडा, फरसा आदि लेकर पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि उन लोगों ने विशाल को दौड़ा लिया। फरसे से वार कर उसके पैर का हिस्सा कट गया। शोर सुनकर विशाल के पिता राम मिलन और बुआ माला दौड़कर पहुंचे। हमलावरों ने उन दोनों पर भी वार कर दिया। 56 वर्षीय राम मिलन और विशाल के पैर, पेट, कंधे व शरीर के अन्य हिस्से पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। तीनों घायलों को सीएचसी कुदरहा ले जाया गया, जहां राम मिलन को मृत घोषित कर दिया गया। विशाल और उसकी बुआ को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। विशाल को रेफर कर मेडिकल कालेज लखनऊ भेजा गया है।
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इधर प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव के संपूर्ण बंजर जमीन की पैमाइश के लिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की थी, मगर पुलिस की कार्रवाई व स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पैमाइश टाल दी गई है।
एसडीएम सदर गुलाब चंद ने कहा कि गोसैसीपुर की घटना में सात आदेश किए गए है। इनमें आरोपियों पर एनएसए, गुंडा एक्ट व गैंगस्टर तामिल करने की संस्तुति की गई है। इसके अलावा तहसीलदार को घायल के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता के लिए मेडिकल कॉलेज लखनऊ से स्टीमेट मांगने, परिवार को पुलिस सुरक्षा देने, इस मामले में एक आरोपी पंचायत सहायक के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ जबकि कोटेदार के खिलाफ डीएसओ को कार्रवाई की संंस्तुति की गई है। इसके अलावा गांव के संपूर्ण बंजर जमीन की पैमाइश करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्य मंगलवार को होना था, मगर स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पैमाइश टाल दी गई है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
हत्याकांड में शामिल फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सिर्फ पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो पाई है। जबकि हरिशंकर, सूर्य प्रकाश उर्फ जगलर, रामदास, अंगद, चंदन, मनोज, राज, उदयशंकर उर्फ सोनू, राम नरेश, सचिंद्र, बदरे आलम निवासी गोसैसीपुर और 10-12 लोग नाम-पता अज्ञात पर हत्या, बलवा, हत्या का प्रयास, सेवन क्रिमिनल लॉ अमेडमेंट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। उनमें से मुख्य आरोपी हरिशंकर उर्फ रावण के अलावा मनोज, सूर्य प्रकाश उर्फ जगनरेश, वीरेंद्र कुमार और बदरे आलम निवासी गोसैसीपुर की गिरफ्तारी की जा चुकी है। एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
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पुलिस के अनुसार, गोसैसीपुर निवासी राम मिलन चौधरी का गांव के हरिशंकर उर्फ रावण आदि से जमीन के लिए लंबे समय से विवाद चल रहा है। राम मिलन के घर का प्लास्टर चल रहा है। 10 फरवरी को दोपहर मजदूरों के खाना खाने की छुट्टी होने पर राम मिलन, उनका बेटा विशाल और बहन माला घर पर मौजूद थीं। दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के 20-22 लोग कुल्हाड़ी, लाठी-डंडा, फरसा आदि लेकर पहुंच गए।
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बताया जा रहा है कि उन लोगों ने विशाल को दौड़ा लिया। फरसे से वार कर उसके पैर का हिस्सा कट गया। शोर सुनकर विशाल के पिता राम मिलन और बुआ माला दौड़कर पहुंचे। हमलावरों ने उन दोनों पर भी वार कर दिया। 56 वर्षीय राम मिलन और विशाल के पैर, पेट, कंधे व शरीर के अन्य हिस्से पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। तीनों घायलों को सीएचसी कुदरहा ले जाया गया, जहां राम मिलन को मृत घोषित कर दिया गया। विशाल और उसकी बुआ को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। विशाल को रेफर कर मेडिकल कालेज लखनऊ भेजा गया है।
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इधर प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव के संपूर्ण बंजर जमीन की पैमाइश के लिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की थी, मगर पुलिस की कार्रवाई व स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पैमाइश टाल दी गई है।
एसडीएम सदर गुलाब चंद ने कहा कि गोसैसीपुर की घटना में सात आदेश किए गए है। इनमें आरोपियों पर एनएसए, गुंडा एक्ट व गैंगस्टर तामिल करने की संस्तुति की गई है। इसके अलावा तहसीलदार को घायल के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता के लिए मेडिकल कॉलेज लखनऊ से स्टीमेट मांगने, परिवार को पुलिस सुरक्षा देने, इस मामले में एक आरोपी पंचायत सहायक के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ जबकि कोटेदार के खिलाफ डीएसओ को कार्रवाई की संंस्तुति की गई है। इसके अलावा गांव के संपूर्ण बंजर जमीन की पैमाइश करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्य मंगलवार को होना था, मगर स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पैमाइश टाल दी गई है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
हत्याकांड में शामिल फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सिर्फ पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो पाई है। जबकि हरिशंकर, सूर्य प्रकाश उर्फ जगलर, रामदास, अंगद, चंदन, मनोज, राज, उदयशंकर उर्फ सोनू, राम नरेश, सचिंद्र, बदरे आलम निवासी गोसैसीपुर और 10-12 लोग नाम-पता अज्ञात पर हत्या, बलवा, हत्या का प्रयास, सेवन क्रिमिनल लॉ अमेडमेंट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। उनमें से मुख्य आरोपी हरिशंकर उर्फ रावण के अलावा मनोज, सूर्य प्रकाश उर्फ जगनरेश, वीरेंद्र कुमार और बदरे आलम निवासी गोसैसीपुर की गिरफ्तारी की जा चुकी है। एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।