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बारिश न होने से राहत, गलन से निजात नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2016 12:27 AM IST
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बस्ती। बुधवार को भी ठंड के तेवर में कोई कमी नहीं आई। हालांकि बारिश तो
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नहीं हुई लेकिन, गलन बढ़ने से लोग ठिठुरने को मजबूर हुए। पारा लुढ़कने से
सुबह और शाम ढलते ही गलन के चलते कंपकंपी बढ़ गई। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन,
जिला अस्पताल में रोज की अपेक्षा भीड़ कम रही। लोग ठंड से बचने की जतन
करने में जुटे रहे। कई ट्रेने अपने नियत समय से विलंब से चल रही थीं।
मंगलवार को दिन भर हुई बारिश के बाद बुधवार की सुबह भी आकाश में बदली छायी रही। दिन में एक बार चंद पल के लिए सूरज ने बादलों की ओट से निकल कर लोगों में उम्मीद जगाई लेकिन फिर बादल के बीच छुप गए। इससे दिन भर गलन व ठंड अपने चरम पर रही।
यही कारण रहा कि लोगों घरोें से निकलने से परहेज किया। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल में इक्का-दुक्का लोगों की आवाजाही इसकी गवाही दे रही थी। जरूरत के हिसाब से जो घर से निकला भी वह जल्द से जल्द अपने मंजिल की ओर जाने की तेजी में दिखा। रेलवे स्टेशन पर दिन में अन्य दिनों की अपेक्षा यात्रियों की संख्या में काफी कमी रही।
प्लेटफार्म पर ऊनी कपड़ाें और कंबल आदि में लिपट कर लोग ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे। स्टेशन मास्टर अंजनी श्रीवास्तव ने बताया कि आज जननायक एक्सप्रेस, कोचीन, एलटीटी अपने नियत समय से करीब एक घंटे के विलंब से चल रही हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या रोज की अपेक्षा कम रही। डॉक्टर भी मरीजों को जल्दी परामर्श देकर निकलने की जल्दबाजी में थे।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ पीके चौधरी ने बताया कि मौसम के बदलते तेवर से बच्चों को बहुत बचाकर रखने की जरूरत है। यथासंभव उनको गर्म कपड़े पहना कर रखें। पानी को गुनगुना कर पिलाएं। बस स्टेशन पर यात्री टिनशेड के नीचे ठंड से कांपते दिखे। जैसे ही कोई बस डिपो में आकर खड़ी होती यात्री तेजी से अपने गंतव्य को जाने को बस में बैठने के लिए चल पड़ते थे।
कई जगहों पर अलाव जलवाए
नगर पालिका के ईओ डॉ आरपी श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में 28 स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे थे। बारिश व मंद हवाओं के चलते बढ़े गलन को देखते हुए नागरिकों की मांग के अनुरूप गांधीनगर सहित अन्य कई जगहों पर अतिरिक्त अलाव जलवाए जा रहे है। बताया कि वे स्वयं इसका निरीक्षण शाम को कर रहे हैं। अलाव व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को इसमें कतई शिथिलता न बरतने को कहा गया है।
मंगलवार को दिन भर हुई बारिश के बाद बुधवार की सुबह भी आकाश में बदली छायी रही। दिन में एक बार चंद पल के लिए सूरज ने बादलों की ओट से निकल कर लोगों में उम्मीद जगाई लेकिन फिर बादल के बीच छुप गए। इससे दिन भर गलन व ठंड अपने चरम पर रही।
यही कारण रहा कि लोगों घरोें से निकलने से परहेज किया। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल में इक्का-दुक्का लोगों की आवाजाही इसकी गवाही दे रही थी। जरूरत के हिसाब से जो घर से निकला भी वह जल्द से जल्द अपने मंजिल की ओर जाने की तेजी में दिखा। रेलवे स्टेशन पर दिन में अन्य दिनों की अपेक्षा यात्रियों की संख्या में काफी कमी रही।
प्लेटफार्म पर ऊनी कपड़ाें और कंबल आदि में लिपट कर लोग ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे। स्टेशन मास्टर अंजनी श्रीवास्तव ने बताया कि आज जननायक एक्सप्रेस, कोचीन, एलटीटी अपने नियत समय से करीब एक घंटे के विलंब से चल रही हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या रोज की अपेक्षा कम रही। डॉक्टर भी मरीजों को जल्दी परामर्श देकर निकलने की जल्दबाजी में थे।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ पीके चौधरी ने बताया कि मौसम के बदलते तेवर से बच्चों को बहुत बचाकर रखने की जरूरत है। यथासंभव उनको गर्म कपड़े पहना कर रखें। पानी को गुनगुना कर पिलाएं। बस स्टेशन पर यात्री टिनशेड के नीचे ठंड से कांपते दिखे। जैसे ही कोई बस डिपो में आकर खड़ी होती यात्री तेजी से अपने गंतव्य को जाने को बस में बैठने के लिए चल पड़ते थे।
कई जगहों पर अलाव जलवाए
नगर पालिका के ईओ डॉ आरपी श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में 28 स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे थे। बारिश व मंद हवाओं के चलते बढ़े गलन को देखते हुए नागरिकों की मांग के अनुरूप गांधीनगर सहित अन्य कई जगहों पर अतिरिक्त अलाव जलवाए जा रहे है। बताया कि वे स्वयं इसका निरीक्षण शाम को कर रहे हैं। अलाव व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को इसमें कतई शिथिलता न बरतने को कहा गया है।