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Basti News: खुले में रखे ट्रांसफार्मर, जमीन पर पड़ी हैं केबलें, बनी रहीं हादसों का कारण
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर में कई जगहों पर खुले में रखे गए ट्रांसफार्मर कभी भी हादसे की वजह बन सकते हैं। इनकी न तो घेरा बंदी की गई है, और न ही जाली लगाई गई है। ऊपर से मोहल्लों में झूलते तार हादसे की आशंका बढ़ा रहे हैं। समस्याओं को दूर करने की दिशा में अफसर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
शहर में ज्यादातर जगहों पर ट्रांसफार्मर को कवर करने का कार्य नहीं किया गया है। गनेशपुर की ओर से शहर में दाखिल होते ही मूड़घाट चौराहे पर सड़क किनारे ही 250 केवीए ट्रांसफार्मर खुले में रखा है। इसकी केबल भी जमीन पर अव्यवस्थित पड़ी है।
कटरा मोड़ पर चबूतरे पर रखे ट्रांसफार्मर के ठीक बगल फल विक्रेताओं की दुकानें सजी हैं। बड़ेवन चौराहे पर स्थित एक निजी होटल के बगल लगे ट्रांसफार्मर के आसपास कूड़ा फेंका जाता है। ब्लॉक रोड पर डॉ. रमेश की गली के सामने डबल खंभे पर रखे ट्रांसफार्मर की चपेट में कभी कोई राहगीर आ सकता है। गांधीनगर में पुलिस चौकी के सामने, एसबीआई, फैमिली मार्ग जलकल में लगे ट्रांसफार्मर भी खुले में रखे गए हैं। यही हाल पुरानी बस्ती के टफाली टोल, पठान टोल, खटीक टोला, चिकवा टोला, मेहतर टोला, बूधन मोहल्ला आदि का है।
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ट्रांसफार्मर की घेराबंदी के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अगले माह तक सभी को सुरक्षित कर लिया दिया जाएगा।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता
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सड़क के बीच लगे खंभे बन रहे रोड़ा
शहर से गनेशपुर दुबौला मार्ग का करीब सालभर पहले चौड़ीकरण कराया गया है। इसके बाद खंभे सड़क सीमा में आ गए हैं, लेकिन इन्हें हटवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यही हाल वाल्टरगंज-बभनान, देईसांड बानपुर आदि मार्गों का है। इन पर आए दिन कोई न कोई खंभे से टकराकर घायल हो रहा है। बनकटी के जगदीश चौधरी बानपुर मार्ग पर खंभे से टकराकर दिसबंर में घायल हो गए थे। वे बताते हैं कि शिकायत के बाद भी खंभों को हटाने का काम नहीं किया गया।
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विक्रमजोत में मर चुकी हैं दो बकरियां
विक्रमजोत कस्बे में वैष्णो देवी मंदिर के समीप खुले में रखे 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर की चपेट में आकर अगस्त 2020 में दो बकरियों की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर की घेराबंदी कराई थी।
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बस्ती। शहर में कई जगहों पर खुले में रखे गए ट्रांसफार्मर कभी भी हादसे की वजह बन सकते हैं। इनकी न तो घेरा बंदी की गई है, और न ही जाली लगाई गई है। ऊपर से मोहल्लों में झूलते तार हादसे की आशंका बढ़ा रहे हैं। समस्याओं को दूर करने की दिशा में अफसर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
शहर में ज्यादातर जगहों पर ट्रांसफार्मर को कवर करने का कार्य नहीं किया गया है। गनेशपुर की ओर से शहर में दाखिल होते ही मूड़घाट चौराहे पर सड़क किनारे ही 250 केवीए ट्रांसफार्मर खुले में रखा है। इसकी केबल भी जमीन पर अव्यवस्थित पड़ी है।
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कटरा मोड़ पर चबूतरे पर रखे ट्रांसफार्मर के ठीक बगल फल विक्रेताओं की दुकानें सजी हैं। बड़ेवन चौराहे पर स्थित एक निजी होटल के बगल लगे ट्रांसफार्मर के आसपास कूड़ा फेंका जाता है। ब्लॉक रोड पर डॉ. रमेश की गली के सामने डबल खंभे पर रखे ट्रांसफार्मर की चपेट में कभी कोई राहगीर आ सकता है। गांधीनगर में पुलिस चौकी के सामने, एसबीआई, फैमिली मार्ग जलकल में लगे ट्रांसफार्मर भी खुले में रखे गए हैं। यही हाल पुरानी बस्ती के टफाली टोल, पठान टोल, खटीक टोला, चिकवा टोला, मेहतर टोला, बूधन मोहल्ला आदि का है।
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ट्रांसफार्मर की घेराबंदी के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अगले माह तक सभी को सुरक्षित कर लिया दिया जाएगा।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता
सड़क के बीच लगे खंभे बन रहे रोड़ा
शहर से गनेशपुर दुबौला मार्ग का करीब सालभर पहले चौड़ीकरण कराया गया है। इसके बाद खंभे सड़क सीमा में आ गए हैं, लेकिन इन्हें हटवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यही हाल वाल्टरगंज-बभनान, देईसांड बानपुर आदि मार्गों का है। इन पर आए दिन कोई न कोई खंभे से टकराकर घायल हो रहा है। बनकटी के जगदीश चौधरी बानपुर मार्ग पर खंभे से टकराकर दिसबंर में घायल हो गए थे। वे बताते हैं कि शिकायत के बाद भी खंभों को हटाने का काम नहीं किया गया।
विक्रमजोत में मर चुकी हैं दो बकरियां
विक्रमजोत कस्बे में वैष्णो देवी मंदिर के समीप खुले में रखे 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर की चपेट में आकर अगस्त 2020 में दो बकरियों की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर की घेराबंदी कराई थी।