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मिक्सोपैथी के विरोध में निजी डॉक्टरों ने बंद रखा कामकाज
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परियोजना निदेशक को ज्ञापन देते निजी चिकित्सक।
- फोटो : BASTI
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मिक्सोपैथी के विरोध में निजी डॉक्टरों ने बंद रखा कामकाज
बस्ती। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने शुक्रवार को कामकाज बंद कर नई चिकित्सा शिक्षा नीति का विरोध किया। बाद में चिकित्सकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन पीडी आरपी सिंह को दिया।
सरकार की ओर से एलोपैथी चिकित्सा शिक्षा के साथ आयुष (आयुर्वेद, यूनानी होम्यापैथी) चिकित्सा शिक्षा को मिश्रित करने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने विरोध जताते हुए केवल इमरजेंसी सेवा दी। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की ओर से एलोपैथी चिकित्सा शिक्षा में खिचड़ी तंत्र लाने से हुनरमंद चिकित्सकों में कमी आएगी। सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन ने आध्यादेश के माध्यम से आयुष चिकित्सकों को 58 प्रकार के ऑपरेशन करने की इजाजत दे दी है, वह आम जनता के साथ धोखा है। क्योंकि जिस शिक्षा को आयुष चिकित्सकों ने पढ़ा ही नहीं हैं, उसके ऑपरेशन की अनुमति सिर्फ देश के मानव स्वास्थ्य के साथ एक खिलवाड़ होगा। आईएमए किसी भी पैथी का विरोध नहीं करती है, बल्कि सरकार से मांग करती है कि सभी पैथी को और अधिक विकसित एवं उच्च स्तर का बनाया जाए ताकि देश की जनता लाभान्वित हो सके। ज्ञापन देने वालों में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनिल श्रीवास्तव, सचिव डॉ. नवीन कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. पीके श्रीवास्तव, डॉ. अभिजात कुमार व डॉ. राशिद अहमद खान मौजूद रहे।
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बस्ती। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने शुक्रवार को कामकाज बंद कर नई चिकित्सा शिक्षा नीति का विरोध किया। बाद में चिकित्सकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन पीडी आरपी सिंह को दिया।
सरकार की ओर से एलोपैथी चिकित्सा शिक्षा के साथ आयुष (आयुर्वेद, यूनानी होम्यापैथी) चिकित्सा शिक्षा को मिश्रित करने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने विरोध जताते हुए केवल इमरजेंसी सेवा दी। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की ओर से एलोपैथी चिकित्सा शिक्षा में खिचड़ी तंत्र लाने से हुनरमंद चिकित्सकों में कमी आएगी। सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन ने आध्यादेश के माध्यम से आयुष चिकित्सकों को 58 प्रकार के ऑपरेशन करने की इजाजत दे दी है, वह आम जनता के साथ धोखा है। क्योंकि जिस शिक्षा को आयुष चिकित्सकों ने पढ़ा ही नहीं हैं, उसके ऑपरेशन की अनुमति सिर्फ देश के मानव स्वास्थ्य के साथ एक खिलवाड़ होगा। आईएमए किसी भी पैथी का विरोध नहीं करती है, बल्कि सरकार से मांग करती है कि सभी पैथी को और अधिक विकसित एवं उच्च स्तर का बनाया जाए ताकि देश की जनता लाभान्वित हो सके। ज्ञापन देने वालों में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनिल श्रीवास्तव, सचिव डॉ. नवीन कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. पीके श्रीवास्तव, डॉ. अभिजात कुमार व डॉ. राशिद अहमद खान मौजूद रहे।
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