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जेल प्रशासन को छका रहे पैरोल पर छूटे कैदी
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जेल प्रशासन को छका रहे पैरोल पर छूटे कैदी
अवधि पूरी फिर भी वापस नहीं लौटे 13 कैदी
पुलिस की मांगी गई मदद, दर्ज होगा मुकदमा
बस्ती। पैरोल पर छूटे 13 कैदियों ने शर्तों का उल्लंघन कर खुद को परेशानी में तो डाल ही लिया है, जेल प्रशासन की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कैदियों की वापसी के लिए जेल प्रशासन ने अब पुलिस से मदद मांगी है। जेल वापस नहीं आने वाले 13 कैदियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की भी तैयारी है। जेलर ने बताया कि अगर छोड़े गए कैदी जेल वापस नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होना तय है। भविष्य में उन्हें किसी तरह की ढील या पैरोल नहीं दी जाएगी।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सात साल तक की सजा काट रहे कैदियों को जिला कारागार से मई-जून में अलग-अलग तिथियों में 41 कैदियों को दो-दो महीने की विशेष पैरोल पर छोड़ा गया था। गाइडलाइन के अनुसार, अक्टूबर मध्य तक कैदियों को वापस आना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पैरोल पर रिहा किए गए 41 में से मात्र एक ही कैदी वापस आया है। शेष कैदी अब तक नहीं लौटे।
हालांकि 27 कैदियों की अवधि पूरी नहीं हुई है। नमें से तीन की अदालत से रिहाई का आदेश आ गया है। इस तरह इन 13 के बाद 24 कैदियों को जेल वापस आना है। जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पैरोल पर कुल 41 कैदी भेजे गए थे। कैदियों को वापस लाने की तमाम कोशिशों के बाद अब पुलिस से मदद मांगी गई है, जो सभी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजने का काम करेगी।
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अवधि पूरी फिर भी वापस नहीं लौटे 13 कैदी
पुलिस की मांगी गई मदद, दर्ज होगा मुकदमा
बस्ती। पैरोल पर छूटे 13 कैदियों ने शर्तों का उल्लंघन कर खुद को परेशानी में तो डाल ही लिया है, जेल प्रशासन की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कैदियों की वापसी के लिए जेल प्रशासन ने अब पुलिस से मदद मांगी है। जेल वापस नहीं आने वाले 13 कैदियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की भी तैयारी है। जेलर ने बताया कि अगर छोड़े गए कैदी जेल वापस नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होना तय है। भविष्य में उन्हें किसी तरह की ढील या पैरोल नहीं दी जाएगी।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सात साल तक की सजा काट रहे कैदियों को जिला कारागार से मई-जून में अलग-अलग तिथियों में 41 कैदियों को दो-दो महीने की विशेष पैरोल पर छोड़ा गया था। गाइडलाइन के अनुसार, अक्टूबर मध्य तक कैदियों को वापस आना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पैरोल पर रिहा किए गए 41 में से मात्र एक ही कैदी वापस आया है। शेष कैदी अब तक नहीं लौटे।
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हालांकि 27 कैदियों की अवधि पूरी नहीं हुई है। नमें से तीन की अदालत से रिहाई का आदेश आ गया है। इस तरह इन 13 के बाद 24 कैदियों को जेल वापस आना है। जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पैरोल पर कुल 41 कैदी भेजे गए थे। कैदियों को वापस लाने की तमाम कोशिशों के बाद अब पुलिस से मदद मांगी गई है, जो सभी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजने का काम करेगी।
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