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जहरीले कीड़े के डसने से कैदी की मौत
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जहरीले कीड़े के डसने से कैदी की मौत
बस्ती। जिला कारागार में बंद 42 वर्षीय कैदी राजकुमार की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार की सुबह उसे किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया था। उसे पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां हालत ज्यादा बिगड़ने पर जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया।
बलरामपुर के पचपेड़वा थाने के रमतलहा गांव निवासी राजकुमार को 15 दिसंबर 2006 को दुष्कर्म और हत्या के मामले में निरुद्ध किया गया था। ट्रायल के दौरान उसे 30 नवंबर 2009 को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। 26 अगस्त 2014 को उच्च न्यायालय ने मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया। वह 13 वर्षों से जिला जेल में बंद था। जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा।
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बस्ती। जिला कारागार में बंद 42 वर्षीय कैदी राजकुमार की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार की सुबह उसे किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया था। उसे पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां हालत ज्यादा बिगड़ने पर जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया।
बलरामपुर के पचपेड़वा थाने के रमतलहा गांव निवासी राजकुमार को 15 दिसंबर 2006 को दुष्कर्म और हत्या के मामले में निरुद्ध किया गया था। ट्रायल के दौरान उसे 30 नवंबर 2009 को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। 26 अगस्त 2014 को उच्च न्यायालय ने मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया। वह 13 वर्षों से जिला जेल में बंद था। जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा।
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