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जागरुकता से ही हो सकता है टीबी का खात्मा

Tue, 04 Jan 2022 11:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jan 2022 11:18 PM IST
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एएनएम टीसी में क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की प्रेस वार्ता कर जानकारी देते सीएमओ डॉ.चंद्रशेखर। ? - फोटो : BASTI
जागरुकता से ही हो सकता है टीबी का खात्मा
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विद्यालयों से लेकर गांव तक चलाया जाएगा अभियान
‘आजादी का अमृत महोत्सव आईकोनिक वीक ऑफ हेल्थ’ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जागरुकता के माध्यम से ही देश से वर्ष 2025 तक टीबी का खात्मा किया जा सकता है। स्कूल, कॉलेज, मदरसा, एनसीसी व एनएसएस के छात्र-छात्राओं के बीच जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्राम पंचायत स्तर तक बैठक कर लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव इलाज की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए आजादी के अमृत महोत्सव आईकोनिक वीक ऑफ हेल्थ के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी डीटीओ डॉ. एके मिश्रा ने दी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक देश से टीबी को समाप्त करने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव आईकोनिक वीक ऑफ हेल्थ के तहत तीन जनवरी से नौ जनवरी तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पांच व छह जनवरी को स्कूल/कॉलेज में गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। गोष्ठी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को टीबी रोग व उसकी गंभीरता के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। छात्र-छात्राओं को अपने परिवार व करीबी लोगों को जागरूक करने को कहा जाएगा। टीबी रोग की रोकथाम के लिए धर्म गुरुओं का भी सहारा लिया जाएगा। कार्यशाला आयोजित कर हर धर्म संप्रदाय के गुरुओं का टीबी विषय पर संवेदीकरण किया जाएगा। सात व आठ जनवरी को यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। नौ जनवरी को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में सामुदायिक बैठकें आयोजित कर लोगों को टीबी के बारे में जागरू करेंगे। नुक्कड़ नाटक, मैजिक शो व अन्य जागरुकता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक अखिलेश चतुर्वेदी, जिला पीपीएम समन्वयक मो. अब्दुल सईद व मो. सऊद, डीपीटीसी संदीप कुमार, मनोज कुमार बरनवाल, जगन्नाथ, गौहर अली, भूपेंद्र प्रसाद मिश्र, गोपाल जी पाठक सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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कोविड प्रोटोकॉल का कराया जाएगा पालन
डॉ. मिश्रा ने बताया कि जो भी जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, वहां पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जाएगा। कोविड के बढ़ते केस व ओमिक्रॉन की आशंका को देखते हुए सजगता बेहद जरूरी है। आयोजकों से कहा जा रहा है कि कार्यक्रम में शामिल होने वालों से मास्क लगाने को कहें, शारीरिक दूरी का पालन कराया जाए। कार्यक्रम स्थल पर सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था जरूर कराई जाए। अगर किसी में कोविड के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसकी तत्काल जांच कराएं।
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5100 मरीजों को किया गया है चिह्नित
उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में 5100 टीबी मरीजों को चिह्नित किया गया है। जिले की 14 टीबी यूनिट की मदद से इनकी निशुल्क जांच कर इलाज कराया जा रहा है। लगभग 87 प्रतिशत मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत टीबी मरीज को नि:क्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता भी दिया जा रहा है। मरीज को अपना आधार व करंट बैंक अकाउंट का विवरण देना होता है।
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