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Basti News: ग्रामीण क्षेत्रों में सुधरेगी बिजली व्यवस्था, ट्रांसफार्मरों की बढ़ाई जाएगी क्षमता
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गनेशपुर फीडर के चैनपुर गांव में लगा 25 केवीए का ओवरलोड ट्रांसफार्मर
बस्ती। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या से राहत दिलाने के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता की वृद्धि की जाएगी। इससे लोगों को लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी।
अभियंताओं ने विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधीन आने वाले क्षेत्रों के लिए वर्ष 2026-27 में 26 ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता की वृद्धि कराने की 80.4 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। इसमें 25 केवीए से लेकर 400 केवीए के ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में करीब 14 हजार ट्रांसफार्मर लगे हैं। इन ट्रांसफार्मरों से करीब साढ़े चार लाख उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति होती है। गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ता है।
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पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 200 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई थी। इसके बाद भी बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं। अब नए चालू सत्र में इन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होने से लोगों को भरपूर बिजली मिलेगी।
उपभोक्ताओं के अनुसार, जो पंखे रात में बिजली रहने पर भी रेंगते हैं वह तेज चलेंगे और हवा भी पर्याप्त मिलेगी। कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां, बिजली तो रहती है मगर लो-वोल्टेज की समस्या के चलते इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ठीक से चल नहीं पाते हैं। क्षमता वृद्धि से ऐसे उपकरणों के संचालन में समस्या नहीं आएगी।
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अभियंताओं ने विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधीन आने वाले क्षेत्रों के लिए वर्ष 2026-27 में 26 ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता की वृद्धि कराने की 80.4 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। इसमें 25 केवीए से लेकर 400 केवीए के ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
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शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में करीब 14 हजार ट्रांसफार्मर लगे हैं। इन ट्रांसफार्मरों से करीब साढ़े चार लाख उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति होती है। गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ता है।
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पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 200 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई थी। इसके बाद भी बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं। अब नए चालू सत्र में इन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होने से लोगों को भरपूर बिजली मिलेगी।
उपभोक्ताओं के अनुसार, जो पंखे रात में बिजली रहने पर भी रेंगते हैं वह तेज चलेंगे और हवा भी पर्याप्त मिलेगी। कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां, बिजली तो रहती है मगर लो-वोल्टेज की समस्या के चलते इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ठीक से चल नहीं पाते हैं। क्षमता वृद्धि से ऐसे उपकरणों के संचालन में समस्या नहीं आएगी।