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Basti News: अघोषित कटौती का संकट बरकरार, उमस भरी गर्मी में उपभोक्ता बेकरार
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बस्ती। बिजली की अघोषित कटौती का संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में पुरानी बस्ती व अमहट उपकेंद्र के उपभोक्ताओं को कटौती से राहत मिलती नहीं दिख रही है। विभाग ओवरलोडिंग व लोकल फाल्ट बताकर किनारा कर लेता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ जाता है।
बारिश के कारण चार से सात अगस्त तक मौसम खुशनुमा बना रहा तो बिजली कटौती भी लगभग थम गई। शनिवार को बादल छाए रहने और धूप के कारण लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। गर्मी शुरू होते ही शनिवार को अघोषित कटौती होती रही। हालात यह रहे कि शनिवार को सुबह सात से रात सात बजे तक करीब 19 बार कटौती की गई, जबकि पुरानी बस्ती क्षेत्र में 17 बार बिजली कटौती हुई। कमोबेश यही पॉलिटेक्निक और मालवीय रोड उपकेंद्र को छोड़कर गिदही, बड़ेवन से भी दिनभर कटौती का सिलसिला जारी रहा। कटौती के कारण उपभोक्ता और व्यवसायी गर्मी से परेशान रहे।
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नए उपकेंद्र बनाने का भी नहीं भेजा प्रस्ताव
ऊर्जा मंत्री ने बैठक में नए विद्युत उपकेंद्र का बनाने का प्रस्ताव मांगा था। संतकबीरनगर व सिद्धार्थनगर से पांच-पांच नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि बस्ती से एक भी प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। मुख्य अभियंता पीके सिंह ने बताया कि तीनों जिलों से प्रस्ताव मांगा गया था, जिसमें बस्ती ने एक भी प्रस्ताव नहीं दिया है। अन्य दोनों जिलों से 10 गए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव मिला है। इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा दिया गया है।
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ग्रिड में भरपूर बिजली, नहीं की जा रही कटौती
बिजली कटौती को लेकर जब हमने पड़ताल की तो पता चला कि 220 केवी बिजली घर गिदही से शहरी 33 उपकेंद्र को 24 घंटे बिजली दी जा रही है। अधीक्षण अभियंता ट्रांसमिशन घनश्याम मिश्र ने बताया कि ग्रिड में भरपूर बिजली है। हमारे यहां से कोई कटौती नहीं की जा रही है। ट्रांसमिशन से शहर को 24 और ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे बिजली दी जा रही है।
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दिनभर शहर में सीढ़ी लेकर दौड़ते रहते हैं लाइनमैन
कटौती का कारण कुछ भी हो, लेकिन शहर में लाइनमैन दिन भर सीढ़ी लादे दौड़ते रहते हैं। विभाग अघोषित कटौती से इन्कार करता रहता है, लेकिन लाइनमैन और सीढ़ी देखकर लगता है कि आपूर्ति के लिए स्थापित संसाधनों को दुरुस्त करने में कहीं न कहीं लापरवाही की जा रही है।
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पुराने संसाधनों को बदलने का काम शुरू हो गया है। नई बाजार में कंक्डर बदले गए हैं। अन्य जगहों पर भी काम चल रहा है। लोकल फाल्ट के कारण ही कटौती हो रही है। जल्द ही उपभोक्ताओं को इससे राहत मिल जाएगी।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय।
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बारिश के कारण चार से सात अगस्त तक मौसम खुशनुमा बना रहा तो बिजली कटौती भी लगभग थम गई। शनिवार को बादल छाए रहने और धूप के कारण लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। गर्मी शुरू होते ही शनिवार को अघोषित कटौती होती रही। हालात यह रहे कि शनिवार को सुबह सात से रात सात बजे तक करीब 19 बार कटौती की गई, जबकि पुरानी बस्ती क्षेत्र में 17 बार बिजली कटौती हुई। कमोबेश यही पॉलिटेक्निक और मालवीय रोड उपकेंद्र को छोड़कर गिदही, बड़ेवन से भी दिनभर कटौती का सिलसिला जारी रहा। कटौती के कारण उपभोक्ता और व्यवसायी गर्मी से परेशान रहे।
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नए उपकेंद्र बनाने का भी नहीं भेजा प्रस्ताव
ऊर्जा मंत्री ने बैठक में नए विद्युत उपकेंद्र का बनाने का प्रस्ताव मांगा था। संतकबीरनगर व सिद्धार्थनगर से पांच-पांच नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि बस्ती से एक भी प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। मुख्य अभियंता पीके सिंह ने बताया कि तीनों जिलों से प्रस्ताव मांगा गया था, जिसमें बस्ती ने एक भी प्रस्ताव नहीं दिया है। अन्य दोनों जिलों से 10 गए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव मिला है। इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा दिया गया है।
ग्रिड में भरपूर बिजली, नहीं की जा रही कटौती
बिजली कटौती को लेकर जब हमने पड़ताल की तो पता चला कि 220 केवी बिजली घर गिदही से शहरी 33 उपकेंद्र को 24 घंटे बिजली दी जा रही है। अधीक्षण अभियंता ट्रांसमिशन घनश्याम मिश्र ने बताया कि ग्रिड में भरपूर बिजली है। हमारे यहां से कोई कटौती नहीं की जा रही है। ट्रांसमिशन से शहर को 24 और ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे बिजली दी जा रही है।
दिनभर शहर में सीढ़ी लेकर दौड़ते रहते हैं लाइनमैन
कटौती का कारण कुछ भी हो, लेकिन शहर में लाइनमैन दिन भर सीढ़ी लादे दौड़ते रहते हैं। विभाग अघोषित कटौती से इन्कार करता रहता है, लेकिन लाइनमैन और सीढ़ी देखकर लगता है कि आपूर्ति के लिए स्थापित संसाधनों को दुरुस्त करने में कहीं न कहीं लापरवाही की जा रही है।
पुराने संसाधनों को बदलने का काम शुरू हो गया है। नई बाजार में कंक्डर बदले गए हैं। अन्य जगहों पर भी काम चल रहा है। लोकल फाल्ट के कारण ही कटौती हो रही है। जल्द ही उपभोक्ताओं को इससे राहत मिल जाएगी।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय।