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पुलिस की चंगुल में तमंचा देने वाला भोलू
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पुलिस की चंगुल में तमंचा देने वाला भालू
बस्ती। बहुचर्चित कबीर तिवारी हत्याकांड में तमंचा मुहैया कराने का आरोपी भोलू गुप्ता पुलिस के जाल में फंस गया। पूछताछ में उसकी तमाम काली करतूतें उजागर हुईं हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि शनिवार को पुलिस उसे न्यायालय में प्रस्तुत करेगी।
एसपी हेमराज मीणा ने इस बाबत गोलमोल जवाब देते हुए उसे पूर्वांचल का कुख्यात असलहा तस्कर बताया। कहा कि घटना के बाद भी वह लगातार अपनी गतिविधियों को संचालित करता रहा। संतकबीरनगर व गोरखपुर की क्राइम ब्रांच भी उसके पीछे लगी है। नौ अक्तूबर को एपीएनपीजी कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कबीर तिवारी की हत्या के कुछ ही देर बाद पकड़े गए दोनों शूटरों अभय तिवारी और अनुराग ने तत्कालीन एसपी के सामने भोलू गुप्ता का नाम कबूला था। फुटेज में शूटरों ने साफ बताया है कि भोलू ा ने उन्हें दो 315 बोर और एक पिस्टल दिए। एसपी ने उनसे इसका पता ठिकाना भी पूछा तो वे यह कहकर टाल गए थे कि भोलू ही उनसे संपर्क करता था। कहा था कि उसने 20 हजार रुपये लेकर उसे रंजीत चौराहे की एक चाय की दुकान पर तमंचे दिए थे। पुलिस तभी से उसे पकड़ने की कोशिश कर रही थी। पुलिस की नजदीकी और गहरी पैठ का फायदा उठाकर वह चकमा देता रहा। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने काफी ज्यादा दबाव बढ़ाया तो भोलू डर गया। बचाव में उसने जो भी कदम उठाया, उसका फायदा उठाकर पुलिस घेरती रही।
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लॉकअप से भाग चुका है
संतकबीरनगर जिले के बखिरा थानाक्षेत्र में नाबालिग बालिका के गैंगरेप के मामले में भोलू गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। एसपी हेमराज मीणा उस वक्त संतकबीरनगर के एसपी थे। वह खुद बताते हैं कि गोरखपुर के एक हिस्ट्रीशीटर के साथ इसे बखिरा थाने के लॉकअप में रखा गया था। रात को रोशनदान तोड़कर दोनों भाग निकले। भोलू बखिरा से पैदल बांसगांव पहुंच गया था। बाद में काफी मशक्कत के बाद पकड़ा गया था।
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बस्ती। बहुचर्चित कबीर तिवारी हत्याकांड में तमंचा मुहैया कराने का आरोपी भोलू गुप्ता पुलिस के जाल में फंस गया। पूछताछ में उसकी तमाम काली करतूतें उजागर हुईं हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि शनिवार को पुलिस उसे न्यायालय में प्रस्तुत करेगी।
एसपी हेमराज मीणा ने इस बाबत गोलमोल जवाब देते हुए उसे पूर्वांचल का कुख्यात असलहा तस्कर बताया। कहा कि घटना के बाद भी वह लगातार अपनी गतिविधियों को संचालित करता रहा। संतकबीरनगर व गोरखपुर की क्राइम ब्रांच भी उसके पीछे लगी है। नौ अक्तूबर को एपीएनपीजी कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कबीर तिवारी की हत्या के कुछ ही देर बाद पकड़े गए दोनों शूटरों अभय तिवारी और अनुराग ने तत्कालीन एसपी के सामने भोलू गुप्ता का नाम कबूला था। फुटेज में शूटरों ने साफ बताया है कि भोलू ा ने उन्हें दो 315 बोर और एक पिस्टल दिए। एसपी ने उनसे इसका पता ठिकाना भी पूछा तो वे यह कहकर टाल गए थे कि भोलू ही उनसे संपर्क करता था। कहा था कि उसने 20 हजार रुपये लेकर उसे रंजीत चौराहे की एक चाय की दुकान पर तमंचे दिए थे। पुलिस तभी से उसे पकड़ने की कोशिश कर रही थी। पुलिस की नजदीकी और गहरी पैठ का फायदा उठाकर वह चकमा देता रहा। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने काफी ज्यादा दबाव बढ़ाया तो भोलू डर गया। बचाव में उसने जो भी कदम उठाया, उसका फायदा उठाकर पुलिस घेरती रही।
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लॉकअप से भाग चुका है
संतकबीरनगर जिले के बखिरा थानाक्षेत्र में नाबालिग बालिका के गैंगरेप के मामले में भोलू गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। एसपी हेमराज मीणा उस वक्त संतकबीरनगर के एसपी थे। वह खुद बताते हैं कि गोरखपुर के एक हिस्ट्रीशीटर के साथ इसे बखिरा थाने के लॉकअप में रखा गया था। रात को रोशनदान तोड़कर दोनों भाग निकले। भोलू बखिरा से पैदल बांसगांव पहुंच गया था। बाद में काफी मशक्कत के बाद पकड़ा गया था।
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