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Basti News: पुलिस ने तहरीर में नहीं लिखने दिया... घर में हुई है लूटपाट
Mon, 29 May 2023 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 29 May 2023 12:34 AM IST
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घर में लूटपाट और मां की हत्या के बाद दरवाजे पर बिलखती बेटियां व अन्य
गायघाट(बस्ती)। कलवारी थाना क्षेत्र के रामपुर की घटना को पुलिस घुमा-फिराकर पेश कर रही है। अधिकारियों के पहुंचने से पहले घर में बिखरे सामान को फिर से यथावत रखवाया गया। जमीन पर पसरा खून और गले में कसने के निशान होने के बावजूद बता दिया कि चोट के कोई निशान नहीं हैं। तहरीर में सामान गायब होने की बात को नहीं लिखने दिया। थाने पर कहा गया कि पहले हत्या की बात लिखो। फिर हम लोग जांच करेंगे, जो आएगा तब देखा जाएगा। ऐसा मृतका की बेटियों का आरोप है। वहीं, एसओ आलोक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जो तहरीर मिली, उस हिसाब से केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। जो सच्चाई सामने आएगी, उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में हुए 75 वर्षीय बासमती निषाद हत्याकांड में दूसरे दिन रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ है। मृतका की सातों बेटियां आशा, उर्मिला, कांति, ममता, सुषमा, डाली, सोनिया और बेटा श्याम सुंदर घर आ चुके हैं। घर पर पहुंच रहे लोग उन सभी को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं। बेटियां यह कहकर रो पड़ती हैं कि उनकी वृद्ध मां की बड़ी बेरहमी से हत्या कर घर में लूटपाट की गई है, लेकिन पुलिस इतनी संवेदनहीन हो गई है कि घटना के बाद आला अधिकारियों के पहुंचने से पहले घर में बिखरा सामान डांट कर अलमारी में रखवा दिया। जब मामला थाने पर दर्ज कराने गई तो पुलिस ने यह कहते हुए मामले को टाल दिया कि अभी हत्या का मुकदमा दर्ज हो जाएगा। चोरी का मामला बाद में देखा जाएगा।
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घटना को लेकर बेटियों की आशंका
- मृतका की बेटी सोनिया ने बताया कि घटना के एक दिन पहले रात नौ बजे वीडियो कॉल की थी। घटना के दिन मौके पर पहुंची तो देखा कि मां के सिर और नाक से खून निकल रहा था। गले और पेट पर कटे के निशान थे। मां किचन में मृत अवस्था में पड़ी थी। सोनिया ने यह भी बताया कि मां बातचीत करने पड़ोसी फिरतू के यहां जाती थी। बातचीत के दौरान मां ने यह बताया था कि घर का मेन गेट बंद करना भूल गई है। सोनिया ने बताया कि मोबाइल पर बात करने के बाद मां मेन गेट में अंदर से ताला लगाकर पहले किचन में गई होगी। खटपट की आवाज सुनकर दूसरे तल पर गई होगी। क्योंकि मां और भाभी के कमरे का ताला टूटा और सामान बिखरा हुआ है। संभवत: मां के आने के पूर्व हत्यारा पहले ही घर में दाखिल होकर छत पर पहुंच गया था।
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बकरी बेचकर घर में मां के रखे बीस हजार रुपये के अलावा मोटा कड़ा, पछेला, चार लड़ी की माला, चांदी का छल्ला, पायल, सोने का नाश्ता सहित अन्य जेवर गायब हैं। मां और भाभी के कमरे का टूट ताला फर्श पर गिरा था। घर की सारी चाबियां सीढ़ी पर पड़ी थीं। नीचे किचन में जहां मां की लाश थी, वहां अब भी खून का थक्का जमा हुआ है। लोगों का कहना है कि कि मरने से पहले बासमती ने संघर्ष किया होगा।
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पड़ोसियों से थे मधुर संबंध
- पड़ोसी लक्ष्मण प्रसाद, बैजनाथ, झीनक और गब्बूलाल आदि ने बताया कि मृतका बासमती सीधे स्वभाव की महिला थीं। मोहल्ले में सभी लोगों से उनका बहुत मधुर संबंध था। किसी प्रकार का उनसे जमीन-जायदाद या अन्य लेनदेन का कोई विवाद नहीं था। मृतका दिन भर बकरी चराती थीं और शाम को घर में रहती थीं। मृतका के पति की 14 साल पहले मौत हो गई थी। तब से वह घर में अकेली रहती थी। लोगों ने आशंका जताई कि बासमती की हत्या पैसे और जेवर को लेकर हुई होगी।
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बेटा कह रहा था दिल्ली चलो, पर नहीं गई
- दिल्ली से घर लौटे मृतका के बेटे श्याम सुंदर ने बताया कि वह बहुत पहले से मां को कह रहा था कि दिल्ली चलो। मगर वह कहती थी कि जब तक हाथ-पांव चल रहा है तब तक यहीं रहूंगी। उसने आठ-दस बकरियां पाल रखी थी। दिन भर उन्हें चराती थी। दो बकरियां बेची थी। उसके पैसे घर में रखे थे। कुछ रुपये उसने भी दिल्ली से भेजे थे। संदेह है कि रुपयों के लिए ही उसकी हत्या की गई। कुछ लोग कह रहे हैं कि सीढ़ी से गिरी होगी, लेकिन यदि सीढ़ी से गिरती तो कोई हड्डी जरूर टूटती या एक-दो जगह चोट लगती। लोगों ने बताया कि जीभ बाहर निकली हुई थी। गले में रस्सी कसने का निशान था। ऐसा कैसे हो सकता है।
पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत की पुष्टि
- रामपुर की बासमती के शव के पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत की पुष्टि हो गई है। उसके गले बाएं तरफ का स्विचर टूटा हुआ पाया गया। हड्डी धंसने की वजह से खून के थक्के जम गए थे। सिर में 30 सेंटीमीटर दाहिने तरफ चोट पाई गई है। घर में 12 घंटे से अधिक समय तक शव पड़ा रहने के कारण सीने, पीठ व चेहरे पर चींटियों के काटने के निशान भी पाए गए हैं। रिपोर्ट के हिसाब से ऐसा लग रहा है जैसे उसे पहले धकेल दिया गया हो। सिर के बल गिरने के बाद गला दबाकर दिया गया।
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थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में हुए 75 वर्षीय बासमती निषाद हत्याकांड में दूसरे दिन रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ है। मृतका की सातों बेटियां आशा, उर्मिला, कांति, ममता, सुषमा, डाली, सोनिया और बेटा श्याम सुंदर घर आ चुके हैं। घर पर पहुंच रहे लोग उन सभी को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं। बेटियां यह कहकर रो पड़ती हैं कि उनकी वृद्ध मां की बड़ी बेरहमी से हत्या कर घर में लूटपाट की गई है, लेकिन पुलिस इतनी संवेदनहीन हो गई है कि घटना के बाद आला अधिकारियों के पहुंचने से पहले घर में बिखरा सामान डांट कर अलमारी में रखवा दिया। जब मामला थाने पर दर्ज कराने गई तो पुलिस ने यह कहते हुए मामले को टाल दिया कि अभी हत्या का मुकदमा दर्ज हो जाएगा। चोरी का मामला बाद में देखा जाएगा।
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घटना को लेकर बेटियों की आशंका
- मृतका की बेटी सोनिया ने बताया कि घटना के एक दिन पहले रात नौ बजे वीडियो कॉल की थी। घटना के दिन मौके पर पहुंची तो देखा कि मां के सिर और नाक से खून निकल रहा था। गले और पेट पर कटे के निशान थे। मां किचन में मृत अवस्था में पड़ी थी। सोनिया ने यह भी बताया कि मां बातचीत करने पड़ोसी फिरतू के यहां जाती थी। बातचीत के दौरान मां ने यह बताया था कि घर का मेन गेट बंद करना भूल गई है। सोनिया ने बताया कि मोबाइल पर बात करने के बाद मां मेन गेट में अंदर से ताला लगाकर पहले किचन में गई होगी। खटपट की आवाज सुनकर दूसरे तल पर गई होगी। क्योंकि मां और भाभी के कमरे का ताला टूटा और सामान बिखरा हुआ है। संभवत: मां के आने के पूर्व हत्यारा पहले ही घर में दाखिल होकर छत पर पहुंच गया था।
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पड़ोसियों से थे मधुर संबंध
- पड़ोसी लक्ष्मण प्रसाद, बैजनाथ, झीनक और गब्बूलाल आदि ने बताया कि मृतका बासमती सीधे स्वभाव की महिला थीं। मोहल्ले में सभी लोगों से उनका बहुत मधुर संबंध था। किसी प्रकार का उनसे जमीन-जायदाद या अन्य लेनदेन का कोई विवाद नहीं था। मृतका दिन भर बकरी चराती थीं और शाम को घर में रहती थीं। मृतका के पति की 14 साल पहले मौत हो गई थी। तब से वह घर में अकेली रहती थी। लोगों ने आशंका जताई कि बासमती की हत्या पैसे और जेवर को लेकर हुई होगी।
बेटा कह रहा था दिल्ली चलो, पर नहीं गई
- दिल्ली से घर लौटे मृतका के बेटे श्याम सुंदर ने बताया कि वह बहुत पहले से मां को कह रहा था कि दिल्ली चलो। मगर वह कहती थी कि जब तक हाथ-पांव चल रहा है तब तक यहीं रहूंगी। उसने आठ-दस बकरियां पाल रखी थी। दिन भर उन्हें चराती थी। दो बकरियां बेची थी। उसके पैसे घर में रखे थे। कुछ रुपये उसने भी दिल्ली से भेजे थे। संदेह है कि रुपयों के लिए ही उसकी हत्या की गई। कुछ लोग कह रहे हैं कि सीढ़ी से गिरी होगी, लेकिन यदि सीढ़ी से गिरती तो कोई हड्डी जरूर टूटती या एक-दो जगह चोट लगती। लोगों ने बताया कि जीभ बाहर निकली हुई थी। गले में रस्सी कसने का निशान था। ऐसा कैसे हो सकता है।
पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत की पुष्टि
- रामपुर की बासमती के शव के पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत की पुष्टि हो गई है। उसके गले बाएं तरफ का स्विचर टूटा हुआ पाया गया। हड्डी धंसने की वजह से खून के थक्के जम गए थे। सिर में 30 सेंटीमीटर दाहिने तरफ चोट पाई गई है। घर में 12 घंटे से अधिक समय तक शव पड़ा रहने के कारण सीने, पीठ व चेहरे पर चींटियों के काटने के निशान भी पाए गए हैं। रिपोर्ट के हिसाब से ऐसा लग रहा है जैसे उसे पहले धकेल दिया गया हो। सिर के बल गिरने के बाद गला दबाकर दिया गया।

घर में लूटपाट और मां की हत्या के बाद दरवाजे पर बिलखती बेटियां व अन्य