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Basti News: अमरमणि केस में पुलिस को फिर मिली 15 दिन की मोहलत
Thu, 22 Aug 2024 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 22 Aug 2024 01:11 AM IST
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संपत्तियों को कुर्क करने का मामला
पिछली सुनवाई के दौरान भी मांगी गई थी मोहलत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के व्यवसायी पुत्र के अपहरण केस में फरार पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्क करने के मामले की बुधवार को सुनवाई की गई। इसमें एक बार फिर पुलिस ने लखनऊ निबंधन कार्यालय से आख्या उपलब्ध न हो पाने की दलील देते हुए मोहलत मांगी, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने एक बार फिर 15 दिन की मोहलत दे दी। अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी।
विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में कोतवाली पुलिस की तरफ से रिपोर्ट पेश की गई है कि निबंधन कार्यालय लखनऊ और नगर निगम गोरखपुर से अभी आख्या प्राप्त नहीं है। इसलिए कुछ और मोहलत दी जाए। पिछली सुनवाई के दौरान पांच अगस्त को भी कुछ इसी तरह की रिपोर्ट दी गई थी कि गैंगस्टर अधिनियम व अपहरण आदि धाराओं में नामजद अमरमणि त्रिपाठी की लखनऊ के विपुल खंड गोमतीनगर में दो संपत्तियाें के बारे में उप जिलाधिकारी सदर गोमतीनगर से 24 जून और 18 जुलाई को पत्राचार किया गया था। इसका अभी प्रति उत्तर नहीं मिला है।
इसी तरह, गोरखपुर विकास प्राधिकरण से भी संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। प्राधिकरण के सचिव ने पांच जुलाई को अपने पत्र के माध्यम से बताया कि उनके द्वारा भवन मानचित्र प्राप्त करने के लिए पत्राचार किया गया था। उसका भी जवाब अभी नहीं आया है। ऐसे में दोनों जानकारी उपलब्ध होने पर शीघ्र ही उस संपत्ति की कुर्की कर ली जाएगी। पुलिस की इस रिपोर्ट को संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने पांच सितंबर तक कुर्की कुलिंदा प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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पिछली सुनवाई के दौरान भी मांगी गई थी मोहलत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के व्यवसायी पुत्र के अपहरण केस में फरार पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्क करने के मामले की बुधवार को सुनवाई की गई। इसमें एक बार फिर पुलिस ने लखनऊ निबंधन कार्यालय से आख्या उपलब्ध न हो पाने की दलील देते हुए मोहलत मांगी, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने एक बार फिर 15 दिन की मोहलत दे दी। अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी।
विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में कोतवाली पुलिस की तरफ से रिपोर्ट पेश की गई है कि निबंधन कार्यालय लखनऊ और नगर निगम गोरखपुर से अभी आख्या प्राप्त नहीं है। इसलिए कुछ और मोहलत दी जाए। पिछली सुनवाई के दौरान पांच अगस्त को भी कुछ इसी तरह की रिपोर्ट दी गई थी कि गैंगस्टर अधिनियम व अपहरण आदि धाराओं में नामजद अमरमणि त्रिपाठी की लखनऊ के विपुल खंड गोमतीनगर में दो संपत्तियाें के बारे में उप जिलाधिकारी सदर गोमतीनगर से 24 जून और 18 जुलाई को पत्राचार किया गया था। इसका अभी प्रति उत्तर नहीं मिला है।
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इसी तरह, गोरखपुर विकास प्राधिकरण से भी संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। प्राधिकरण के सचिव ने पांच जुलाई को अपने पत्र के माध्यम से बताया कि उनके द्वारा भवन मानचित्र प्राप्त करने के लिए पत्राचार किया गया था। उसका भी जवाब अभी नहीं आया है। ऐसे में दोनों जानकारी उपलब्ध होने पर शीघ्र ही उस संपत्ति की कुर्की कर ली जाएगी। पुलिस की इस रिपोर्ट को संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने पांच सितंबर तक कुर्की कुलिंदा प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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