{"_id":"65678dfc30a2727a7a0517f5","slug":"pipa-bridge-not-installed-on-saryu-river-bank-people-are-crossing-the-river-by-boat-risking-their-lives-basti-news-c-208-1-sgkp1013-13929-2023-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: सरयू नदी तट पर नहीं लगा पीपा पुल, जान जोखिम में डाल नाव से नदी पार कर रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: सरयू नदी तट पर नहीं लगा पीपा पुल, जान जोखिम में डाल नाव से नदी पार कर रहे लोग
Thu, 30 Nov 2023 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 30 Nov 2023 12:46 AM IST
विज्ञापन
बरहज। सरयू नदी तट पर पीपा पुल नहीं लगने से लोग जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार कर रहे हैं। इससे लोगों में नाराजगी है। पीपा पुल 15 नवंबर तक लग जाना चाहिए। पर अभी तक पीडब्ल्यूडी इसे लेकर सक्रिय नहीं हुआ है। पिछले वर्ष करीब 15 दिनों तक ही पीपा पुल से संचलन हो सका था।
मोहन सेतु के अधर में होने के कारण नदी पर प्रत्येक वर्ष लोक निर्माण विभाग की ओर से पीपा पुल लगाया जाता है। पीपा पुल निर्माण कार्य शुरू न होने से लोग जान जोखिम में डालकर नाव से आवागमन कर रहे हैं। सरयू नदी के रास्ते रोजाना दियारा क्षेत्र के दर्जनों गांवाें और गैर जनपद के लोगों की आवाजाही होती है। पीडब्ल्यूडी की ओर से 15 नवंबर से 15 जून तक पीपा पुल से संचलन की व्यवस्था की जाती है। हर वर्ष पीपा पुल देर से लगाया जाता है। विभागीय कर्मी सीमित संसाधनों और नदी के पाट के चौड़ा होने का रोना राेते हैं। दियारा के छोटेलाल, ओमप्रकाश यादव, संजय यादव और मुखलाल आदि का कहना है कि हर वर्ष विभाग की ओर से छह माह तक पीपा पुल से संचलन कराने का प्रावधान है, लेकिन विभाग द्वारा समय पर पीपा पुल नहीं लगाया जाता है।
400 मीटर लंबे पाट पर विभाग लगाता है पीपा पुल, संसाधनों का है टोटा
बरहज। सरयू नदी तट पर पीडब्ल्यूडी की ओर से पीपा पुल लगाया जाता है। प्रत्येक वर्ष विभाग 400 मीटर नदी के चौड़े पाट पर 80 पांटून, 2500 चक्र प्लेट, 5000 स्लीपर आदि की मदद से पीपा पुल तैयार किया जाता है। कम दूरी होने के कारण नदी के रास्ते परसियां-विशुनपुर देवार के 52 टोलों के अलावा मधुबन, मऊ, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़ आदि जनपदों के लिए लोग यात्रा करते हैं।
विज्ञापन
पीपा पुल से संचलन के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करा ली गई है। नदी का जलस्तर घटते ही आवागमन सुलभ करा दिया जाएगा।
-आरके सिंह एक्सईएन पीडब्ल्यूडी देवरिया
विज्ञापन
मोहन सेतु के अधर में होने के कारण नदी पर प्रत्येक वर्ष लोक निर्माण विभाग की ओर से पीपा पुल लगाया जाता है। पीपा पुल निर्माण कार्य शुरू न होने से लोग जान जोखिम में डालकर नाव से आवागमन कर रहे हैं। सरयू नदी के रास्ते रोजाना दियारा क्षेत्र के दर्जनों गांवाें और गैर जनपद के लोगों की आवाजाही होती है। पीडब्ल्यूडी की ओर से 15 नवंबर से 15 जून तक पीपा पुल से संचलन की व्यवस्था की जाती है। हर वर्ष पीपा पुल देर से लगाया जाता है। विभागीय कर्मी सीमित संसाधनों और नदी के पाट के चौड़ा होने का रोना राेते हैं। दियारा के छोटेलाल, ओमप्रकाश यादव, संजय यादव और मुखलाल आदि का कहना है कि हर वर्ष विभाग की ओर से छह माह तक पीपा पुल से संचलन कराने का प्रावधान है, लेकिन विभाग द्वारा समय पर पीपा पुल नहीं लगाया जाता है।
विज्ञापन
400 मीटर लंबे पाट पर विभाग लगाता है पीपा पुल, संसाधनों का है टोटा
बरहज। सरयू नदी तट पर पीडब्ल्यूडी की ओर से पीपा पुल लगाया जाता है। प्रत्येक वर्ष विभाग 400 मीटर नदी के चौड़े पाट पर 80 पांटून, 2500 चक्र प्लेट, 5000 स्लीपर आदि की मदद से पीपा पुल तैयार किया जाता है। कम दूरी होने के कारण नदी के रास्ते परसियां-विशुनपुर देवार के 52 टोलों के अलावा मधुबन, मऊ, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़ आदि जनपदों के लिए लोग यात्रा करते हैं।
विज्ञापन
पीपा पुल से संचलन के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करा ली गई है। नदी का जलस्तर घटते ही आवागमन सुलभ करा दिया जाएगा।
-आरके सिंह एक्सईएन पीडब्ल्यूडी देवरिया