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मालवीय मार्ग का नाला बना मुसीबत
अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती।
Updated Thu, 23 Feb 2017 11:47 PM IST
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मौरंग और गिट्टी से दुकानदारों ने नाले पर कब्जा कर लिया है।
- फोटो : Amar Ujala
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नगर पालिका की ओर से मालवीय मार्ग पर करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाया गया नाला बेमतलब साबित हो रहा है। इसका कारण सड़क किनारे रखे गए बालू, मोरंग के अलावा कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान इसमें कूड़े डाल रहे हैं। हालांकि नगर पालिका प्रशासन सफाई के नाम पर हर वर्ष हजारों रुपये खर्च करता है, मगर परिणाम शून्य है।
मालवीय मार्ग पर एक दर्जन से अधिक बालू, मोरंग की दुकानों के अलावा वाहन धुलने, वाहनों की मरम्मत करने आदि की दुकानें हैं। बालू मोरंग तो व्यवसायी नालों पर ही गिरा देते हैं, जिससे जगह-जगह बहाव को अवरुद्ध है। पानी रुकने के कारण नालियां उफना गई हैं। ऐसे में घरों से निकलने वाला पानी लोगों के लिए मुसीबत पैदा कर रहा है। रौता चौराहा के शक्तिनगर निवासी पप्पू चौधरी कहते हैं कि नाले में निकास बाधित है। इसे दूर करने का प्रयास पालिका प्रशासन नहीं कर रहा है। नतीजतन स्थिति विकट होती जा रही है। मालवीय रोड निवासी मुरारी शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि नालों के अधूूरे निर्माण ने वैसे ही मुसीबत पैदा कर दी है। उस पर अतिक्रमणकारियों ने इसे जगह-जगह पाट कब्जा जमा लिया है, जिससे पानी का निकास ठप है।
गृहणी रेनू सिंह कहती हैं कि व्यवस्थागत खामियों के चलते नाला व नगर पालिका की जमीनों पर अतिक्रमणकारी कब्जा जमाए हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बहाव रुकने से नाला ओवरफ्लो है, जिससे मच्छर तो बढ़ ही रहे हैं, गलियों में नाक बंद कर गुजरना मजबूरी बन गई है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. आरपी श्रीवास्तव ने कहा कि नाला सफाई का कार्य कुछ दिन पूर्व ही कराया गया था, मगर फिर से वह जाम हो गया है। चुनाव बाद टीम लगाकर इसे साफ करा दिया जाएगा। नागरिक सुविधाएं बेहतर हों, इसका प्रयास किया जा रहा है।
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मालवीय मार्ग पर एक दर्जन से अधिक बालू, मोरंग की दुकानों के अलावा वाहन धुलने, वाहनों की मरम्मत करने आदि की दुकानें हैं। बालू मोरंग तो व्यवसायी नालों पर ही गिरा देते हैं, जिससे जगह-जगह बहाव को अवरुद्ध है। पानी रुकने के कारण नालियां उफना गई हैं। ऐसे में घरों से निकलने वाला पानी लोगों के लिए मुसीबत पैदा कर रहा है। रौता चौराहा के शक्तिनगर निवासी पप्पू चौधरी कहते हैं कि नाले में निकास बाधित है। इसे दूर करने का प्रयास पालिका प्रशासन नहीं कर रहा है। नतीजतन स्थिति विकट होती जा रही है। मालवीय रोड निवासी मुरारी शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि नालों के अधूूरे निर्माण ने वैसे ही मुसीबत पैदा कर दी है। उस पर अतिक्रमणकारियों ने इसे जगह-जगह पाट कब्जा जमा लिया है, जिससे पानी का निकास ठप है।
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गृहणी रेनू सिंह कहती हैं कि व्यवस्थागत खामियों के चलते नाला व नगर पालिका की जमीनों पर अतिक्रमणकारी कब्जा जमाए हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बहाव रुकने से नाला ओवरफ्लो है, जिससे मच्छर तो बढ़ ही रहे हैं, गलियों में नाक बंद कर गुजरना मजबूरी बन गई है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. आरपी श्रीवास्तव ने कहा कि नाला सफाई का कार्य कुछ दिन पूर्व ही कराया गया था, मगर फिर से वह जाम हो गया है। चुनाव बाद टीम लगाकर इसे साफ करा दिया जाएगा। नागरिक सुविधाएं बेहतर हों, इसका प्रयास किया जा रहा है।
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