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Basti News: मरीजों को मिलेगी राहत... मेडिकल कॉलेज में बनेगी क्रिटिकल केयर यूनिट

Tue, 27 Aug 2024 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 27 Aug 2024 12:00 AM IST
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Patients will get relief...Critical care unit will be built in the medical college.
22 करोड़ से बनने वाला 50 शैय्या का होगा आईसीयू वार्ड, गंभीर स्थिति में भर्ती किए जाएंगे मरीज
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जिले में नहीं हैं यह सुविधा, गोरखपुर और लखनऊ रेफर हो रहे गंभीर मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लखनऊ-गोरखपुर के हायर मेडिकल सेंटर की तरह यहां भी गंभीर मरीजों का इलाज संभव होगा। इसके लिए महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में नई व्यवस्था बनने जा रही है। परिसर में क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना की जा रही है। इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ 50 शैय्या का आईसीयू वार्ड होगा। जहां अचेतावस्था में आने वाले गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में अब तक आईसीयू वार्ड की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मार्ग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल या फिर हॉर्ट अटैक के गंभीर मरीजों का मुकम्मल उपचार यहां नहीं हो पा रहा है। ऐसे मरीज प्राथमिक उपचार के बाद इन अस्पतालों से गोरखपुर या लखनऊ के हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिए जा रहे हैं। मगर, अब यह व्यवस्था बदलने वाली है।
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केंद्रीय योजना एनएचएम के तहत जिले में क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना के लिए 22 करोड़ का बजट मुहैया हुआ है। जिले स्तर की यह यूनिट मेडिकल कॉलेज को आवंटित हुई है। ओपेक चिकित्साल कैली में कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने कार्य शुरू करा दिए हैं। ग्राउंड स्तर पर निर्माण कार्य दिखने लगा है। क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए अलग से एक ब्लॉक तैयार किया जा रहा है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
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चिकित्सक एवं स्टॉफ कक्ष के साथ रैंप, व्हील चेयर, आधुनिक स्ट्रेचर के अलावा समूचे भवन को वातानुकूलित सुविधा से लैस किया जाएगा। आईसीयू वार्ड की मदद से गंभीर मरीजों की स्थिति खतरे से बाहर करने में काफी मदद मिलेगी। सबकुछ ठीक रहा तो वर्ष 2025 तक यह यूनिट बनकर तैयार हो जाएगी।
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लिफ्ट की भी होगी सुविधा
क्रिटिकल केयर यूनिट भवन में लिफ्ट की भी सुविधा मुहैया कराई जाएगी, ताकि गंभीर रोगियों को स्ट्रेचर सहित नीचे और ऊपर वार्ड तक पहुंचाया जा सके। इस यूनिट के संचालन के लिए अलग स्टॉफ और डॉक्टर की व्यवस्था की जाएगी। उम्मीद है कि यूनिट बनने के बाद यहां न्यूरो और ह्दय रोग विशेषज्ञ भी तैनात होंगे।
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आईसीयू न होने से बढ़ जाता है खतरा
जिले में किसी भी सरकारी अस्पताल में आईसीयू वार्ड न होने से गंभीर मरीजों की जान का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर कोई हाॅर्ट अटैक या मार्ग दुर्घटना से घायल अचेतावस्था में मरीज को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज दोनों जगहों से राहत नहीं मिलती है। यहां पहुंचने पर आईसीयू न होने के कारण ऐसे मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद रेफर कर दिया जाता है।

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कोट
एनएचएम के तहत क्रिटिकल केयर यूनिट ओपेक चिकित्सालय कैली में स्थापित की जा रही है। निर्माण एजेंसी ने कार्य भी शुरू करा दिए हैं। एक साल के भीतर यह यूनिट क्रियाशील हो जाएगी। यूनिट के संचालन के लिए चिकित्सक एवं स्टॉफ की व्यवस्था की जाएगी। यह यूनिट मेडिकल कॉलेज के अधीन रहेगी।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ
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