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पराली जलाने वालों पर रखी जाएगी नजर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। डीएम आशुतोष निरंजन ने किसानों से अपील किया कि खेतों में फसल अवशेष/पराली न जलाएं। इससे सूक्ष्म जीव जलकर नष्ट हो जाते हैं और मृदा की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। पराली जलाने से रोकने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है। जिससे पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाई जाए सके। इसी क्रम में ग्राम प्रधान के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार भी कराया जाएगा।
डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने पराली जलाने को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा है। पराली जलाते पकड़े जाने पर दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर 2500 रुपये, दस से पांच एकड़ भूूमिधारकों पर पांच हजार व पांच एकड़ से अधिक भूमिधारक किसानों पर 15000 रुपये प्रति घटना जुर्माना लगाया जाएगा। घटना की पुनरावृत्ति होने पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम के अंतर्गत कारावास और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। उप कृषि निदेशक डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एक टन पराली खेत में जलाने पर तीन किग्रा कणिका तत्व, 60 किग्रा कार्बन मोनोआक्साइड, 1460 किग्रा कार्बन डाईआक्साइड, दो किग्रा सल्फर डाईआक्साईड, 5.5 किग्रा नाइट्रोजन, 2.3 किग्रा फास्फोरस, 25 किग्रा पोटास, 1.2 किग्रा सल्फर, चार सौ किग्रा कार्बन, 50 से 70 प्रतिशत सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं।
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बस्ती। डीएम आशुतोष निरंजन ने किसानों से अपील किया कि खेतों में फसल अवशेष/पराली न जलाएं। इससे सूक्ष्म जीव जलकर नष्ट हो जाते हैं और मृदा की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। पराली जलाने से रोकने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है। जिससे पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाई जाए सके। इसी क्रम में ग्राम प्रधान के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार भी कराया जाएगा।
डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने पराली जलाने को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा है। पराली जलाते पकड़े जाने पर दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर 2500 रुपये, दस से पांच एकड़ भूूमिधारकों पर पांच हजार व पांच एकड़ से अधिक भूमिधारक किसानों पर 15000 रुपये प्रति घटना जुर्माना लगाया जाएगा। घटना की पुनरावृत्ति होने पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम के अंतर्गत कारावास और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। उप कृषि निदेशक डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एक टन पराली खेत में जलाने पर तीन किग्रा कणिका तत्व, 60 किग्रा कार्बन मोनोआक्साइड, 1460 किग्रा कार्बन डाईआक्साइड, दो किग्रा सल्फर डाईआक्साईड, 5.5 किग्रा नाइट्रोजन, 2.3 किग्रा फास्फोरस, 25 किग्रा पोटास, 1.2 किग्रा सल्फर, चार सौ किग्रा कार्बन, 50 से 70 प्रतिशत सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं।
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