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Basti News: छह जुलाई तक अमरमणि की संपत्तियां कुर्क करने के आदेश
Sat, 22 Jun 2024 03:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 22 Jun 2024 03:19 AM IST
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- कोर्ट में पहुंचे एक और गुमनाम पत्र में बताई गईं नई संपत्तियां- महराजगंज और लखनऊ में कुर्क की जा चुकी हैं कुछ संपत्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। व्यापारी राहुल मद्धेशिया अपहरण केस में फरार चल रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों के संबंध में कोर्ट को एक और गुमनाम पत्र मिला है। अब कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को गोरखपुर और लखनऊ में अमर मणि की संपत्तियों की दोबारा जांच का आदेश दिया है। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि ने आदेश में कहा है कि यदि कोई अन्य संपत्ति पाई जाए तो उसे भी कुर्क करके छह जुलाई तक कुर्की कुलिंदा न्यायालय में प्रस्तुत करें। वहीं शुक्रवार को राहुल की तरफ से सुलहनामा दाखिल करने को लेकर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिए जाने को विधि विशेषज्ञों ने अप्रासंगिक बताया है।
शुक्रवार को कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि संपूर्ण चिट्ठियों को संलग्न करके प्रमुख सचिव गृह व डीजीएपी को नोडल अफसर के जरिये इस आशय के साथ भेजा जाए कि उपरोक्त संपत्तियों की अपनी स्तर से जांच कराएं। यदि उपरोक्त संपत्तियां अभियुक्त अमर मणि त्रिपाठी की पाई जाती हैं तो उसकी अविलंब कुर्की कराकर ब्योरा न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए।
अमरमणि त्रिपाठी की महराजगंज व लखनऊ की संपत्तियों को पुलिस प्रशासन न्यायालय के आदेश पर कुर्क कर चुका है। गोरखपुर में उनकी कोई संपत्ति नहीं पाई गई थी। मगर न्यायालय को एक गुमनाम पत्र मिला जिसमें बताया गया कि अमर मणि के नाम गोरखपुर के बबिना रोड दुर्गाबाडी, सूरजकुण्ड में आलीशान मकान है। इस पत्र को संज्ञान में लेकर कोर्ट ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और एसडीएम सदर से पुलिस के माध्यम से रिपोर्ट मंगाई थी। इसी बीच कोर्ट को भेज गए एक और गुमनाम अंतर्देशीय डाक पत्र के माध्यम से कोर्ट को बताया गया है कि अमर मणि की लखनऊ के विपुल खंड और गोमती नगर में दो संपत्तियां हैं। विपुल खंड में प्लाट नं० 5/19, 50 व 52 है।
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00शांति देवी के नाम है दुर्गाबाड़ी का बंगला
पुलिस की तरफ से कोतवाल विजय कुमार दुबे ने कोर्ट को बताया कि अमर मणि की गोरखपुर में संपत्ति होने के बारे में नगर निगम और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर की रिपोर्ट में बताया गया है कि बबिना रोड, दुर्गाबाडी रोड, सूरजकुण्ड रोड पर जो आलीशान मकान हैं वह अभियुक्त अमर मणि के नाम पर नहीं है। नगर निगम गोरखपुर ने बताया है कि वह मकान अभिलेखों में शान्ति देवी पत्नी रमेश चन्द्र चतुर्वेदी के नाम दर्ज है। पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक ज्ञात स्रोतों से गोरखपुर में अमर मणि की कोई संपत्ति नहीं मिली है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण से रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
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सुलह का प्रस्ताव कानूनी तौर पर अप्रासंगिक!
अपहृत राहुल की सुलह की पेशकश की कानूनी तौर पर अब ज्यादा अहमियत नहीं रह गई है। विधि विशेषज्ञों का कहना है कि इस केस में कुर्की की कार्रवाई गैंगस्टर की धारा में कोर्ट में पेश न होने की वजह से चल रही है। केस की नवैयत से अभी इसका कोई लेना-देना नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण मोहन उपाध्याय ने बताया कि गैंगस्टर केस में पुलिस वादी होती है। इसलिए कोई अन्य सुलह नहीं कर सकता। वहीं आईपीसी में अपहरण की धारा में सुलह का प्रावधान नहीं है। जो कुछ होना है वह ट्रायल के समय ही हो सकता है। सबसे अहम बात यह कि अपहरण का केस दर्ज कराने वाले राहुल के पिता का निधन हो चुका है। वादी के न रहने पर कोई अन्य सुलह नहीं कर सकता।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। व्यापारी राहुल मद्धेशिया अपहरण केस में फरार चल रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों के संबंध में कोर्ट को एक और गुमनाम पत्र मिला है। अब कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को गोरखपुर और लखनऊ में अमर मणि की संपत्तियों की दोबारा जांच का आदेश दिया है। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि ने आदेश में कहा है कि यदि कोई अन्य संपत्ति पाई जाए तो उसे भी कुर्क करके छह जुलाई तक कुर्की कुलिंदा न्यायालय में प्रस्तुत करें। वहीं शुक्रवार को राहुल की तरफ से सुलहनामा दाखिल करने को लेकर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिए जाने को विधि विशेषज्ञों ने अप्रासंगिक बताया है।
शुक्रवार को कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि संपूर्ण चिट्ठियों को संलग्न करके प्रमुख सचिव गृह व डीजीएपी को नोडल अफसर के जरिये इस आशय के साथ भेजा जाए कि उपरोक्त संपत्तियों की अपनी स्तर से जांच कराएं। यदि उपरोक्त संपत्तियां अभियुक्त अमर मणि त्रिपाठी की पाई जाती हैं तो उसकी अविलंब कुर्की कराकर ब्योरा न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए।
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अमरमणि त्रिपाठी की महराजगंज व लखनऊ की संपत्तियों को पुलिस प्रशासन न्यायालय के आदेश पर कुर्क कर चुका है। गोरखपुर में उनकी कोई संपत्ति नहीं पाई गई थी। मगर न्यायालय को एक गुमनाम पत्र मिला जिसमें बताया गया कि अमर मणि के नाम गोरखपुर के बबिना रोड दुर्गाबाडी, सूरजकुण्ड में आलीशान मकान है। इस पत्र को संज्ञान में लेकर कोर्ट ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और एसडीएम सदर से पुलिस के माध्यम से रिपोर्ट मंगाई थी। इसी बीच कोर्ट को भेज गए एक और गुमनाम अंतर्देशीय डाक पत्र के माध्यम से कोर्ट को बताया गया है कि अमर मणि की लखनऊ के विपुल खंड और गोमती नगर में दो संपत्तियां हैं। विपुल खंड में प्लाट नं० 5/19, 50 व 52 है।
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00शांति देवी के नाम है दुर्गाबाड़ी का बंगला
पुलिस की तरफ से कोतवाल विजय कुमार दुबे ने कोर्ट को बताया कि अमर मणि की गोरखपुर में संपत्ति होने के बारे में नगर निगम और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर की रिपोर्ट में बताया गया है कि बबिना रोड, दुर्गाबाडी रोड, सूरजकुण्ड रोड पर जो आलीशान मकान हैं वह अभियुक्त अमर मणि के नाम पर नहीं है। नगर निगम गोरखपुर ने बताया है कि वह मकान अभिलेखों में शान्ति देवी पत्नी रमेश चन्द्र चतुर्वेदी के नाम दर्ज है। पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक ज्ञात स्रोतों से गोरखपुर में अमर मणि की कोई संपत्ति नहीं मिली है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण से रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
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सुलह का प्रस्ताव कानूनी तौर पर अप्रासंगिक!
अपहृत राहुल की सुलह की पेशकश की कानूनी तौर पर अब ज्यादा अहमियत नहीं रह गई है। विधि विशेषज्ञों का कहना है कि इस केस में कुर्की की कार्रवाई गैंगस्टर की धारा में कोर्ट में पेश न होने की वजह से चल रही है। केस की नवैयत से अभी इसका कोई लेना-देना नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण मोहन उपाध्याय ने बताया कि गैंगस्टर केस में पुलिस वादी होती है। इसलिए कोई अन्य सुलह नहीं कर सकता। वहीं आईपीसी में अपहरण की धारा में सुलह का प्रावधान नहीं है। जो कुछ होना है वह ट्रायल के समय ही हो सकता है। सबसे अहम बात यह कि अपहरण का केस दर्ज कराने वाले राहुल के पिता का निधन हो चुका है। वादी के न रहने पर कोई अन्य सुलह नहीं कर सकता।