{"_id":"6adbc85f9b5906793c0fbe89","slug":"opportunity-for-traders-to-get-a-waiver-on-interest-and-penalties-on-outstanding-dues-basti-news-c-207-1-bst1005-170124-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: व्यापारियों को बकाये पर ब्याज-अर्थदंड माफी का मौका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: व्यापारियों को बकाये पर ब्याज-अर्थदंड माफी का मौका
विज्ञापन
बस्ती। जिले में विभिन्न अधिनियमों के तहत बकाया राजस्व की वसूली के लिए लंबित 7768 आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) के मामलों में व्यापारियों को ब्याज और अर्थदंड माफी का अवसर मिलेगा। शासन की ओर से ब्याज माफी योजना लागू की गई है। इसके तहत 31 दिसंबर 2025 तक के बकाये के मामलों में निर्धारित शर्तों के अनुसार मूलधन जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। जिले में इन मामलों में कुल 121.68 करोड़ रुपये का राजस्व लंबित है।
राज्यकर के उपायुक्त प्रशासन उपेंद्र यादव ने बताया कि योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के मूल बकाये वाले मामलों में पूरी मूल राशि जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के मूल बकाये पर पूरा मूलधन जमा करने पर 90 प्रतिशत ब्याज और 100 प्रतिशत अर्थदंड माफ होगा। एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक के मूल बकाये के मामलों में 75 प्रतिशत ब्याज और 100 प्रतिशत अर्थदंड की छूट मिलेगी।
वहीं, पांच करोड़ रुपये से अधिक के मूल बकाये वाले मामलों में 50 प्रतिशत ब्याज और पूरा अर्थदंड माफ किया जाएगा। यह योजना उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार लागू होगी। इसमें मनोरंजन कर, केंद्रीय बिक्री कर, आमोद एवं पणकर तथा केबल टेलीविजन नेटवर्क से संबंधित अधिनियमों के लंबित बकाये भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्यकर के उपायुक्त प्रशासन उपेंद्र यादव ने बताया कि योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के मूल बकाये वाले मामलों में पूरी मूल राशि जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के मूल बकाये पर पूरा मूलधन जमा करने पर 90 प्रतिशत ब्याज और 100 प्रतिशत अर्थदंड माफ होगा। एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक के मूल बकाये के मामलों में 75 प्रतिशत ब्याज और 100 प्रतिशत अर्थदंड की छूट मिलेगी।
विज्ञापन
वहीं, पांच करोड़ रुपये से अधिक के मूल बकाये वाले मामलों में 50 प्रतिशत ब्याज और पूरा अर्थदंड माफ किया जाएगा। यह योजना उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार लागू होगी। इसमें मनोरंजन कर, केंद्रीय बिक्री कर, आमोद एवं पणकर तथा केबल टेलीविजन नेटवर्क से संबंधित अधिनियमों के लंबित बकाये भी शामिल हैं।
विज्ञापन