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24 साल बाद सीएचसी पर हुआ सिजेरियन प्रसव
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24 साल बाद सीएचसी पर हुआ सिजेरियन प्रसव
- 1998 में कस्बे में की गई थी सीएचसी की स्थापना
- अभी तक जिला अस्पताल में होती थी सिजेरियन डिलीवरी
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। सीएचसी की स्थापना के 24 साल बाद पहली बार चिकित्सकों ने सिजेरियन प्रसव कराने में सफलता पाई है। अस्पताल में अभी तक महिला सर्जन और बेहोशी का डॉक्टर न होने के कारण गर्भवतियों का आपॅरेशन नहीं किया जाता था। सिजेरियन केस में गर्भवती को जिला अस्पताल रेफर किया जाता रहा है।
कस्बे में 1998 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई थी। सीएचसी पर कभी बेहोशी की तो कभी महिला सर्जन न होने से डिलीवरी के समय गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता था। करीब पांच महीने पहले महिला सर्जन डॉ. आकांक्षा गुप्ता की अस्पताल में तैनाती होने के बाद व्यवस्थाओं में धीरे-धीरे परिवर्तन शुरू हो गया।
अधीक्षक के रूप में स्थानांतरित होकर आए बृजेश शुक्ल एनेस्थीसिया विशेषज्ञ हैं। उनके आने से बची कसर भी पूरी हो गई। सोमवार को बरसांव निवासी आशीष धर द्विवेदी की पत्नी आयुषी प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हुईं। डॉ. आकांक्षा की अगुवाई में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके यादव व शालिनी मिश्रा के प्रयास से उनका सफल ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन के बाद आयुषी ने दो किलो नौ सौ ग्राम की बच्ची को जन्म दिया। डॉ. आरके यादव ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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- 1998 में कस्बे में की गई थी सीएचसी की स्थापना
- अभी तक जिला अस्पताल में होती थी सिजेरियन डिलीवरी
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। सीएचसी की स्थापना के 24 साल बाद पहली बार चिकित्सकों ने सिजेरियन प्रसव कराने में सफलता पाई है। अस्पताल में अभी तक महिला सर्जन और बेहोशी का डॉक्टर न होने के कारण गर्भवतियों का आपॅरेशन नहीं किया जाता था। सिजेरियन केस में गर्भवती को जिला अस्पताल रेफर किया जाता रहा है।
कस्बे में 1998 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई थी। सीएचसी पर कभी बेहोशी की तो कभी महिला सर्जन न होने से डिलीवरी के समय गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता था। करीब पांच महीने पहले महिला सर्जन डॉ. आकांक्षा गुप्ता की अस्पताल में तैनाती होने के बाद व्यवस्थाओं में धीरे-धीरे परिवर्तन शुरू हो गया।
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अधीक्षक के रूप में स्थानांतरित होकर आए बृजेश शुक्ल एनेस्थीसिया विशेषज्ञ हैं। उनके आने से बची कसर भी पूरी हो गई। सोमवार को बरसांव निवासी आशीष धर द्विवेदी की पत्नी आयुषी प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हुईं। डॉ. आकांक्षा की अगुवाई में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके यादव व शालिनी मिश्रा के प्रयास से उनका सफल ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन के बाद आयुषी ने दो किलो नौ सौ ग्राम की बच्ची को जन्म दिया। डॉ. आरके यादव ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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