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ऑपरेशन कायाकल्प के बाद भी नहीं सुधर रही स्कूलों की दशा
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ऑपरेशन कायाकल्प के बाद भी नहीं सुधर रही स्कूलों की दशा
बस्ती। जिले के परिषदीय स्कूलों की दशा सुधरने के लिए शासन की ओर से तमाम कोशिश कर रही है, मगर विभागीय लापरवाही इस पर भारी पड़ रही है। शासन स्कूलों को सुधारने के लिए 19 पैरामीटर पर काम कराने के लिए निर्देशित किया है। अधिकतर स्कूल शासन के इस पैरामीटर पर काम नहीं कर रहे हैं। जिससे कारण जिले का एक भी स्कूल सौ फीसदी मानकों को पूरा नहीं कर पा रहा। जिले के 140 विद्यालयों में शौचालय नहीं है तो 693 स्कूल चहारदीवारी विहीन हैं। ऐसे में अभिभावकों को इन विद्यालयों में अपने पाल्यों को प्रवेश कराने में कोई रुचि नहीं है।
जिले के सभी स्कूलों में शासन के 19 बिदुओं में से कोई न कोई बिंदु अधूरा पड़ा है। बीएसए ने सभी बीईओ को जल्द से जल्द इसे पूरा कराने के लिए निर्देशित किया है। जिले में कुल 2,206 परिषदीय स्कूल में से 1,437 प्राथमिक 639 उच्च प्राथमिक और 319 संविलियन विद्यालय हैं। कायाकल्प योजना में नए रूप में परिषदीय विद्यालय दिखने लगे हैं। विद्यालयों की रंगाई-पुताई से लेकर शौचालय, कक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दिव्यांगों के लिए भी रेलिंग बनाने का नियम है। बहुत से विद्यालयों में काम पूरा हुआ है। लेकिन, वहां दिव्यांग बच्चों का नामांकन न होने से रेलिंग नहीं बनवाई जा रही है। ग्राम पंचायत से पेयजल, बालक व बालिका शौचालय व यूरिनल, टाइलिंग, रनिंग वाटर, दिव्यांग शौचालय, कक्षाओं में टाइलिंग, टॉप रनिंग वाटर, किचन सुंदरीकरण एवं चहारदीवारी बनवाए जाने की योजना है। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग से मल्टीपल हैंडवास, ब्लैकबोर्ड, रंगाई-पोताई, रैंप, बिजली की व्यवस्था व बिजली कनेक्शन की व्यवस्था कराना है। सभी बिंदु पर सभी विद्यालयों में कुछ न कुछ छूटा हुआ है।
विभागीय आंकड़ों की माने तो विभिन्न बिदुओं पर स्कूलों में 76.81 फीसदी काम किया गया। एक भी विद्यालय 19 बिंदु से पूर्ण रूप से संतृप्त नहीं है। वही हरैया ब्लाक के 69, गौर में 86, बहादुरपुर 78, रूधौली 54, परशुरामपुर 44 सहित जिले के 693 स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं है, जिसके कारण इन स्कूलों में शिक्षकों और बच्चों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यही नहीं जिले के 140 स्कूलों में शौचालय नहीं है। इस कारण अभिभावक बच्चों का इन स्कूलों नामाकंन नही कराना चाहते है।
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कायाकल्प योजना के तहत ग्राम पंचायतों में काम कराए जा रहे हैं। डीपीआरओ ने बीडीओ को पत्र जारी किया है और सभी बीईओ को काम जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
- जगदीश शुक्ला, बीएसए
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बस्ती। जिले के परिषदीय स्कूलों की दशा सुधरने के लिए शासन की ओर से तमाम कोशिश कर रही है, मगर विभागीय लापरवाही इस पर भारी पड़ रही है। शासन स्कूलों को सुधारने के लिए 19 पैरामीटर पर काम कराने के लिए निर्देशित किया है। अधिकतर स्कूल शासन के इस पैरामीटर पर काम नहीं कर रहे हैं। जिससे कारण जिले का एक भी स्कूल सौ फीसदी मानकों को पूरा नहीं कर पा रहा। जिले के 140 विद्यालयों में शौचालय नहीं है तो 693 स्कूल चहारदीवारी विहीन हैं। ऐसे में अभिभावकों को इन विद्यालयों में अपने पाल्यों को प्रवेश कराने में कोई रुचि नहीं है।
जिले के सभी स्कूलों में शासन के 19 बिदुओं में से कोई न कोई बिंदु अधूरा पड़ा है। बीएसए ने सभी बीईओ को जल्द से जल्द इसे पूरा कराने के लिए निर्देशित किया है। जिले में कुल 2,206 परिषदीय स्कूल में से 1,437 प्राथमिक 639 उच्च प्राथमिक और 319 संविलियन विद्यालय हैं। कायाकल्प योजना में नए रूप में परिषदीय विद्यालय दिखने लगे हैं। विद्यालयों की रंगाई-पुताई से लेकर शौचालय, कक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दिव्यांगों के लिए भी रेलिंग बनाने का नियम है। बहुत से विद्यालयों में काम पूरा हुआ है। लेकिन, वहां दिव्यांग बच्चों का नामांकन न होने से रेलिंग नहीं बनवाई जा रही है। ग्राम पंचायत से पेयजल, बालक व बालिका शौचालय व यूरिनल, टाइलिंग, रनिंग वाटर, दिव्यांग शौचालय, कक्षाओं में टाइलिंग, टॉप रनिंग वाटर, किचन सुंदरीकरण एवं चहारदीवारी बनवाए जाने की योजना है। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग से मल्टीपल हैंडवास, ब्लैकबोर्ड, रंगाई-पोताई, रैंप, बिजली की व्यवस्था व बिजली कनेक्शन की व्यवस्था कराना है। सभी बिंदु पर सभी विद्यालयों में कुछ न कुछ छूटा हुआ है।
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विभागीय आंकड़ों की माने तो विभिन्न बिदुओं पर स्कूलों में 76.81 फीसदी काम किया गया। एक भी विद्यालय 19 बिंदु से पूर्ण रूप से संतृप्त नहीं है। वही हरैया ब्लाक के 69, गौर में 86, बहादुरपुर 78, रूधौली 54, परशुरामपुर 44 सहित जिले के 693 स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं है, जिसके कारण इन स्कूलों में शिक्षकों और बच्चों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यही नहीं जिले के 140 स्कूलों में शौचालय नहीं है। इस कारण अभिभावक बच्चों का इन स्कूलों नामाकंन नही कराना चाहते है।
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कायाकल्प योजना के तहत ग्राम पंचायतों में काम कराए जा रहे हैं। डीपीआरओ ने बीडीओ को पत्र जारी किया है और सभी बीईओ को काम जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
- जगदीश शुक्ला, बीएसए