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ओडीएफ गांव टंडौठी, शौचालय सिर्फ 50
basti
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:24 AM IST
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गांव में सड़क भी नहीं।
- फोटो : amar ujala
रुधौली। राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के तहत खुले में शौचमुक्त गांवों में कागजी घोड़े दौड़ाए गए। ऐसा ही एक गांव भानपुर तहसील का टंडौठी है। यहां 200 शौचालय स्वीकृत किए गए लेकिन 50 घरों में ही शौचालय बन सका है।
रुधौली थाना क्षेत्र में पड़ने वाले इस ओडीएफ गांव सफाईकर्मी शायद ही कभी नजर आते हों। गांव के कुछ हिस्सों में नालियां ही नहीं हैं। जहां हैं भी वहां साफ-सफाई का नामोनिशान तक नहीं। नाली नहीं होने के कारण सरकारी और देसी नलों के पास गड्ढा करके उसी में पानी का निस्तारण करना आसपास के लोगों की मजबूरी है। गांव के लोग कहते हैं कि समस्याओं के बाबत ग्राम प्रधान से कहने पर वह अनसुना कर देते हैं। आंकड़ों के अनुसार इस गांव में लगभग 200 परिवारों को शौचालय स्वीकृत कर दिया गया है। बमुश्किल 50 घरों के शौचालय निर्मित दिखाई दे रहे हैं। गांव के विकासकार्यों का हाल भी बुरा है। बांस-बल्ली के पोल से घरों तक बिजली पहुंची है। गांव के बीच से होकर श्मशान तक जाने वाला रास्ता भी अस्तित्व खो चुका है। गांव के लोगों का कहना है कि यहां पात्र गृहस्थी की सूची में मनमर्जी से नाम काटे और जोड़े जाते हैं।
रामदीन, धर्मराज, मुरारी और जगराम का कहना है गांव में सुविधाओं और समस्याओं के बारे में ग्राम प्रधान से बात की जाती है तो वह ठीक है कहकर अनसुना कर देते हैं। ज्यादा दबाव बनाने वालों के नाम अगली बार पात्रता सूची से गायब रहता है। बिजली के खंभे लगवाने की बात को विद्युत निगम की जिम्मेदारी कहकर अनसुना कर दिया जाता है। ग्राम प्रधान विमल चौधरी का कहना है कि गांव में बिजली के खंभों की समस्या के लिए कई बार जिले पर अधिकारियों को लिखित रूप से दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। खड़ंजा आवश्यकतानुसार ही गांव में लगाए जा सकते हैं। कुल स्वीकृत शौचालयों में 70 प्रतिशत का काम पूरा कराया जा चुका है।
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ग्राम पंचायत अधिकारी हरिओम पाल ने बताया कि टंडौठी गांव अगस्त 2018 में ओडीएफ घोषित हो चुका। जबकि ग्राम प्रधान विमल चौधरी के अनुसार गांव अभी ओडीएफ नहीं घोषित हुआ। यानी ग्राम प्रधान को भी यह तक पता नहीं कि उसका गांव ओडीएफ है या नहीं।
जिम्मेदारों ने कहा
बीडीओ हरिश्चंद्र का कहना है कि गांव की समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम प्रधान को निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों का नाम पात्र गृहस्थी से कटवा दिया गया है वह पात्र गृहस्थी के लिए पुन: आवेदन कर अपने समस्त प्रपत्र मेरे कार्यालय में जमा कर दें।
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रुधौली थाना क्षेत्र में पड़ने वाले इस ओडीएफ गांव सफाईकर्मी शायद ही कभी नजर आते हों। गांव के कुछ हिस्सों में नालियां ही नहीं हैं। जहां हैं भी वहां साफ-सफाई का नामोनिशान तक नहीं। नाली नहीं होने के कारण सरकारी और देसी नलों के पास गड्ढा करके उसी में पानी का निस्तारण करना आसपास के लोगों की मजबूरी है। गांव के लोग कहते हैं कि समस्याओं के बाबत ग्राम प्रधान से कहने पर वह अनसुना कर देते हैं। आंकड़ों के अनुसार इस गांव में लगभग 200 परिवारों को शौचालय स्वीकृत कर दिया गया है। बमुश्किल 50 घरों के शौचालय निर्मित दिखाई दे रहे हैं। गांव के विकासकार्यों का हाल भी बुरा है। बांस-बल्ली के पोल से घरों तक बिजली पहुंची है। गांव के बीच से होकर श्मशान तक जाने वाला रास्ता भी अस्तित्व खो चुका है। गांव के लोगों का कहना है कि यहां पात्र गृहस्थी की सूची में मनमर्जी से नाम काटे और जोड़े जाते हैं।
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रामदीन, धर्मराज, मुरारी और जगराम का कहना है गांव में सुविधाओं और समस्याओं के बारे में ग्राम प्रधान से बात की जाती है तो वह ठीक है कहकर अनसुना कर देते हैं। ज्यादा दबाव बनाने वालों के नाम अगली बार पात्रता सूची से गायब रहता है। बिजली के खंभे लगवाने की बात को विद्युत निगम की जिम्मेदारी कहकर अनसुना कर दिया जाता है। ग्राम प्रधान विमल चौधरी का कहना है कि गांव में बिजली के खंभों की समस्या के लिए कई बार जिले पर अधिकारियों को लिखित रूप से दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। खड़ंजा आवश्यकतानुसार ही गांव में लगाए जा सकते हैं। कुल स्वीकृत शौचालयों में 70 प्रतिशत का काम पूरा कराया जा चुका है।
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ग्राम पंचायत अधिकारी हरिओम पाल ने बताया कि टंडौठी गांव अगस्त 2018 में ओडीएफ घोषित हो चुका। जबकि ग्राम प्रधान विमल चौधरी के अनुसार गांव अभी ओडीएफ नहीं घोषित हुआ। यानी ग्राम प्रधान को भी यह तक पता नहीं कि उसका गांव ओडीएफ है या नहीं।
जिम्मेदारों ने कहा
बीडीओ हरिश्चंद्र का कहना है कि गांव की समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम प्रधान को निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों का नाम पात्र गृहस्थी से कटवा दिया गया है वह पात्र गृहस्थी के लिए पुन: आवेदन कर अपने समस्त प्रपत्र मेरे कार्यालय में जमा कर दें।