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Basti News: अतिरिक्त हल्कों के बहिष्कार से ऑनलाइन आवेदन अटके

Wed, 30 Sep 2026 01:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:24 AM IST
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Online applications stalled due to boycott of additional constituencies.
तहसीलदार रुधौली को ज्ञापन सौंपते लेखपाल स्रोत संगठन
बस्ती। लेखपाल संघ के आठ सूत्री मांगों को लेकर अतिरिक्त हल्कों के कार्य बहिष्कार का असर अब राजस्व कार्यों के साथ ऑनलाइन आवेदनों पर भी पड़ने लगा है। अतिरिक्त हल्कों में तैनात लेखपालों के बस्ता जमा करने से समय से रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। इससे आय, जाति, निवास और वरासत के आवेदन लंबित हैं। कई आवेदन निर्धारित समय सीमा बीतने के कारण डिफाल्टर की श्रेणी में भी पहुंच गए हैं।
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सदर तहसील में 50 से अधिक लेखपालों के अतिरिक्त हल्कों के बस्ते जमा हैं। इससे 200 से अधिक गांवों के राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संघ अध्यक्ष महेंद्र यादव और मंत्री देवेंद्र कुमार ने बताया कि लेखपाल केवल अपने मूल हल्के का काम कर रहे हैं। मांगें पूरी होने तक अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। उनके मुताबिक करीब 300 ऑनलाइन आवेदन और अन्य कार्य प्रभावित हैं।
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वहीं, हर्रैया तहसील में एसडीएम उमाकांत त्रिपाठी के स्थानांतरण और संघ अध्यक्ष कृष्ण मोहन पटेल का स्थानांतरण वापस लेने के आश्वासन के बाद लेखपालों ने आंदोलन समाप्त कर काम शुरू कर दिया है। हालांकि, अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
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भानपुर में तीन वरासत आवेदन डिफाल्टर
भानपुर। अतिरिक्त हल्कों के कार्य बहिष्कार से ऑनलाइन आवेदनों पर रिपोर्ट समय से नहीं लग पा रही है। एक जिम्मेदार के अनुसार वरासत के तीन आवेदन निर्धारित समय में रिपोर्ट न लगने के कारण डिफाल्टर हो गए हैं। इनमें कोपा, बनटिकरा और सेम्हो से संबंधित आवेदन शामिल हैं। आय प्रमाणपत्र के 50 से अधिक आवेदन भी लंबित हैं। तहसील लेखपाल संघ अध्यक्ष कमलभान पांडेय ने बताया कि 34 लेखपालों ने 46 अतिरिक्त हल्कों के बस्ते जमा किए हैं। इन हल्कों से करीब 156 गांव जुड़े हैं। लेखपाल अपने मूल हल्कों में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों की परेशानी को देखते हुए शासन को मांगों पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
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रुधौली में 191 आवेदन रिपोर्ट के अभाव में अटके
रुधौली। तहसील के 72 राजस्व हल्कों में से 31 अतिरिक्त हल्कों में कार्य बहिष्कार का असर है। 22 सितंबर से चल रहे बहिष्कार के कारण जाति प्रमाणपत्र के 50, आय के 91 और निवास के 50 आवेदन रिपोर्ट के अभाव में लंबित हैं। इसके अलावा पैमाइश, भूमि सत्यापन और जमानत संबंधी कार्य भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। लेखपाल संघ के अध्यक्ष पंकज सिंह और मंत्री प्रमोद कुमार चौधरी के नेतृत्व में तहसीलदार रजनीश श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें भूलेख अधिष्ठान, राजस्व निरीक्षक कार्यालय, क्षेत्रीय कार्य और जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे लेखपालों को कार्यमुक्त करने की मांग की गई है।

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एसडीएम के स्थानांतरण के बाद हर्रैया में आंदोलन खत्म
हर्रैया। एसडीएम उमाकांत त्रिपाठी के स्थानांतरण और लेखपाल संघ अध्यक्ष कृष्ण मोहन पटेल का स्थानांतरण वापस लेने के आश्वासन के बाद लेखपालों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। नवागत एसडीएम प्रद्युम्न कुमार ने मंगलवार को तहसील पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। कुछ दिन पहले एसडीएम ने 114 लेखपालों के हल्के बदलने का आदेश जारी किया था। लेखपालों ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए विरोध शुरू किया था। इसी दौरान संघ अध्यक्ष कृष्ण मोहन पटेल का स्थानांतरण भानपुर तहसील कर दिया गया। इसके बाद लेखपालों ने अतिरिक्त कार्यभार वाले हल्कों का चार्ज छोड़कर धरना शुरू कर दिया था।डीएम के निर्देश पर सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती ने लेखपालों से वार्ता की। मंगलवार को एसडीएम उमाकांत त्रिपाठी का स्थानांतरण जिला मुख्यालय कर दिया गया। इसके बाद लेखपालों ने आंदोलन समाप्त कर काम पर लौटने की घोषणा की। हालांकि, अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा।
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