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एक निलंबित, दो का वेतन कटा
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 25 Apr 2017 11:29 PM IST
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डीएम अरविंद्र कुमार सिंह ने विकास भवन के कार्यलयों का किया निरीक्षण।
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विकास भवन के निरीक्षण में डीएम अरविंद सिंह को सब कुछ ठीक नहीं मिला। कहीं अधिकारी और कर्मचारी गायब मिले तो कहीं पर गंदगी का अंबार मिला। एआर कोआपरेटिव और रेशम विभाग में अधिकारी से लेकर सारे स्टॉफ गैरहाजिर मिले। यहां के एक स्टॉफ रामइंदर को निलंबित करने का निर्देश दिया। गैरहाजिर रहने पर सहायक निदेशक रेशम को कारण बताओ नोटिस जारी किया। डीपीआरओ कार्यालय में तीन सफाई कर्मियों को डीएम ने कुर्सी पर बैठकर मोबाइल पर फिल्म देखते पकड़ा। इनमें दो का वेतन काटने का आदेश दिया। 12 से अधिक विभागों का निरीक्षण हुआ।
निरीक्षण के बाद प्रेसवार्ता में डीएम ने कहा कि कार्यालय को साफ सुथरा रखना हर अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व ही नहीं बल्कि कर्तव्य भी है। यही सरकार की भी मंशा है। वह ऐसी व्यवस्था करने जा रहे हैं कि कोई भी बच्चा कूड़ा करकट बीनते हुए मिलेगा तो उसे स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। उसकी पढ़ाई लिखाई का सारा खर्च सरकार उठाएगी। ऐसे बच्चों की पहचान करने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी तरह अगर कोई बाल श्रमिक मिलता है तो उसके पालन पोषण और शिक्षा की पूरी व्यवस्था की जाएगी। यह कार्य सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि हर नागरिक का है। जिन कार्यालयों का निरीक्षण किया गया, उनमें डीपीआरओ, बाल विकास परियोजना, नेडा, रेशम, एआर कोआपरेटिव, जिला युवा कल्याण विभाग शामिल है। इन विभागों में गंदगी देख नाराज जताई गई और सफाई के लिए त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
कुछ विभागों में अधिकारी नहीं मिले। इसी तरह मत्स्य पालन विभाग के कार्यालय की गंदगी देख नाराजगी जताई। सामानों की नीलामी करने को कहा गया। डीएम को शौचालय में बंदरों के झुंड का सामना करना पड़ा, इस पर उन्होंने जाली लगाने का निर्देश दिया। इससे पहले डीएम का विकास भवन कर्मचारी संघ की ओर रामआधार, नंद कुमार नंदन सहित अन्य की ओर से स्वागत किया गया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ अजंनी कुमार सिंह, पीडी आरपी सिंह, डीडीओ नीरज श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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निरीक्षण के बाद प्रेसवार्ता में डीएम ने कहा कि कार्यालय को साफ सुथरा रखना हर अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व ही नहीं बल्कि कर्तव्य भी है। यही सरकार की भी मंशा है। वह ऐसी व्यवस्था करने जा रहे हैं कि कोई भी बच्चा कूड़ा करकट बीनते हुए मिलेगा तो उसे स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। उसकी पढ़ाई लिखाई का सारा खर्च सरकार उठाएगी। ऐसे बच्चों की पहचान करने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी तरह अगर कोई बाल श्रमिक मिलता है तो उसके पालन पोषण और शिक्षा की पूरी व्यवस्था की जाएगी। यह कार्य सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि हर नागरिक का है। जिन कार्यालयों का निरीक्षण किया गया, उनमें डीपीआरओ, बाल विकास परियोजना, नेडा, रेशम, एआर कोआपरेटिव, जिला युवा कल्याण विभाग शामिल है। इन विभागों में गंदगी देख नाराज जताई गई और सफाई के लिए त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
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कुछ विभागों में अधिकारी नहीं मिले। इसी तरह मत्स्य पालन विभाग के कार्यालय की गंदगी देख नाराजगी जताई। सामानों की नीलामी करने को कहा गया। डीएम को शौचालय में बंदरों के झुंड का सामना करना पड़ा, इस पर उन्होंने जाली लगाने का निर्देश दिया। इससे पहले डीएम का विकास भवन कर्मचारी संघ की ओर रामआधार, नंद कुमार नंदन सहित अन्य की ओर से स्वागत किया गया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ अजंनी कुमार सिंह, पीडी आरपी सिंह, डीडीओ नीरज श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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