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Basti News: एक समिति का लाइसेंस निलंबित, दूसरे को नोटिस

Wed, 10 Dec 2025 12:55 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Dec 2025 12:55 AM IST
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One committee's license suspended, another gets notice
सहकारी समिति मरहा पर निरीक्षण करते डीएओ डॉ. बीआर मौर्य।
बस्ती। सहकारिता विभाग से संबद्ध सरकारी एवं निजी क्षेत्र की समितियों पर उर्वरक वितरण में अनियमितताओं की पोल खुलने लगी है। एक दिन पहले सोमवार को जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) के निरीक्षण में ताबड़तोड़ दो समितियों पर खाद वितरण में अनियमितता पाई गई। डीएओ ने एक समिति का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की जबकि दूसरे को नोटिस निर्गत किया है।
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गोटवा क्षेत्र के सहकारी क्रय विक्रय समिति लिमिटेड मरहा एवं आईएफएफडीसी केंद्र मरहा गोटवा का औचक निरीक्षण किया गया। यहां कृषक अजीत एवं संतलाल निवासी मरहा को यूरिया खाद दी गई थी। कृषकों ने बताया कि समिति से खाद के साथ 130 रुपये में सल्फर भी दिया गया है। इसमें ओवर रेटिंग का मामला पकड़ में आने पर डीएओ ने प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति कर दी। समिति संचालक से स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
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वहीं कृषि उत्पादन विपणन समिति कुदरहा में एक किसान के नाम 11 बोरी यूरिया की बिक्री की गई थी। छानबीन में पता चला कि संबंधित कृषक को कम जोत के बाद भी अधिक यूरिया प्राप्त कराई गई है। इस मामले में संबंधित विक्रेता को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। डीएओ ने बताया कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
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वितरित हो चुकी 20816 एमटी यूरिया, 10243 एमटी अभी भी उपलब्ध
जिले में रबी सीजन के दौरान अभी तक 20816 एमटी यूरिया वितरित हो चुकी है। इसमें 50 फीसदी यूरिया समितियों के माध्यम से और इतना ही यूरिया निजी क्षेत्रों की दुकानों के माध्यम से वितरित की गई है। इसके अलावा 10243 एमटी यूरिया अभी उपलब्ध भी है। सूत्रों की मानें तो जिले के क्रियाशील लगभग 120 समितियों में से प्रत्येक जगह पर दो सौ एमटी यूरिया आवंटित हो चुकी है। जिसका वितरण भी पूरा बताया जा रहा है। बावजूद इसके किसान यूरिया के लिए समितियों का चक्कर लगा रहे हैं। जानकार बता रहे हैं कि समितियों से यूरिया गैर लाइसेंसी प्राइवेट विक्रेता हथिया ले रहे हैं। जिसे सुदूरवर्ती गांवों में ले जाकर अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में कम जोत के कृषक के नाम अधिक मात्रा में यूरिया निर्गत किए जाने की पुष्टि से इस आशंका को बल भी मिलने लगा है। डीएओ ने निर्देशित किया है कि सभी उर्वरक विक्रेता अपने दुकान/समिति पर अनुदानित मूल्य पर किसानों को खाद उपलब्ध कराए। सब्सिडी का विवरण भी दीवाल पर अंकित होना चाहिए। किसान को खतौनी के अनुसार पीओएस मशीन में अंगूठा लगाते हुए निर्धारित मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए। अनियमितता होने पर संबंधित के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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