{"_id":"6658ddd70ea55fe58c08d5c4","slug":"one-and-a-half-lakh-population-will-face-waterlogging-during-rains-basti-news-c-207-1-bst1001-118047-2024-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: मुख्य नालों की नहीं हुई सफाई... बारिश में जलभराव से जूझेगी डेढ़ लाख आबादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: मुख्य नालों की नहीं हुई सफाई... बारिश में जलभराव से जूझेगी डेढ़ लाख आबादी
Fri, 31 May 2024 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 31 May 2024 01:43 AM IST
विज्ञापन
नगर पालिका की ओर से नहीं चलाया गया नाला सफाई अभियान, 15 दिन बाद मानसून आने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। इस बार 15 जून तक मानसून आने की उम्मीद है। बावजूद इसके नगर पालिका ने मुख्य नालों की सफाई नहीं कराई है। इस तरह की कोई पहल होती भी नहीं देखी जा रही है। नालों के सिल्ट सफाई के लिए न तो टीम गठित हुई है और न ही अभियान शुरू किया गया है। कुछेक जगहों पर शिकायत के बाद छोटे आकार के जेसीबी से नाले से कचरा निकालकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गई है। यदि यही हाल रहा तो बारिश के समय शहर की डेढ़ लाख आबादी को फिर जलभराव के संकट से जूझना पड़ेगा।
शहरी क्षेत्र की जलनिकासी के लिए मुख्य नालों का निर्माण 40 किमी लंबाई में किया गया है। हर बार बारिश शुरू होने से पहले इन नालों से सिल्ट की सफाई कराई जाती है। इसके लिए 10 से 15 लाख का टेंडर होता है। बाहर से मजदूरों की टीम बुलाकर महीने भर तक सफाई अभियान चलाया जाता है। मगर, इस बार नालों के सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया नहीं पूरी की गई है।
मानसून आने में अब 15 दिन की और देरी है। ऐसे में मानसून आने पर शहर की जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है। मुख्य नालों की स्थिति अभी से बिगड़ी हुई है। सिल्ट और कचरा जमा होने से जगह-जगह नालों में पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है। कई जगहों पर नाले के दोनों तरफ झाड़-झंखाड़ भी उग आए हैं। सफाई न होने से बदबू अलग उठ रही है। आबादी के बीच स्थित जाम होने की वजह से इन नालों से भीषण गर्मी में संक्रमण फैलने का भी खतरा है।
विज्ञापन
इसके बगल से गुजरते समय लोग नाक और मुंह पर रूमाल रख रहे हैं। क्योंकि अधिकांश जगहों पर मुख्य नालों के ढकने की व्यवस्था नहीं बनाई गई है। लगभग ढाई दशक से मुख्य नालों के मरम्मत का कार्य नहीं हुआ है। कुछ जगहों पर अभी कच्चे निर्माण में ही नाला है।
...
तुरकहिया, भूअर के पास सिल्ट से भर गया है नाला
शहर के तुरकहिया, लौकियहवा, भूअर, खौरहवा आदि मोहल्लों में मुख्य नाले की दशा दयनीय हो चुकी है। काफी दिनों से सफाई न होने के कारण नाला सिल्ट से भर गया है। कई जगहों पर पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है। यहां नाले का पानी अभी से जाम है। ऐसे में बारिश के दौरान एक दर्जन से अधिक मोहल्लों की जलनिकासी का भार संभालने में यह मुख्य नाले अक्षम साबित हो जाएंगे। इस वजह से काॅलोनियों और मोहल्लों में जलभराव का संकट गहरा जाएगा।
...
पुरानी बस्ती क्षेत्र के नालों की भी नहीं हुई सफाई
पुरानी बस्ती क्षेत्र में मुख्य नाले की सफाई अभी तक नहीं कराई गई है। संतपुर गदहाखोर से डूडा कार्यालय के सामने से लेकर नरहरिया तक बनाए गए मुख्य नालों में सिल्ट जमा हो गया है। इसमें पानी का बहाव तेज गति से नहीं हो पा रहा है। आधे शहर जी जलनिकासी व्यवस्था इसी नाले पर निर्भर है। समय रहते यदि इसकी सफाई नहीं हुई तो अधिकांश मोहल्लों में जलभराव से दुर्गति हो जाएगी। इसके अलावा स्टेशन रोड पर दक्षिण दरवाजा से लेकर इटैलिया मोहल्ले तक सड़क के किनारे स्थित नाले की सफाई नहीं कराई गई है। यहां झाड़- झंखाड़ के बीच कई जगहों पर नाला गुम हो गया है। पानी का बहाव न होने पंकज टाकीज के सामने बिल्डिंगों के पीछे गंदा पानी भरा हुआ है। बारिश के दौरान यहां स्थिति और बिगड़ेगी। मुरलीजोत आंशिक, दक्षिण दरवाजा, निषाद टोला, खटिक टोला, चिकवा टोला आदि मोहल्लों में जलभराव का संकट गहरा जाएगा।
..
नहीं ढके गए हैं मुख्य नाले, खतरा
शहर में आबादी के बीच मुख्य नालों को अभी तक ढकने की व्यवस्था नहीं बन पाई है। पिकौरा शिवगुलाम मंगला कालोनी, तुरकहिया, स्टेशन रोड, नरहरिया आदि मोहल्लों में नाले खुले में बह रहे हैं। सफाई न होने से झाड़-झंखाड़ के बीच इनका पता भी नहीं चल पा रहा है। जबकि इन्हीं नालों के किनारे से सड़क भी चल रही है। ऐसे में अंधेरे के समय इसमें गिरने का खतरा बना रहता है।
...
कोट
कुछ जगहों पर नाले की सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है। इस बार टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकी हैं। किराए पर मजदूर बुलाकर अपने संसाधनों से नाला की सफाई कराई जा रही है। मानसून आने से पहले सिल्ट सफाई का कार्य पूरा हो जाएगा।
-सत्येंद्र कुमार सिंह, प्रभारी ईओ/एसडीएम
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। इस बार 15 जून तक मानसून आने की उम्मीद है। बावजूद इसके नगर पालिका ने मुख्य नालों की सफाई नहीं कराई है। इस तरह की कोई पहल होती भी नहीं देखी जा रही है। नालों के सिल्ट सफाई के लिए न तो टीम गठित हुई है और न ही अभियान शुरू किया गया है। कुछेक जगहों पर शिकायत के बाद छोटे आकार के जेसीबी से नाले से कचरा निकालकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गई है। यदि यही हाल रहा तो बारिश के समय शहर की डेढ़ लाख आबादी को फिर जलभराव के संकट से जूझना पड़ेगा।
शहरी क्षेत्र की जलनिकासी के लिए मुख्य नालों का निर्माण 40 किमी लंबाई में किया गया है। हर बार बारिश शुरू होने से पहले इन नालों से सिल्ट की सफाई कराई जाती है। इसके लिए 10 से 15 लाख का टेंडर होता है। बाहर से मजदूरों की टीम बुलाकर महीने भर तक सफाई अभियान चलाया जाता है। मगर, इस बार नालों के सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया नहीं पूरी की गई है।
विज्ञापन
मानसून आने में अब 15 दिन की और देरी है। ऐसे में मानसून आने पर शहर की जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है। मुख्य नालों की स्थिति अभी से बिगड़ी हुई है। सिल्ट और कचरा जमा होने से जगह-जगह नालों में पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है। कई जगहों पर नाले के दोनों तरफ झाड़-झंखाड़ भी उग आए हैं। सफाई न होने से बदबू अलग उठ रही है। आबादी के बीच स्थित जाम होने की वजह से इन नालों से भीषण गर्मी में संक्रमण फैलने का भी खतरा है।
विज्ञापन
इसके बगल से गुजरते समय लोग नाक और मुंह पर रूमाल रख रहे हैं। क्योंकि अधिकांश जगहों पर मुख्य नालों के ढकने की व्यवस्था नहीं बनाई गई है। लगभग ढाई दशक से मुख्य नालों के मरम्मत का कार्य नहीं हुआ है। कुछ जगहों पर अभी कच्चे निर्माण में ही नाला है।
...
तुरकहिया, भूअर के पास सिल्ट से भर गया है नाला
शहर के तुरकहिया, लौकियहवा, भूअर, खौरहवा आदि मोहल्लों में मुख्य नाले की दशा दयनीय हो चुकी है। काफी दिनों से सफाई न होने के कारण नाला सिल्ट से भर गया है। कई जगहों पर पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है। यहां नाले का पानी अभी से जाम है। ऐसे में बारिश के दौरान एक दर्जन से अधिक मोहल्लों की जलनिकासी का भार संभालने में यह मुख्य नाले अक्षम साबित हो जाएंगे। इस वजह से काॅलोनियों और मोहल्लों में जलभराव का संकट गहरा जाएगा।
...
पुरानी बस्ती क्षेत्र के नालों की भी नहीं हुई सफाई
पुरानी बस्ती क्षेत्र में मुख्य नाले की सफाई अभी तक नहीं कराई गई है। संतपुर गदहाखोर से डूडा कार्यालय के सामने से लेकर नरहरिया तक बनाए गए मुख्य नालों में सिल्ट जमा हो गया है। इसमें पानी का बहाव तेज गति से नहीं हो पा रहा है। आधे शहर जी जलनिकासी व्यवस्था इसी नाले पर निर्भर है। समय रहते यदि इसकी सफाई नहीं हुई तो अधिकांश मोहल्लों में जलभराव से दुर्गति हो जाएगी। इसके अलावा स्टेशन रोड पर दक्षिण दरवाजा से लेकर इटैलिया मोहल्ले तक सड़क के किनारे स्थित नाले की सफाई नहीं कराई गई है। यहां झाड़- झंखाड़ के बीच कई जगहों पर नाला गुम हो गया है। पानी का बहाव न होने पंकज टाकीज के सामने बिल्डिंगों के पीछे गंदा पानी भरा हुआ है। बारिश के दौरान यहां स्थिति और बिगड़ेगी। मुरलीजोत आंशिक, दक्षिण दरवाजा, निषाद टोला, खटिक टोला, चिकवा टोला आदि मोहल्लों में जलभराव का संकट गहरा जाएगा।
..
नहीं ढके गए हैं मुख्य नाले, खतरा
शहर में आबादी के बीच मुख्य नालों को अभी तक ढकने की व्यवस्था नहीं बन पाई है। पिकौरा शिवगुलाम मंगला कालोनी, तुरकहिया, स्टेशन रोड, नरहरिया आदि मोहल्लों में नाले खुले में बह रहे हैं। सफाई न होने से झाड़-झंखाड़ के बीच इनका पता भी नहीं चल पा रहा है। जबकि इन्हीं नालों के किनारे से सड़क भी चल रही है। ऐसे में अंधेरे के समय इसमें गिरने का खतरा बना रहता है।
...
कोट
कुछ जगहों पर नाले की सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है। इस बार टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकी हैं। किराए पर मजदूर बुलाकर अपने संसाधनों से नाला की सफाई कराई जा रही है। मानसून आने से पहले सिल्ट सफाई का कार्य पूरा हो जाएगा।
-सत्येंद्र कुमार सिंह, प्रभारी ईओ/एसडीएम