{"_id":"5af9d25d4f1c1be6408b5561","slug":"on-the-death-of-a-boy-family-members-protested","type":"story","status":"publish","title_hn":"किशोर की मौत पर कप्तानगंज सीएचसी में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किशोर की मौत पर कप्तानगंज सीएचसी में हंगामा
basti
Updated Mon, 14 May 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
कप्तानगंज सीएचसी पर हंगामा करते लोग।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कप्तानगंज।
सीएचसी के चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार की संवेदनहीनता के चलते एक किशोर की मौत का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने अस्पताल घेर लिया। नई दिशा महिला समिति लबदहा के बैनर तले पहुंची सैकड़ों महिलाओं ने प्रदर्शन कर डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 10 मई की रात करीब 11 बजे हर्रैया थाना क्षेत्र के लबदहा गांव निवासी फार्मासिस्ट प्रेम शंकर के 17 वर्षीय पुत्र विशाल उर्फ प्रशांत मेधाकर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के लोग उसे लेकर सीएचसी कप्तानगंज पहुंचे। तीमारदारों के काफी प्रयास के बाद डॉ. विनोद कुमार का दरवाजा खुला जरूर लेकिन बच्चे को देखते ही उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि इसे कुछ हुआ नहीं बल्कि इसने नखरा कर रखा है। जब बीमार बच्चा स्वयं सीने में दर्द की बात कह कर गिड़गिड़ाने लगा तब डॉक्टर ने दवा शुरू की, मगर वहीं उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति अनियंत्रित होते देखकर डॉक्टर ने तत्काल मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, मगर अस्पताल से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराया। परिवार के लोग उसे लेकर बाइक से ही निकल पड़े और रास्ते में उसके मामा की कार में उसे शिफ्ट करा दिए, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते किशोर ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित किया। डॉक्टर विनोद पर आरोप लगाते हुए रामयज्ञ, सरस्वती, दुर्गेश कुमार, कृष्ण कुमार, जयशंकर, गौरीशंकर, सुभावती, जयराजी, राजरानी, शकुंतला, राधिका, कंचन, कपूरा, निर्मला, सुमित्रा, लालमती, इंद्रावती, उर्मिला, उषा, सरिता, मूर्तिदेवी, मुन्नी सहित दर्जनों महिलाओं ने नारा लगाते हुए प्रदर्शन किया। डॉ. विनोद कुमार ने आरोप को निराधार करार दिया। बोले मैंने बच्चे को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन जब स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो तत्काल उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां तक एंबुलेंस का प्रश्न है उपलब्ध होने में कुछ समय लगता है, मगर परिवार के लोग बिना इंतजार किए उसे लेकर यहां से चले गए।
विज्ञापन
सीएचसी के चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार की संवेदनहीनता के चलते एक किशोर की मौत का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने अस्पताल घेर लिया। नई दिशा महिला समिति लबदहा के बैनर तले पहुंची सैकड़ों महिलाओं ने प्रदर्शन कर डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 10 मई की रात करीब 11 बजे हर्रैया थाना क्षेत्र के लबदहा गांव निवासी फार्मासिस्ट प्रेम शंकर के 17 वर्षीय पुत्र विशाल उर्फ प्रशांत मेधाकर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के लोग उसे लेकर सीएचसी कप्तानगंज पहुंचे। तीमारदारों के काफी प्रयास के बाद डॉ. विनोद कुमार का दरवाजा खुला जरूर लेकिन बच्चे को देखते ही उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि इसे कुछ हुआ नहीं बल्कि इसने नखरा कर रखा है। जब बीमार बच्चा स्वयं सीने में दर्द की बात कह कर गिड़गिड़ाने लगा तब डॉक्टर ने दवा शुरू की, मगर वहीं उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति अनियंत्रित होते देखकर डॉक्टर ने तत्काल मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, मगर अस्पताल से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराया। परिवार के लोग उसे लेकर बाइक से ही निकल पड़े और रास्ते में उसके मामा की कार में उसे शिफ्ट करा दिए, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते किशोर ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित किया। डॉक्टर विनोद पर आरोप लगाते हुए रामयज्ञ, सरस्वती, दुर्गेश कुमार, कृष्ण कुमार, जयशंकर, गौरीशंकर, सुभावती, जयराजी, राजरानी, शकुंतला, राधिका, कंचन, कपूरा, निर्मला, सुमित्रा, लालमती, इंद्रावती, उर्मिला, उषा, सरिता, मूर्तिदेवी, मुन्नी सहित दर्जनों महिलाओं ने नारा लगाते हुए प्रदर्शन किया। डॉ. विनोद कुमार ने आरोप को निराधार करार दिया। बोले मैंने बच्चे को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन जब स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो तत्काल उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां तक एंबुलेंस का प्रश्न है उपलब्ध होने में कुछ समय लगता है, मगर परिवार के लोग बिना इंतजार किए उसे लेकर यहां से चले गए।
विज्ञापन