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Basti News: घटिया सड़क निर्माण पर प्रांतीय खंड के चार अभियंताओं को नोटिस

Wed, 26 Feb 2025 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 26 Feb 2025 11:15 PM IST
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Notice issued to four provincial section engineers for poor road construction
भरोसा उठने पर शासन ने कराई जिले के चार सड़कों की जांच, गुणवत्ता मिली खराब
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नियमित अनुरक्षण और गुणवत्ता की जांच न होने पर समय से पहले खराब हो रहीं सड़कें
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के चार अभियंताओं को हाल ही नोटिस मिली है। इसमें दो सहायक अभियंता और दो अवर अभियंता शामिल हैं। इनके अधिकार क्षेत्र में वर्ष 2024 में बनवाई चार सड़कों की गुणवत्ता बेहद खराब मिली है। मामला शासन के संज्ञान में है। अन्य जिलों की तरह इन अभियंताओं पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
सड़कों की खराब गुणवत्ता की शिकायत पर पिछले साल शासन ने खुद सूबे के कई जिलों में गोपनीय जांच कराई थी। पहले चरण की गुणवत्ता जांच में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के ग्रामीण अंचल की चार महत्वपूर्ण सड़कों के नमूने फेल पाए गए थे। इसी के बाद अन्य नई सड़कों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई। शासन ने अब इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। अन्य जिलों के कुछ अभियंता कार्रवाई की जद में भी आ चुके हैं।
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बस्ती जिले में कार्रवाई की चेतावनी के साथ चार अभियंताओं को नोटिस मिली है। इसमें पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के दो सहायक अभियंता और दो अवर अभियंता शामिल है। संतोषजनक जवाब न देने पर इन लोगों पर भी कार्रवाई की गाज गिरनी तय मानी जा रही है। नोटिस मिलने के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है। जिम्मेदार कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। अधिकारियों की शासन स्तर तक दौड़भाग तेज हो गई है।
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इन सड़कों के फेल हुए थे नमूने
शासन स्तर से कराई गई जांच में जिन सड़कों के नमूने फेल हुए हैं उनमें सबसे अहम सड़क टिनिच-कप्तानगंज मार्ग की है। 8.95 किमी लंबी इस सड़क को सात मीटर चौड़ा बनाया गया है। घटिया स्तर के निर्माण की शिकायत शासन में पहुंची थी। इसी के बाद उच्च पदस्थ अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए थे। इसकी गुणवत्ता खराब निकली। इसके अलावा मखौड़ा से गोंडा जनपद के छपिया धार्मिक स्थल को जोड़ने वाली दूसरी सड़क की भी गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं पाई गई है। दो अन्य सड़क भी इसमें शामिल हैं।
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निर्माण के दौरान होती है जांच की खानापूर्ति
सड़क निर्माण के दौरान भी सामग्री के जांच की व्यवस्था, मगर जिम्मेदार इसकी सिर्फ खानापूर्ति करते हैं। जानकार बताते हैं कि टेस्ट क्यूब में गुणवत्ता के अनुरूप कंकरीट एवं अन्य सामग्री भरवाकर लैब भेज दिया जाता है। कुछ दिनों के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है। इतने से ही जांच की रस्म पूरी कर ली जाती है।

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ऐसे होता गुणवत्ता से खेल

नई सड़क बनाने के दौरान बेस स्तर के कार्य में मानक से खूब खिलवाड़ किया जाता है। एस्टीमेट के अनुसार न तो मिट्टी की भराई कराई जाती है और न ही बोल्डर आदि का इस्तेमाल होता है। सड़क के लिए जमीन चिह्नित करने के बाद थोड़ा बहुत खोदाई और बोल्डर गिराने के बाद मशीनोें से लेबल और हॉट मिक्स प्लांट से तारकोलयुक्त गिट्टी बिछाने का कार्य तत्काल शुरू कर दिया जाता है। इससे सभी खामियां काली गिट्टी के नीचे दब जाती हैं।

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नई सड़क की अवधि हैं पांच वर्ष
नए मानक के मुताबिक बनाई जा रही सड़कों की अवधि पांच वर्ष निर्धारित है। टेंडर के समय ठेकेदार से अनुबंध भी इन्हीं शर्तों के आधार पर होता है, मगर यह सब लिखापढ़ी की बात होकर रह जाती है। घटिया निर्माण होने के चलते सड़क भी साल भीतर टूटने लगती है।




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कोट

शासन से चार इंजीनियरों को चार्जशीट के साथ नोटिस मिली है। संबंधित से जवाब मांगा गया है। इसे शासन स्तर पर जल्द प्रेषित कर दिया जाएगा।
-एके वर्मा, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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