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Basti News: कबूतरबाजों की जांच न कार्रवाई....धड़ल्ले से दफ्तर खोल कर रहे ठग
Thu, 14 Nov 2024 01:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 14 Nov 2024 01:39 AM IST
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कबूतरबाजों की जांच न कार्रवाई....धड़ल्ले से दफ्तर खोलकर दे रहे झांसा
- शहर से लेकर कस्बों तक फैला है कबूतरबाजों का जाल
- देशी-विदेशी एजेंटों के जरिए विदेश भेजवाने के नाम पर कर रहे गोलमाल
- आए दिन सामने आ रहे लोगों के ठगे जाने के मामले,पुलिस भी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कबूतरबाज खुलेआम ठगी का काम कर रहे हैं। शहर से लेकर कस्बों तक में 20 से ज्यादा दफ्तर खुले हुए हैं। जहां से ग्रामीण बेरोजगारों को दुबई, सउदी अरब, अजर बैजान, ओमान, कुवैत जैसे खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने के नाम लाखों रुपये लिए जा रहे हैं। आए दिन ऐसे बेरोजगारों के साथ धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में नगर थानाक्षेत्र के भोयर चौबे गांव का व्यक्ति वियतनाम में जाकर फंस गया था। मगर इन कबूतरबाजों पर पुलिस भी हाथ नहीं डाल रही है। आईजी आरके भारद्वाज के मुताबिक जब तक कोई शिकायत न करे,पुलिस को दखल देने का अधिकार नहीं है।
पिछले तीन वर्षों में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के 34 से ज्यादा मामले पुलिस के पास पहुंचे। उनमें से कई मामलों में पुलिस ने पाया कि एजेंट कस्बों में दफ्तर खोल रखे हैं। उनमें से ज्यादातर मामलों में बताया गया कि एजेंट के माध्यम से उन्हें भेजने का वादा किया गया था। वियतनाम से किसी तरह लौटकर आए लवकुश चौधरी बताते हैं कि एजेंट के जरिए ही उन्हें लखनऊ के एक दफ्तर में ले जाया गया था। जहां से मेडिकल करवाया गया था। बाद में दक्षिण अफ्रीका कहकर कोलकाता ले जाया गया। वहां से वियतनाम के हवाई जहाज में बैठा दिया गया।
ऐसा ही मामला लालगंज थाना क्षेत्र में इस तरह का मामला सामने आया। कार्यालय खोलकर कबूतरबाज ने वाल्टरगंज के एक युवक से पैसा लेकर वीजा दिया। युवक उस वीजा पर दुबई गया। वहां से उसे लीबिया लाकर छोड़ दिया गया। ठगी के शिकार युवक ने किसी तरह से वहां 20 दिन गुजारे। इसके बाद वह वापस घर आया और एजेंट के कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला बंद मिला। ऐसा कार्यालय नगर बाजार में भी खुले हुए हैं, जहां से विदेश भेजने की डीलिंग होती है। सूत्र बताते हैं कि पासपोर्ट बनवाने से लेकर वीजा दिलवाने तक का जिम्मा लेकर मुंहमांगी रकम ली जाती है।
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विदेश में बैठे एजेंटों तक पहुंचना बड़ी चुनौती
- अवैध तरीके से विदेश भेजनेे के नाम पर ठगी करने वाले कबूतरबाजों के तार कई देशों के एजेंटों से जुड़े हुए हैं। जिस युवक को इंडिया से रवाना किया जाता है, उसकी फोटो पहले ही आगे एजेंट के पास भेज दी जाती है। जिससे वे युवक की पहचान कर उसे आगे वाले देश पहुंचाते हैं। इसकी एवज में उनको कमीशन दिया जाता है। देश में रहने वाले ठगों को पुलिस पकड़ लेगी, लेकिन विदेशों में फैले इनके नेटवर्क को तोड़ने की बात आने पर हाथ बंध जाते हैं।
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कम पढ़े लिखे हो रहे शिकार
- पुलिस की माने तो ज्यादातर मामलों में कम पढ़े लिखे और बेरोजगार लोगों के साथ ठगी होती है। एजेंट बनकर उनसे संपर्क किया जाता है। कारपेंटर, शटरिंग मिस्त्री, ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन आदि का काम जानने वालों को ज्यादा पगार दिलाने का दावा किया जाता है। जिस कारण ज्यादातर युवा तीन से पांच लाख रुपये तक देने को तैयार हो जाते हैं।
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वर्जन
- विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामलों की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। इस तरह के मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
आरके भारद्वाज, आईजी
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- शहर से लेकर कस्बों तक फैला है कबूतरबाजों का जाल
- देशी-विदेशी एजेंटों के जरिए विदेश भेजवाने के नाम पर कर रहे गोलमाल
- आए दिन सामने आ रहे लोगों के ठगे जाने के मामले,पुलिस भी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कबूतरबाज खुलेआम ठगी का काम कर रहे हैं। शहर से लेकर कस्बों तक में 20 से ज्यादा दफ्तर खुले हुए हैं। जहां से ग्रामीण बेरोजगारों को दुबई, सउदी अरब, अजर बैजान, ओमान, कुवैत जैसे खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने के नाम लाखों रुपये लिए जा रहे हैं। आए दिन ऐसे बेरोजगारों के साथ धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में नगर थानाक्षेत्र के भोयर चौबे गांव का व्यक्ति वियतनाम में जाकर फंस गया था। मगर इन कबूतरबाजों पर पुलिस भी हाथ नहीं डाल रही है। आईजी आरके भारद्वाज के मुताबिक जब तक कोई शिकायत न करे,पुलिस को दखल देने का अधिकार नहीं है।
पिछले तीन वर्षों में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के 34 से ज्यादा मामले पुलिस के पास पहुंचे। उनमें से कई मामलों में पुलिस ने पाया कि एजेंट कस्बों में दफ्तर खोल रखे हैं। उनमें से ज्यादातर मामलों में बताया गया कि एजेंट के माध्यम से उन्हें भेजने का वादा किया गया था। वियतनाम से किसी तरह लौटकर आए लवकुश चौधरी बताते हैं कि एजेंट के जरिए ही उन्हें लखनऊ के एक दफ्तर में ले जाया गया था। जहां से मेडिकल करवाया गया था। बाद में दक्षिण अफ्रीका कहकर कोलकाता ले जाया गया। वहां से वियतनाम के हवाई जहाज में बैठा दिया गया।
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ऐसा ही मामला लालगंज थाना क्षेत्र में इस तरह का मामला सामने आया। कार्यालय खोलकर कबूतरबाज ने वाल्टरगंज के एक युवक से पैसा लेकर वीजा दिया। युवक उस वीजा पर दुबई गया। वहां से उसे लीबिया लाकर छोड़ दिया गया। ठगी के शिकार युवक ने किसी तरह से वहां 20 दिन गुजारे। इसके बाद वह वापस घर आया और एजेंट के कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला बंद मिला। ऐसा कार्यालय नगर बाजार में भी खुले हुए हैं, जहां से विदेश भेजने की डीलिंग होती है। सूत्र बताते हैं कि पासपोर्ट बनवाने से लेकर वीजा दिलवाने तक का जिम्मा लेकर मुंहमांगी रकम ली जाती है।
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विदेश में बैठे एजेंटों तक पहुंचना बड़ी चुनौती
- अवैध तरीके से विदेश भेजनेे के नाम पर ठगी करने वाले कबूतरबाजों के तार कई देशों के एजेंटों से जुड़े हुए हैं। जिस युवक को इंडिया से रवाना किया जाता है, उसकी फोटो पहले ही आगे एजेंट के पास भेज दी जाती है। जिससे वे युवक की पहचान कर उसे आगे वाले देश पहुंचाते हैं। इसकी एवज में उनको कमीशन दिया जाता है। देश में रहने वाले ठगों को पुलिस पकड़ लेगी, लेकिन विदेशों में फैले इनके नेटवर्क को तोड़ने की बात आने पर हाथ बंध जाते हैं।
कम पढ़े लिखे हो रहे शिकार
- पुलिस की माने तो ज्यादातर मामलों में कम पढ़े लिखे और बेरोजगार लोगों के साथ ठगी होती है। एजेंट बनकर उनसे संपर्क किया जाता है। कारपेंटर, शटरिंग मिस्त्री, ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन आदि का काम जानने वालों को ज्यादा पगार दिलाने का दावा किया जाता है। जिस कारण ज्यादातर युवा तीन से पांच लाख रुपये तक देने को तैयार हो जाते हैं।
वर्जन
- विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामलों की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। इस तरह के मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
आरके भारद्वाज, आईजी