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रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी का भी इंतजाम नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2016 11:54 PM IST
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रेलवे स्टेशन पर वाटर कूलर काफी दिनों से खराब पड़ा है।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। रेलवे स्टेशन पर मूलभूत यात्री सुविधाओं का अभाव है। गर्मी का मौसम शुरू हो गया है लेकिन, यात्रियों के पीने के लिए स्वच्छ पानी तक का इंतजाम नहीं है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। यात्रियों के बैठने के लिए माकूल इंतजाम नहीं है। इससे रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
रेलवे स्टेेशन के भीतर प्रवेश करते ही यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी देने के लिए लगाया गया डिस्प्ले बोर्ड खराब पड़ा है। इस वजह से यात्रियों को ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी के लिए भटकना पड़ता है। इसके अलावा प्लेट फार्म नंबर एक को वीआईपी श्रेणी में रखा गया है, इसी प्लेट फार्म पर वीआईपी ट्रेनें रुकती हैं। मगर यह प्लेट फार्म भी उपेक्षा का शिकार है।
प्लेट फार्म नंबर एक पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच तक नहीं है। मजबूरन यात्रियों को फर्श पर बैठकर ट्रेनों की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। पीने के पानी के लिए प्लेट फार्म नंबर एक और दो पर लगाया गया वाटर कूलर खराब पड़ा हुआ है। इन वाटर कूलरों से ठंडा पानी आने के बजाय गरम पानी आ रहा है। इसके साथ ही प्लेट फार्म नंबर दो पर ही ठंडे और साफ पानी के लिए आरओ लगा हुआ है। मगर यह मशीन अभी तक चालू नहीं हो सकी है।
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प्लेट फार्म नंबर चार पर टीन शेड का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। इस वजह से यात्रियों को तेज धूप के साथ बारिश के मौसम में भीगना पड़ता है। गोरखपुर, लखनऊ, गोंडा, मनकापुर सहित विभिन्न दूर-दराज शहरों के लिए ट्रेन पकड़ने पहुंचे यात्री राजेश कुमार सिंह, बृजेश मिश्रा, राजकुमार, गिरिजेश कुमार, भानु प्रताप सिंह, सुप्रिया तिवारी, मंजू गुप्ता, नीलम सिंह, सौम्या सिंह, रवि वर्मा, राजीव, नरूला आदि ने बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर में साफ-सफाई का अभाव होने के साथ ही मूलभूत सुविधाओं की बेहद कमी है, जो सुविधाएं रेलवे ने यहां पर दे रखी हैं। उसी को अधिकारी और कर्मचारी सुचारु नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए यात्री जब भी यहां पर आते हैं तो उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
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रेलवे स्टेेशन के भीतर प्रवेश करते ही यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी देने के लिए लगाया गया डिस्प्ले बोर्ड खराब पड़ा है। इस वजह से यात्रियों को ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी के लिए भटकना पड़ता है। इसके अलावा प्लेट फार्म नंबर एक को वीआईपी श्रेणी में रखा गया है, इसी प्लेट फार्म पर वीआईपी ट्रेनें रुकती हैं। मगर यह प्लेट फार्म भी उपेक्षा का शिकार है।
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प्लेट फार्म नंबर एक पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच तक नहीं है। मजबूरन यात्रियों को फर्श पर बैठकर ट्रेनों की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। पीने के पानी के लिए प्लेट फार्म नंबर एक और दो पर लगाया गया वाटर कूलर खराब पड़ा हुआ है। इन वाटर कूलरों से ठंडा पानी आने के बजाय गरम पानी आ रहा है। इसके साथ ही प्लेट फार्म नंबर दो पर ही ठंडे और साफ पानी के लिए आरओ लगा हुआ है। मगर यह मशीन अभी तक चालू नहीं हो सकी है।
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प्लेट फार्म नंबर चार पर टीन शेड का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। इस वजह से यात्रियों को तेज धूप के साथ बारिश के मौसम में भीगना पड़ता है। गोरखपुर, लखनऊ, गोंडा, मनकापुर सहित विभिन्न दूर-दराज शहरों के लिए ट्रेन पकड़ने पहुंचे यात्री राजेश कुमार सिंह, बृजेश मिश्रा, राजकुमार, गिरिजेश कुमार, भानु प्रताप सिंह, सुप्रिया तिवारी, मंजू गुप्ता, नीलम सिंह, सौम्या सिंह, रवि वर्मा, राजीव, नरूला आदि ने बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर में साफ-सफाई का अभाव होने के साथ ही मूलभूत सुविधाओं की बेहद कमी है, जो सुविधाएं रेलवे ने यहां पर दे रखी हैं। उसी को अधिकारी और कर्मचारी सुचारु नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए यात्री जब भी यहां पर आते हैं तो उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।