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फरार बाल अपचारियों का नहीं लगा सुराग, प्रभारी समेत चार नामजद

Wed, 15 Sep 2021 11:32 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 11:32 PM IST
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No clue of absconding child abusers, four nominated including in-charge
फरार बाल अपचारियों का नहीं लगा सुराग, प्रभारी समेत चार नामजद
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- मंगलवार की दोपहर दरवाजे की कुंडी तोड़कर भागे थे छह बाल अपचारी
- रोडवेज चौकी प्रभारी की तहरीर पर संप्रेक्षण गृह प्रभारी पर मुकदमा
- शहर के कोतवाली क्षेत्र के पचपेड़िया में स्थित है बाल संप्रेक्षण गृह
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह से मंगलवार को सीढ़ी का दरवाजा तोड़ छत से कूदकर भागे छह में से किसी भी बाल अपचारी का पुलिस पता नहीं लगा सकी। हालांकि अफसरों ने इसके लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि अलग-अलग चार टीमों को लगाया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द उन्हें पकड़ लिया जाएगा। उधर, रोडवेज चौकी इंचार्ज किरन भाष्कर की तहरीर पर बाल संप्रेक्षण गृह के प्रभारी अविनाश पटेल समेत चार के विरुद्ध कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिनमें केयर टेकर हृदय राम, संतोष कुमार व अरूण कुमार शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उनकी लापरवाही के चलते न्यायिक अभिरक्षा में लिए गए बाल अपचारी फरार हुए।
बता दें कि मंगलवार को शहर के कोतवाली क्षेत्र के पचपेड़िया मोहल्ले में स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में रखे गए छह बाल अपचारी फरार हो गए थे। इनमें बाइक चोरी गिरोह में शामिल होने के आरोप में पकड़ा गया सोनहा थाने का 17 वर्षीय, सिद्धार्थनगर के बांसी कोतवाली अतंर्गत बाल अपचारी 16 वर्षीय, कोतवाली क्षेत्र के 17 वर्षीय दो बाल अपचारी के अलावा सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ थाने का 17 वर्षीय, बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र का निवासी शामिल है। खबर मिलते ही प्रशासनिक मशीनरी में खलबली मच गई। मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुपम यादव, सीओ सिटी शक्ति सिंह कोतवाल शिवाकांत मिश्र समेत तमाम पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। फरार बाल अपचारियों की फोटो व विस्तृत जानकारी सभी थानों व डिजिटल वालंटियर्स ग्रुप के जरिए भेजकर उनको पकड़ने की कोशिश तभी से की जा रही है। फरार हुए बाल अपचारियों में से तीन को कोतवाली पुलिस ने चोरी के आरोप में बीते 29 अगस्त को ही पकड़ा था।
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ओवर क्राउड की समस्या से जूझ रहा मंडल का इकलौता सम्प्रेक्षण गृह
- भले ही मंडल की एकमात्र बाल संप्रेक्षण के लिए जिला कारागार की तरह ओवरक्राउडिंग की समस्या से जूझ रहा है। लेकिन लापरवाही का आलम भी कुछ कम नहीं है। चार केयरटेकर के भरोसे 97 अपचारियों को संभाल पाना अपने आप में कम चुनौती भरा नहीं है। बमुश्किल दो हजार स्क्वायर फिट के मकान में इतनी ज्यादा तादाद में बंदियों को सुरक्षित रख पाना आसान नहीं है। लिखापढ़ी में 30 बाल अपचारियों के रखने की क्षमता के लिए जगह तय की गई है। लेकिन इस संप्रेक्षण गृह में मंडल भर के 97 बाल अपचारी रखे गए हैं। संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जनपद में अभी बाल संप्रेक्षण गृह नहीं बना है। इसलिए वहां के भी बाल अपचारी यहीं रखे जाते हैं।
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