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Basti News: सरसों के तेल में भी मिलावट...चिप्स और नमकीन की फैक्टरियों में आपूर्ति

Thu, 06 Mar 2025 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 06 Mar 2025 12:16 AM IST
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Mustard oil also adulterated... supplied to chips and namkeen factories
संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। बाजार में मिलने वाला खाद्य तेल भी शुद्ध नहीं है। टिन बंद सरसों का तेल मिलावटी है। बाजार में इसकी कीमत लागत से भी कम है। इस तेल की आपूर्ति चिप्स, नमकीन, पापड़ तैयार करने वाली फैक्टरियों में बड़े पैमाने पर की जा रही है।
इसके अलावा होटल, रेस्तरां, फास्टफूड की दुकानों पर भी इसी तेल का इस्तेमाल कर लजीज एवं चटपटे व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में टिन बंद मिलावटी सरसों तेल की खपत रोजाना 25 से 30 टिन की है।
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जानकार बताते हैं कि बाजार में दो किस्म के सरसो के तेल का कारोबार है। एक ब्रांडेड कंपनियों के बोतल बंद और पाउच बंद तेल का कारोबार है और दूसरा इसी के समानांतर टिन बंद मिलावटी तेल का धंधा। सस्ता और सुलभ होने के नाते मिलावटी तेल की खपत ब्रांडेड तेल से ज्यादा बताई जा रही है। व्नावसायिक दृष्टि से तैयार होने वाली खाद्य सामग्रियों में ज्यादातर मिलावटी सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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जानकार बताते हैं कि धंधेबाज मिलावटी सरसों तेल की डिमांड कानपुर, बरेली आदि शहरों से पूरी कर रहे हैं। टिन बंद या डिब्बा बंद यह तेल पांच से 13 लीटर तक की पैकिंग में आ रहा है। थोक भाव में इसकी कीमत 120 से 130 रुपये लीटर है। स्थानीय स्तर पर होटल, रेस्तरां, फास्टफूड, नमकीन, चिप्स, पापड़ कारोबार से जुड़े लोग सस्ते दर पर मिलने के नाते इसी तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे चटपटे व्यंजनों के साथ रंगों से युक्त नमकीन, भुजिया, चिप्स, पापड़ आदि तैयार किए जा रहे हैं।
जानकार बताते हैं कि बाजार में सस्ते दर पर उपलब्ध सरसों का तेल पाम ऑयल से बनाया जाता है। जबकि यह प्रतिबंधित है। इस तेल में सरसों की सुगंध लाने के लिए विशेष किस्म के सेंट का इस्तेमाल किया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाम ऑयल का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह होता है। यह कैंसर का कारक होता है। यदि बाजार में मिल रही नमकीन एवं अन्य फास्टफूड पाम ऑयल मिश्रित सरसों के तेल से तैयार हो रही है तो इससे बचाव करना ही लाभप्रद होगा।
औद्योगिक आस्थान, हड़िया चौराहा से लगायत जिले के विभिन्न जगहों पर स्थापित नमकीन फैक्टरी में पाम ऑयल मिश्रित सरसों तेल ज्यादातर इस्तेमाल हो रहा है। इन कारखानों में प्रतिदिन 15 से 20 टन मिलावटी सरसों तेल की खपत हो रही है।
इससे नमकीन, समोसी, मठरी के अलावा अन्य फास्टफूड तैयार कर बाजार में इसकी आपूर्ति की जा रही है। न जानकारी में लोग रेडीमेड नमकीन, फास्टफूड की खरीदारी कर खाने में इस्तेमाल कर रहे हैं।

लागत भी कम है इस तेल की कीमत ःमिलावटी सरसों तेल की कीमत बाजार में लागत से भी कम है। बाजार में साबूत सरसों 75 रुपये किलो बिक रहा है।
एक क्विंटल सरसों में 35 से 37 किलो तेल निकलने का मानक है। ऐसे में शुद्ध एक लीटर सरसों तेल की लागत 200 रुपये से अधिक आ रही है। मगर बाजार में सरसों तेल 120 रुपये से 180 रुपये लीटर तक बिक रहा है।
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