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Basti News: नगर पालिका कर्मी हड़ताल पर... कूड़ों से पटा शहर
Thu, 23 Nov 2023 01:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 23 Nov 2023 01:38 AM IST
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दो दिन से नहीं उठा कूड़ा, गंदगी से परेशान हैं लोग
नगर पालिका के अधिकारियों व प्रशासन ने साधी चुप्पी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। वेतन के लिए दो दिन से हड़ताल पर बैठे कर्मियों के चलते शहर की सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गई है। गली-मोहल्ले तो दूर मुख्य मार्ग के किनारे भी कूड़ों का ढेर लगा है। इससे उठती दुर्गंध आम लोगों को परेशान कर रही है। शहर में दो दिन से कूड़ा नहीं उठा है। इसका कोई प्रभाव नगर पालिका के अधिकारियों व प्रशासन पर नहीं है। क्याेंकि आंदोलनरत कर्मियों से मिलने पालिकाध्यक्ष के अलावा कोई प्रशासनिक अफसर नहीं पहुंचा है।
मुख्य बाजार गांधीनगर के सब्जी मंडी की दुकानों से निकलने वाला सड़ा आलू, टमाटर व अन्य सब्जी फेंकी जाती है। दो दिन से मुख्य बाजार में कूड़ा एकत्रित है, मगर किसी को इसकी परवाह नहीं है। यही हाल टाउन क्लब, गांधी नगर, मालवीय मार्ग का है। बैरिहवां चौराहे पर रखे कूड़ादान का कूड़ा सड़क पर बिखर रहा है। पुरानी बस्ती के सुर्ती हट्टा, पांडेय बाजार, मंगल बाजार, दक्षिण दरवाजा, स्टेशन रोड, चइयाबारी आदि मोहल्लों व मुख्य मार्गों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।
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1.35 लाख की आबादी को झेलनी पड़ रही मुसीबत
शहर की आबादी 1.35 लाख के करीब है। यहां शहरियों के लिए नाली, पानी, सड़क, सफाई व्यवस्था महज काबज मेंं है। एक वर्ष से अधिक समय से न तो यहां कोई सड़क बनाई गई और न अन्य व्यवस्थाओं पर कोई काम हो सका। चुनाव के दौरान किए गए तमाम वादे व दावे भी कागज में दम तोड़ रहे हैं। पालिकाध्यक्ष नेहा वर्मा सिर्फ बजट का रोना रो रही हैं। पालिकाध्यक्ष नेहा वर्मा ने कहा कि आंदोलित कर्मियों से मुलाकात की गई है। उनसे वार्ता कर समझाया गया है कि उनका वेतन किन कारणों से रुका है। इस संबंध में प्रमुख सचिव नगर विकास व डीएम को पत्र दिया गया है। प्रयास है कि मामला हल हो जाएगा। कर्मियों से कहा गया है कि वह नागरिक सेवाओं को बाधित न करें। वार्ता चल रही है। संभव है कोई हल निकल जाए।
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कलक्ट्रेट पर आमरण अनशन की चेतावनी
नगर पालिका परिषद में वित्तीय आहरण वितरण अधिकारी न होने के कारण शासन से वेतन भुगतान मद में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद नियमित / संविदा कर्मचारियों को अक्तूबर तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को करीब 10 माह का वेतन भुगतान नहीं हुआ है। पालिका कर्मचारी संघ के नेताओं ने कहा कि दो दिन से हड़ताल के बावजूद वेतन सहित विभिन्न मांगों पर कोई प्रयास नहीं किया गया है। यदि समस्याएं हल न हुईं तो कलक्ट्रेट पर आमरण अनशन होगा। कर्मचारी नेताओं ने वेतन, पेंशन, एरियर, बकाया पीएफ- काटकर खाते में न जमा करने, बैंक लोन की कटौती की धनराशि काटकर खाते में न भेजे जाने, बोनस की धनराशि भुगतान न करने आदि मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं इस मौके पर सत्यदेव शुक्ल, सर्वेंद्र सिंह, दुर्गेश नंदन श्रीवास्तव, मो वसीम सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
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नगर पालिका के अधिकारियों व प्रशासन ने साधी चुप्पी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। वेतन के लिए दो दिन से हड़ताल पर बैठे कर्मियों के चलते शहर की सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गई है। गली-मोहल्ले तो दूर मुख्य मार्ग के किनारे भी कूड़ों का ढेर लगा है। इससे उठती दुर्गंध आम लोगों को परेशान कर रही है। शहर में दो दिन से कूड़ा नहीं उठा है। इसका कोई प्रभाव नगर पालिका के अधिकारियों व प्रशासन पर नहीं है। क्याेंकि आंदोलनरत कर्मियों से मिलने पालिकाध्यक्ष के अलावा कोई प्रशासनिक अफसर नहीं पहुंचा है।
मुख्य बाजार गांधीनगर के सब्जी मंडी की दुकानों से निकलने वाला सड़ा आलू, टमाटर व अन्य सब्जी फेंकी जाती है। दो दिन से मुख्य बाजार में कूड़ा एकत्रित है, मगर किसी को इसकी परवाह नहीं है। यही हाल टाउन क्लब, गांधी नगर, मालवीय मार्ग का है। बैरिहवां चौराहे पर रखे कूड़ादान का कूड़ा सड़क पर बिखर रहा है। पुरानी बस्ती के सुर्ती हट्टा, पांडेय बाजार, मंगल बाजार, दक्षिण दरवाजा, स्टेशन रोड, चइयाबारी आदि मोहल्लों व मुख्य मार्गों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।
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1.35 लाख की आबादी को झेलनी पड़ रही मुसीबत
शहर की आबादी 1.35 लाख के करीब है। यहां शहरियों के लिए नाली, पानी, सड़क, सफाई व्यवस्था महज काबज मेंं है। एक वर्ष से अधिक समय से न तो यहां कोई सड़क बनाई गई और न अन्य व्यवस्थाओं पर कोई काम हो सका। चुनाव के दौरान किए गए तमाम वादे व दावे भी कागज में दम तोड़ रहे हैं। पालिकाध्यक्ष नेहा वर्मा सिर्फ बजट का रोना रो रही हैं। पालिकाध्यक्ष नेहा वर्मा ने कहा कि आंदोलित कर्मियों से मुलाकात की गई है। उनसे वार्ता कर समझाया गया है कि उनका वेतन किन कारणों से रुका है। इस संबंध में प्रमुख सचिव नगर विकास व डीएम को पत्र दिया गया है। प्रयास है कि मामला हल हो जाएगा। कर्मियों से कहा गया है कि वह नागरिक सेवाओं को बाधित न करें। वार्ता चल रही है। संभव है कोई हल निकल जाए।
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कलक्ट्रेट पर आमरण अनशन की चेतावनी
नगर पालिका परिषद में वित्तीय आहरण वितरण अधिकारी न होने के कारण शासन से वेतन भुगतान मद में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद नियमित / संविदा कर्मचारियों को अक्तूबर तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को करीब 10 माह का वेतन भुगतान नहीं हुआ है। पालिका कर्मचारी संघ के नेताओं ने कहा कि दो दिन से हड़ताल के बावजूद वेतन सहित विभिन्न मांगों पर कोई प्रयास नहीं किया गया है। यदि समस्याएं हल न हुईं तो कलक्ट्रेट पर आमरण अनशन होगा। कर्मचारी नेताओं ने वेतन, पेंशन, एरियर, बकाया पीएफ- काटकर खाते में न जमा करने, बैंक लोन की कटौती की धनराशि काटकर खाते में न भेजे जाने, बोनस की धनराशि भुगतान न करने आदि मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं इस मौके पर सत्यदेव शुक्ल, सर्वेंद्र सिंह, दुर्गेश नंदन श्रीवास्तव, मो वसीम सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।