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‘माता ही होती है बच्चे की प्रथम गुरु’

Sun, 10 Apr 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 10 Apr 2016 11:52 PM IST
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mother is the first teacher of child
आर्य समाज के वार्षिकोत्सव में प्रवचन करते आर्य। - फोटो : रमेश मिश्र
बस्ती। माता ही बच्चे की प्रथम गुरू होती है। उसके आचार विचार, गुण, कर्म, स्वभाव तथा उसके प्रत्येक क्षण के चिंतन से संतान का निर्माण होता है। अपने इतिहास की ओर देखें तो वैदिक काल में मदालसा, सीता, कुंती, कौशल्या आदि माताओं ने संतानों का निर्माण कर अपने देश और संस्कृति की रक्षा की है।  
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यह कहना है विदुषी रुक्मिणी आर्य का। वह रविवार को आर्य समाज नई बाजार बस्ती के 44वें वार्षिकोत्सव में आयोजित ‘मातृदेवो भव’ विषयक गोष्ठी में बोल रही थीं। कहा कि आज देश की प्रत्येक माता को संकल्पों के साथ संतान का निर्माण करना चाहिए। अध्यक्षता कर रही स्नेह सेठी याज्ञिक ने कहा बच्चों की लोरी, खेल और खिलौने भी ऐसे होने ,चाहिए जिससे वे निरंतर प्रेरणा प्राप्त करें। उनके भीतर से लोभ और भय को निकालकर ज्ञानग्रहण के बीज माता ही बोती है। 
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इससे पूर्व यजुर्वेद परायण यज्ञ कराते हुए आचार्य सुरेश जी ने बताया कि यह वेद कर्म की प्रेरणा देता है और अपने  जीवन को उत्तम बनाने के लिए संस्कारों से सुसज्जित करने का संदेश देता है। कहा कि आयु, विद्या, यश और बल ये चारों यदि एक ही जगह मिल सकते हैं तो वह जगह माता-पिता के चरण ही हैं। ईश्वर पूजा का वैदिक स्वरूप बताते हुए पंडित नेम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पंच यज्ञों को जीवन में उतारना ही ईश्वर पूजा है।
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स्वामी श्रद्धानंद ने बताया कि आज लोग ईश्वर मानकर प्रकृति की पूजा कर रहे हैं। इससे ईश्वर से दूर होते जा रहे हैं। ईश्वर पूर्ण है, उसे किसी के चढ़ावे की आवश्यकता नहीं है। संचालन कर रहे देवव्रत आर्य ने कहा कि यम, नियम, आसन, प्राणायाम एवं ध्यान से ईश्वर के सच्चे स्वरूप का अनुभव किया जा सकता है। आर्य समाज नई बाजार के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय ने स्वीकार किया था कि जब आर्य समाज दौडे़गा तो हिंदू चलेगा।


जब आर्य समाज चलेगा तो हिंदू खड़ा हो जाएगा। इसलिए आर्य समाज अपनी वैदिक संस्कृति को जगाए रखने के लिए कृतसंकल्प है। बताया कि 11 अप्रैल की शाम वेदपारायण यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। इसमें बाणविद्या का प्रदर्शन व अपराह्न तीन बजे आर्य वीरों एवं वीरांगनाओं का शौर्य  प्रदर्शन होगा। इस अवसर पर अलख निरंजन आर्य, राजेश आर्य, संतोष आर्य सपत्नीक यजमान रहे।
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