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Basti News: पत्नी और चार बच्चों की माैत के सदमे से बेसुध हुआ मोइबुद्दीन
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मुंबई से शव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार में जुटी भीड़। संवाद
बस्ती। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव से मुंबई में लंबे समय से मजदूरी करने गए परिवार की मुंबई में पांच जुलाई को घर गिर जाने से उसमें दबकर पांच सदस्यों की मौत हो गई थी। बुधवार को पांचों शवों को गांव के कब्रिस्तान में दफन किया गया। पत्नी और चार बच्चों का शव देखकर मोइबुद्दीन सदमे में आए गए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी मोइबुद्दीन (40) अपने परिवार के साथ मुंबई की मान खुर्द मंडाला रोड नंबर 5 जनता नगर दुर्गा मंदिर के पास करीब 20 वर्ष से एक टिन शेड के मकान में रहते थे। मोइबुद्दीन करीब दो वर्ष पूर्व घर में एक शादी समारोह में शरीक होने आए थे जबकि वहीं पूरा परिवार करीब सात साल से घर नहीं आया था। मोइबुद्दीन ने बताया कि जिस दिन घटना घटी उस दिन वह 20 मिनट पहले घर से पान खाने निकले थे और जब घर लौटे तो घर से सटा दो मंजिला मकान जो तीन वर्ष पूर्व बना था वह उनके टीनशेड पर गिर गया।
हादसे में पत्नी अख्तर जहां (38), बिटिया कैसर जहां (14), बेटा जलालुद्दी (10), बेटा सेराजुद्दीन (6) और बिटिया अनाबिया (3) की दबकर मौत हो गई। पड़ोस की एक बच्ची आलिया (5) की भी दबकर मौत हो गई है। मोइबुउद्दीन ने बताया कि गांव में रहने के लिए घर पर कोई कमरा न होने के कारण वह परिवार को घर पर नहीं लाते थे। मोईबुद्दीन अपने चार भाइयों में सबसे छोटे हैं। चारों भाई अलग-अलग शहरों में रहते हैं।
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शव घर पहुंचने के बाद पत्नी, बच्चे व बेटी सहित परिवार को अपनी आंखों के सामने दफन होते देख मोइबुद्दीन सदमा सह न सके और उनकी तबीयत खराब हो गई। परिजन 108 एंबुलेंस की मदद से साऊघाट ले गए, वहां उपचार के बाद घर भेज दिए गए।
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क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी मोइबुद्दीन (40) अपने परिवार के साथ मुंबई की मान खुर्द मंडाला रोड नंबर 5 जनता नगर दुर्गा मंदिर के पास करीब 20 वर्ष से एक टिन शेड के मकान में रहते थे। मोइबुद्दीन करीब दो वर्ष पूर्व घर में एक शादी समारोह में शरीक होने आए थे जबकि वहीं पूरा परिवार करीब सात साल से घर नहीं आया था। मोइबुद्दीन ने बताया कि जिस दिन घटना घटी उस दिन वह 20 मिनट पहले घर से पान खाने निकले थे और जब घर लौटे तो घर से सटा दो मंजिला मकान जो तीन वर्ष पूर्व बना था वह उनके टीनशेड पर गिर गया।
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हादसे में पत्नी अख्तर जहां (38), बिटिया कैसर जहां (14), बेटा जलालुद्दी (10), बेटा सेराजुद्दीन (6) और बिटिया अनाबिया (3) की दबकर मौत हो गई। पड़ोस की एक बच्ची आलिया (5) की भी दबकर मौत हो गई है। मोइबुउद्दीन ने बताया कि गांव में रहने के लिए घर पर कोई कमरा न होने के कारण वह परिवार को घर पर नहीं लाते थे। मोईबुद्दीन अपने चार भाइयों में सबसे छोटे हैं। चारों भाई अलग-अलग शहरों में रहते हैं।
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शव घर पहुंचने के बाद पत्नी, बच्चे व बेटी सहित परिवार को अपनी आंखों के सामने दफन होते देख मोइबुद्दीन सदमा सह न सके और उनकी तबीयत खराब हो गई। परिजन 108 एंबुलेंस की मदद से साऊघाट ले गए, वहां उपचार के बाद घर भेज दिए गए।