{"_id":"5ab7e7784f1c1b71778b765f","slug":"minister-taken-meeting-with-leaders-and-officers","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनप्रतिनिधियों को नजरंदाज किया तो होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनप्रतिनिधियों को नजरंदाज किया तो होगी कार्रवाई
basti
Updated Sun, 25 Mar 2018 11:46 PM IST
विज्ञापन
बैठक को संबोधित करते मंत्री।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती।
सूबे के स्वास्थ्य मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने वर्ष भर के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की क्लास लगाई। घंटों चले इस क्लास में प्रशासन व जनप्रतिनिधियों में तालमेल न होने की जानकारी पर प्रभारी मंत्री के तेवर सख्त हो गए। निर्देश दिया कि यदि जन प्रतिनिधियों को नजरंदाज किया गया तो कार्रवाई होगी। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी आपत्ति जताई। निर्देश दिया कि जांच के नाम पर किसी का उत्पीड़न न होने पाए।
समीक्षा के दौरान विधायक अजय सिंह ने गन्ना किसानों कीपर्ची में माफिया के हस्तक्षेप की बात उठाई, जिस पर प्रभारी मंत्री ने डीएम को इन स्थितियों को ठीक करने को कहा। प्रभारी मंत्री ने चीनी मिलों द्वारा गन्ना बकाया के भुगतान एवं किसानों को दी जाने वाली गन्ना की पर्ची, कृषि ऋणमोचन योजना, विद्युत विभाग की सौभाग्य योजना, लोक निर्माण के सड़क निर्माण, नवीन कार्य, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना की बारी-बारी से समीक्षा की। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता के बैठक में अनुपस्थित होने पर मंत्री सिंह ने नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। उन्होंने गन्ना मूल्य भुगतान के समयबद्ध ढंग से कार्रवाई का निर्देश डीएम को दिया। समीक्षा बैठक में सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक सदर दयाराम चौधरी, चन्द्र प्रकाश शुक्ल, अजय सिंह, संजय प्रताप जायसवाल, रवि सोनकर एमएलसी प्रतिनिधि हरीश सिंह व भाजपा जिलाध्यक्ष पवन कसौधन ने अपनी बात रखी। इस मौके पर डीएम सुशील कुमार मौर्या, एसपी दिलीप कुमार, सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय के अलावा जिले भर के अधिकारी मौजूद रहे।
दिव्यांगों को दी ट्राई साइकिल
प्रभारी मंत्री ने आयुक्त सभागार में 17 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल दी। यहां कुल पचास लाभार्थी दिव्यांग योजना से लाभान्वित हुए।
प्रभारी मंत्री को झेलना पड़ा आक्रोश
बस्ती। प्रभारी मंत्री व सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को रविवार की शाम कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा। कार्यकर्ता भाजयुमो जिला महामंत्री नितेेश शर्मा के साथ सोनहा पुलिस की बदसलूकी को लेकर विरोध स्वरूप नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इन कार्यकर्ताओं के समर्थन में हर्रैया के विधायक अजय सिंह और कप्तानगंज के विधायक सीपी शुक्ल भी रहे।
विज्ञापन
देर शाम समीक्षा बैठक व पत्रकार वार्ता निपटाने के बाद प्रभारी मंत्री आयुक्त सभागार से निकलने ही वाले थे कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए वहां पहुंच मंत्री का घेराव किया। कार्यकर्ताओं का आक्रोश देख मंत्री सकते में आ गए। उन्हें इसकी जरा भी भनक नहीं थी कि पार्टी के कार्यकर्ताओं में अपनी ही सरकार के प्रति इतना गुस्सा है। हालांकि, कार्यकर्ताओं के आक्रोश को वे संभालने में लगे रहे, मगर कार्यकर्ता कार्रवाई की मांग करने लगे। उनके समर्थन में उतरे दोनों विधायकों ने भी प्रभारी मंत्री से पुलिस की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई। स्थिति बिगड़ते देखकर मंत्री ने नितेश और भाजयुमो जिलाध्यक्ष सत्येंद्र तिवारी को बुलाकर बातचीत कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर कार्यकर्ता मानें और लौट गए।
यहां उल्लेखनीय है कि भाजयुुमो महामंत्री शर्मा 23 मार्च की शाम अपने कोठिला स्थित आवास से अपने मित्र के साथ सोनहा तिराहे पर आए। यहां वह बाइक खड़ी कर किसी का इंतजार करने लगे। इसी बीच वहां थाने के उप निरीक्षक दुर्गेश पांडेय और अभिषेक सिंह पहुंचे। दोनों ने नितेश से हेलमेट दिखाने के लिए कहा, जिस पर उन्होंने उपनिरीक्षकों से हेलमेट न लगाने का कारण पूछ लिया। यह बात दरोगा को नागवार गुजरी। दरोगा ने नितेश की बाइक की चाभी छीन ली और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हुए बाइक थाने पर ले आए। जब नितेश ने यह बात थानेदार श्रीनाथ यादव को बताई तो वह भी भड़क गए। नितेश का आरोप है कि थानेदार ने भी उनसे अमर्यादित व्यवहार किया।
विज्ञापन
सूबे के स्वास्थ्य मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने वर्ष भर के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की क्लास लगाई। घंटों चले इस क्लास में प्रशासन व जनप्रतिनिधियों में तालमेल न होने की जानकारी पर प्रभारी मंत्री के तेवर सख्त हो गए। निर्देश दिया कि यदि जन प्रतिनिधियों को नजरंदाज किया गया तो कार्रवाई होगी। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी आपत्ति जताई। निर्देश दिया कि जांच के नाम पर किसी का उत्पीड़न न होने पाए।
समीक्षा के दौरान विधायक अजय सिंह ने गन्ना किसानों कीपर्ची में माफिया के हस्तक्षेप की बात उठाई, जिस पर प्रभारी मंत्री ने डीएम को इन स्थितियों को ठीक करने को कहा। प्रभारी मंत्री ने चीनी मिलों द्वारा गन्ना बकाया के भुगतान एवं किसानों को दी जाने वाली गन्ना की पर्ची, कृषि ऋणमोचन योजना, विद्युत विभाग की सौभाग्य योजना, लोक निर्माण के सड़क निर्माण, नवीन कार्य, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना की बारी-बारी से समीक्षा की। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता के बैठक में अनुपस्थित होने पर मंत्री सिंह ने नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। उन्होंने गन्ना मूल्य भुगतान के समयबद्ध ढंग से कार्रवाई का निर्देश डीएम को दिया। समीक्षा बैठक में सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक सदर दयाराम चौधरी, चन्द्र प्रकाश शुक्ल, अजय सिंह, संजय प्रताप जायसवाल, रवि सोनकर एमएलसी प्रतिनिधि हरीश सिंह व भाजपा जिलाध्यक्ष पवन कसौधन ने अपनी बात रखी। इस मौके पर डीएम सुशील कुमार मौर्या, एसपी दिलीप कुमार, सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय के अलावा जिले भर के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
दिव्यांगों को दी ट्राई साइकिल
प्रभारी मंत्री ने आयुक्त सभागार में 17 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल दी। यहां कुल पचास लाभार्थी दिव्यांग योजना से लाभान्वित हुए।
प्रभारी मंत्री को झेलना पड़ा आक्रोश
बस्ती। प्रभारी मंत्री व सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को रविवार की शाम कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा। कार्यकर्ता भाजयुमो जिला महामंत्री नितेेश शर्मा के साथ सोनहा पुलिस की बदसलूकी को लेकर विरोध स्वरूप नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इन कार्यकर्ताओं के समर्थन में हर्रैया के विधायक अजय सिंह और कप्तानगंज के विधायक सीपी शुक्ल भी रहे।
विज्ञापन
देर शाम समीक्षा बैठक व पत्रकार वार्ता निपटाने के बाद प्रभारी मंत्री आयुक्त सभागार से निकलने ही वाले थे कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए वहां पहुंच मंत्री का घेराव किया। कार्यकर्ताओं का आक्रोश देख मंत्री सकते में आ गए। उन्हें इसकी जरा भी भनक नहीं थी कि पार्टी के कार्यकर्ताओं में अपनी ही सरकार के प्रति इतना गुस्सा है। हालांकि, कार्यकर्ताओं के आक्रोश को वे संभालने में लगे रहे, मगर कार्यकर्ता कार्रवाई की मांग करने लगे। उनके समर्थन में उतरे दोनों विधायकों ने भी प्रभारी मंत्री से पुलिस की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई। स्थिति बिगड़ते देखकर मंत्री ने नितेश और भाजयुमो जिलाध्यक्ष सत्येंद्र तिवारी को बुलाकर बातचीत कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर कार्यकर्ता मानें और लौट गए।
यहां उल्लेखनीय है कि भाजयुुमो महामंत्री शर्मा 23 मार्च की शाम अपने कोठिला स्थित आवास से अपने मित्र के साथ सोनहा तिराहे पर आए। यहां वह बाइक खड़ी कर किसी का इंतजार करने लगे। इसी बीच वहां थाने के उप निरीक्षक दुर्गेश पांडेय और अभिषेक सिंह पहुंचे। दोनों ने नितेश से हेलमेट दिखाने के लिए कहा, जिस पर उन्होंने उपनिरीक्षकों से हेलमेट न लगाने का कारण पूछ लिया। यह बात दरोगा को नागवार गुजरी। दरोगा ने नितेश की बाइक की चाभी छीन ली और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हुए बाइक थाने पर ले आए। जब नितेश ने यह बात थानेदार श्रीनाथ यादव को बताई तो वह भी भड़क गए। नितेश का आरोप है कि थानेदार ने भी उनसे अमर्यादित व्यवहार किया।