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Basti News: मेडिकल कॉलेज में संचालित नहीं हो सकी एचएमआईएस
Tue, 02 May 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 02 May 2023 12:13 AM IST
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बस्ती। कोरोना जैसी महामारी की गाइड लाइन का पालन करने तथा मरीजों को बार-बार अस्पताल का चक्कर काटने से बचाने के लिए मेडिकल कॉलेज को एचएमआईएस यानी हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ने की कवायद करीब तीन माह पहले शुरू हुई थी। शासन की कवायद का परिणाम यह रहा कि कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में इस सिस्टम के लिए संसाधनों को स्थापित कर दिया गया। इसे वाईफाई से भी जोड़ा गया, मगर अब तक यह सुविधा मरीजों को कोई लाभ नहीं दे पाई है।
योजना पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए हैं। शासन ने आम लोगों को सुविधा देने की मंशा से जिले के मेडिकल कॉलेज को संसाधनों से लैस किया है। इन्हीं में शामिल है एचएमआईएस। इससे मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण से लेकर सभी सुविधाएं तो मिल ही जातीं। डॉक्टर को भी इसका लाभ मिलता। एक क्लिक में मरीज की सारी सूचनाएं ऑनलाइन नजर आ जाती, मगर अब तक यह केवल पर्ची काउंटर तक सुविधा मिल पाई है।
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यह मिलती सुविधा
इस सॉफ्टवेयर से मरीजों के रजिस्ट्रेशन, भर्ती, डिस्चार्ज, एंबुलेंस, खाना, दवाइयां, डॉक्टरों का विवरण और उपलब्धता समेत तमाम अहम जानकारियां ऑनलाइन हो जातीं। मरीज फोन के प्ले स्टोर से सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करके ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते थे. इससे उन्हें अस्पताल में जाकर लाइन में नहीं लगना प़ड़ता।
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बोले मरीज व तीमारदार
साहब सुविधा के नाम पर यहां केवल ऑनलाइन पर्ची मिलती है। सुबह से दोपहर तक पहले डॉक्टर कक्ष में लाइन, फिर जांच के लिए इस काउंटर से उस काउंटर दौड़ लगानी पड़ रही है।
-इंद्र भूषण गौरा, धमौरा
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मरीज लेकर कुदरहा से आए थे। सुबह से अस्पताल में लाइन लगाकर मरीज के लिए पर्ची लिए। इसके बाद लाइन में धक्का खाकर किसी तरह डाॅक्टर को दिखाया। यहां घंटे भर तक परेशान होने के बाद पैथालोजी में भी यही हाल है। न जाने कब तक ऑनलाइन सुविधा शुरू होगी।
-अंगद विश्वकर्मा, कुदरहा।
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बोले सीएमएस
एचएमआईएस का प्रथम चरण पूरा करा दिया गया है। संसाधनों को सुसज्जित करने की जिम्मेदारी चिकित्सा शिक्षा विभाग की है। कॉलेज से जो सुविधाएं उपलब्ध करानी है, उसे मुहैया करा दिया गया है। शीघ्र ही काम शुरू होगा।
-एएन प्रसाद, सीएमएस, कैली चिकित्सालय
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योजना पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए हैं। शासन ने आम लोगों को सुविधा देने की मंशा से जिले के मेडिकल कॉलेज को संसाधनों से लैस किया है। इन्हीं में शामिल है एचएमआईएस। इससे मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण से लेकर सभी सुविधाएं तो मिल ही जातीं। डॉक्टर को भी इसका लाभ मिलता। एक क्लिक में मरीज की सारी सूचनाएं ऑनलाइन नजर आ जाती, मगर अब तक यह केवल पर्ची काउंटर तक सुविधा मिल पाई है।
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यह मिलती सुविधा
इस सॉफ्टवेयर से मरीजों के रजिस्ट्रेशन, भर्ती, डिस्चार्ज, एंबुलेंस, खाना, दवाइयां, डॉक्टरों का विवरण और उपलब्धता समेत तमाम अहम जानकारियां ऑनलाइन हो जातीं। मरीज फोन के प्ले स्टोर से सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करके ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते थे. इससे उन्हें अस्पताल में जाकर लाइन में नहीं लगना प़ड़ता।
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बोले मरीज व तीमारदार
साहब सुविधा के नाम पर यहां केवल ऑनलाइन पर्ची मिलती है। सुबह से दोपहर तक पहले डॉक्टर कक्ष में लाइन, फिर जांच के लिए इस काउंटर से उस काउंटर दौड़ लगानी पड़ रही है।
-इंद्र भूषण गौरा, धमौरा
मरीज लेकर कुदरहा से आए थे। सुबह से अस्पताल में लाइन लगाकर मरीज के लिए पर्ची लिए। इसके बाद लाइन में धक्का खाकर किसी तरह डाॅक्टर को दिखाया। यहां घंटे भर तक परेशान होने के बाद पैथालोजी में भी यही हाल है। न जाने कब तक ऑनलाइन सुविधा शुरू होगी।
-अंगद विश्वकर्मा, कुदरहा।
बोले सीएमएस
एचएमआईएस का प्रथम चरण पूरा करा दिया गया है। संसाधनों को सुसज्जित करने की जिम्मेदारी चिकित्सा शिक्षा विभाग की है। कॉलेज से जो सुविधाएं उपलब्ध करानी है, उसे मुहैया करा दिया गया है। शीघ्र ही काम शुरू होगा।
-एएन प्रसाद, सीएमएस, कैली चिकित्सालय