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Basti News: मेडिकल कॉलेज...जिला पंचायत बनाएगा 2. 80 करोड़ का नाला, जलभराव की समस्या से मिलेगी निजात

Mon, 06 Oct 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Mon, 06 Oct 2025 12:44 AM IST
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Medical College...District Panchayat to build a drain worth 2.80 crore rupees, to get rid of waterlogging problem
मेडिकल कॉलेज बस्ती
बस्ती। मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान खोज लिया गया है। डीएम रवीश गुप्ता की पहल पर जिला पंचायत के बजट से अस्पताल गेट से लेकर सोनूपार चौराहे तक करीब दो किमी लंबाई में आधुनिक तकनीक का नाला निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 2.80 करोड़ के प्रस्ताव को जिला पंचायत सदन से मंजूरी भी मिल गई है। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सबकुछ ठीक रहा तो सप्ताह भीतर नाला निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।
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पीजीआई की तर्ज पर बस्ती शहर से पांच किमी की दूरी पर स्थित गैर चिरागी कैली गांव में 500 शैय्या का अस्पताल भवन स्थापित हुआ था। 34 एकड़ भू-भाग में अस्पताल भवन, परिसर, पार्किंग, एक दर्जन आवासीय ब्लॉक, सड़क आदि का निर्माण कराया गया था लेकिन जब यह अस्पताल उच्च स्तर पर पनप नहीं पाया तो आठ साल पहले इसे महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई बना दी गई। तभी से यह अस्पताल मरीज, तीमारदार, डॉक्टर और स्टॉफ से गुलजार रहने लगा है।
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अस्पताल परिसर में नया 100 बेड की इमरजेंसी, गायनी विभाग के लिए नया भवन भी बनाया जा चुका है। इसके अलावा 50 शैय्या वाला क्रिटिकल केयर वार्ड भी बनकर तैयार हो रहा है लेकिन तीन दशक बीतने के बाद भी इस अस्पताल में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं बन पाई है। बारिश के समय तो यहां परिसर से लेकर आवासीय क्षेत्र तक पानी भरा रहता है। जलभराव के चलते मरीज, तीमारदार, चिकित्सक, स्टॉफ सभी परेशान होते हैं।
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आवासीय क्षेत्र में तो बारिश के दौरान घरों के अंदर तक पानी भर जाता है। जबकि चिकित्सक और स्टॉफ मिलाकर इस अस्पताल परिसर में पांच हजार से अधिक की आबादी नियमित निवास करती है। जिनके घरों से निकलने वाला गंदा पानी खुले में पसरा रहता है।
जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की कई बार कोशिश की लेकिन ग्रामीण गेट के बाहर नाला खोदाई का विरोध करते रहे। यह प्रकरण शासन स्तर तक पहुंचा। निदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य स्तर से डीएम को जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए कई बार निर्देशित भी किए जा चुके हैं। डीएम रवीश गुप्ता की पहल पर जिला पंचायत से नाला निर्माण का रास्ता साफ हुआ है।
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एक मीटर चौड़ा बनेगा नाला
जिला पंचायत ने नाला निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। एस्टीमेट के अनुसार ओपेक चिकित्सालय कैली गेट से लेकर सोनूपार तक दो किमी की लंबाई में एक मीटर चौड़ा और 1.20 मीटर गहरा पक्के नाले का निर्माण कराया जाएगा। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर लोहे के राड का जाल बनाकर इसमें कंक्रीट की ढलाई की जाएगी। इसके ऊपर सीसी ढक्कन भी लगाए जाएंगे। ताकि खुला नाला आवागमन में व्यवधान न बने।
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श्रमदान में घोषित हो चुका आठ साल पहले बना नाला
ओपेक चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज के अंदर निर्माण कार्यों को हथियाने को लेकर राजनीतिक रसूखदारों में रस्साकसी भी खूब रहती है। आठ साल पहले ओपेक चिकित्सालय कैली के गेट से सोनूपार तक नाला निर्माण का कार्य स्वीकृति हुआ था। आधा-अधूरा निर्माण भी हो चुका था लेकिन जिले के रहने वाले एक तत्कालीन मंत्री ने इसे श्रमदान घोषित करा दिया था। इसी के बाद पुराने नाले को लोगों ने अपने घरों और दुकानों के सामने पाटकर बंद कर दिया था। इसलिए इस बार भी यदि निर्माण में गुणवत्ता से खिलवाड़ हुआ तो कार्यदायी एजेंसी के समक्ष चुनौती खड़ी हो सकती है।

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ओपेक चिकित्सालय कैली से सोनूपार तक सीसी नाला निर्माण की कार्ययोजना तैयार करके टेंडर आवंटित कर दिया गया है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह से कार्य प्रारंभ हो जाएगा। निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
-विजय प्रकाश वर्मा, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, बस्ती
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