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शाम को संकरा हो जाता है मालवीय मार्ग
basti
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:57 PM IST
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समस्याा
- फोटो : amar ujala
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मालवीय मार्ग शहर की मुख्य सड़क है। वैसे तो इस मार्ग से सभी वाहन गुजरते हैं मगर दिन में बड़े वाहनों को आने-जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है। मार्ग की चौड़ाई करीब 25 फीट है जो रात में दुकानें बंद होने पर ही पता चलता है।
नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की उदासीनता के चलते मालवीय रोड से गुजरना मुश्किल भरा होता है। दिन में यहां अतिक्रमण इस कदर हो जाता है कि यह केवल संकरी गली के सिवा कुछ नहीं होता। ऐसे में मार्ग पर जगह-जगह जाम से राहगीरों को दो-चार होना पड़ता है। इस मार्ग से अतिक्रमण हटवाने का कभी कोई प्रयास कामयाब नहीं हुआ है। ऐसे में जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं और इस मार्ग से गुजरने वाले जाम की पीड़ा झेलते हैं।
नेहरू तिराहे पर लगता है जाम
इस तिराहे से एक रास्ता तो गांधी नगर की ओर जाता है तो दूसरा मालवीय रोड है। करीब चार किलोमीटर की इस सड़क पर यात्रा बेहद कठिन है। नेहरू तिराहे पर एक ओर अवैध टैक्सी स्टैंड संचालित होता है तो दूसरी ओर विभिन्न बैंकों के एटीएम और शाखाएं मौजूद हैं। पार्किंग की व्यवस्था नहीं रहने से ग्राहक भी आड़े-तिरछे वाहनों को लगाकर अपने काम में लग जाते हैं। सुबह करीब नौ बजे से यहां टैक्सियों की भीड़ लग जाती है। चालक सड़क पर ही लगाकर सवारियां भरते और उतारते हैं। ऐसे में वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और लोग घंटों यहां जाम में जूझते हैं। चौराहे से आगे बढ़ने पर भी अतिक्रमण से निजात नहीं मिल पाती। दोनों पटरियों पर दुकानदार और वाहनों की मरम्मत करने वाले मिस्त्री काबिज हो जाते हैं। आगे पेट्रोल पंप के निकट तो सड़क पर प्राइवेट वाहनों की लाइन लगती है, जिससे सड़क गली में तब्दील हो जाती है।
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यह है रंजीत चौराहा
इस चौराहे के एक ओर तो भवन निर्माण का कारोबार करने वाले बालू, मोरंग व सरिया पटरियों पर सजा देते हैं तो यहां कई गाड़ियां लगाकर उक्त सामग्री भी उतरवाई जाती है। ऐसे में जाम की मार यहां लोग झेलते ही हैं। इस चौराहे के आगे बढ़ने पर फिर वाहन मरम्मत करने वालों की दर्जन भर दुकानें हैं जो सारा काम पटरी पर ही करते हैं। यही नहीं कुछेक ने तो नगर पालिका के नालों पर भी अतिक्रमण कर लिया है।
कामता प्रसाद चौराहा
इस चौराहे पर एक ओर तो बिजली विभाग ने पटरी पर ही ट्रांसफॉर्मर बैठा दिया है तो दूसरी ओर चाय-पान की दुकानों का सारा कामकाज पटरी पर ही होता है। बल्ली-पटरा की दुकानों के अलावा अन्य व्यवसाय का सहारा पटरी ही है। ऐसे में सड़क संकरी हो जाती है और वाहनों के आवागमन में यह बाधा पैदा करती है।
रौता चौराहा
इस चौराहे पर एक ओर पटरी पर ही दवा की दुकान तो आगे पुलिस चौकी ने अतिक्रमण कर रखा है। यहां हर घंटे राहगीरों को जाम मुसीबत में डालता है। सुबह से लेकर शाम तक यह चौराहा जाम रहता है। शाम को तब स्थिति और भी खराब हो जाती है जब सब्जी और खाने-पीने वाले अपना ठेला पटरी के किनारे लगा कर काम शुरू कर देते हैं। यहां जरा सी चूक जान पर बन जाती है।
सुभाष तिराहा
मालवीय मार्ग का आखिरी स्थल सुभाष तिराहा है। इस तिराहे पर भी अतिक्रमण के चलते राह चलना मुश्किल है। मोड़ होने के कारण यहां बड़े वाहन सड़क पर लगी दुकानों को बचाकर आगे बढ़ते हैं तो यहां उन्हें ठहरना पड़ता है, जिससे दोनों ओर से तिराहे के दोनों ओर से आने वाले वाहनों से जाम लग जाता है।
क्या कहते हैं ईओ
नगर पालिका परिषद के नवागत अधिशासी अधिकारी ओम प्रकाश कहते हैं कि मालवीय मार्ग पर अतिक्रमण पालिका के संज्ञान में है। इसे हटवाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए प्रशासन से भी सहयोग लिया जाएगा। चूंकि जब मैंने ज्वाइन किया तो उसके बाद चुनाव आ गया और अब मालवीय मार्ग ही नहीं शहर के सभी सड़कों पर हुए अतिक्रमण को सूचीबद्ध कर उसे हटवाया जाएगा। शासन की मंशा भी यही है।
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मालवीय मार्ग शहर की मुख्य सड़क है। वैसे तो इस मार्ग से सभी वाहन गुजरते हैं मगर दिन में बड़े वाहनों को आने-जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है। मार्ग की चौड़ाई करीब 25 फीट है जो रात में दुकानें बंद होने पर ही पता चलता है।
नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की उदासीनता के चलते मालवीय रोड से गुजरना मुश्किल भरा होता है। दिन में यहां अतिक्रमण इस कदर हो जाता है कि यह केवल संकरी गली के सिवा कुछ नहीं होता। ऐसे में मार्ग पर जगह-जगह जाम से राहगीरों को दो-चार होना पड़ता है। इस मार्ग से अतिक्रमण हटवाने का कभी कोई प्रयास कामयाब नहीं हुआ है। ऐसे में जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं और इस मार्ग से गुजरने वाले जाम की पीड़ा झेलते हैं।
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नेहरू तिराहे पर लगता है जाम
इस तिराहे से एक रास्ता तो गांधी नगर की ओर जाता है तो दूसरा मालवीय रोड है। करीब चार किलोमीटर की इस सड़क पर यात्रा बेहद कठिन है। नेहरू तिराहे पर एक ओर अवैध टैक्सी स्टैंड संचालित होता है तो दूसरी ओर विभिन्न बैंकों के एटीएम और शाखाएं मौजूद हैं। पार्किंग की व्यवस्था नहीं रहने से ग्राहक भी आड़े-तिरछे वाहनों को लगाकर अपने काम में लग जाते हैं। सुबह करीब नौ बजे से यहां टैक्सियों की भीड़ लग जाती है। चालक सड़क पर ही लगाकर सवारियां भरते और उतारते हैं। ऐसे में वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और लोग घंटों यहां जाम में जूझते हैं। चौराहे से आगे बढ़ने पर भी अतिक्रमण से निजात नहीं मिल पाती। दोनों पटरियों पर दुकानदार और वाहनों की मरम्मत करने वाले मिस्त्री काबिज हो जाते हैं। आगे पेट्रोल पंप के निकट तो सड़क पर प्राइवेट वाहनों की लाइन लगती है, जिससे सड़क गली में तब्दील हो जाती है।
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यह है रंजीत चौराहा
इस चौराहे के एक ओर तो भवन निर्माण का कारोबार करने वाले बालू, मोरंग व सरिया पटरियों पर सजा देते हैं तो यहां कई गाड़ियां लगाकर उक्त सामग्री भी उतरवाई जाती है। ऐसे में जाम की मार यहां लोग झेलते ही हैं। इस चौराहे के आगे बढ़ने पर फिर वाहन मरम्मत करने वालों की दर्जन भर दुकानें हैं जो सारा काम पटरी पर ही करते हैं। यही नहीं कुछेक ने तो नगर पालिका के नालों पर भी अतिक्रमण कर लिया है।
कामता प्रसाद चौराहा
इस चौराहे पर एक ओर तो बिजली विभाग ने पटरी पर ही ट्रांसफॉर्मर बैठा दिया है तो दूसरी ओर चाय-पान की दुकानों का सारा कामकाज पटरी पर ही होता है। बल्ली-पटरा की दुकानों के अलावा अन्य व्यवसाय का सहारा पटरी ही है। ऐसे में सड़क संकरी हो जाती है और वाहनों के आवागमन में यह बाधा पैदा करती है।
रौता चौराहा
इस चौराहे पर एक ओर पटरी पर ही दवा की दुकान तो आगे पुलिस चौकी ने अतिक्रमण कर रखा है। यहां हर घंटे राहगीरों को जाम मुसीबत में डालता है। सुबह से लेकर शाम तक यह चौराहा जाम रहता है। शाम को तब स्थिति और भी खराब हो जाती है जब सब्जी और खाने-पीने वाले अपना ठेला पटरी के किनारे लगा कर काम शुरू कर देते हैं। यहां जरा सी चूक जान पर बन जाती है।
सुभाष तिराहा
मालवीय मार्ग का आखिरी स्थल सुभाष तिराहा है। इस तिराहे पर भी अतिक्रमण के चलते राह चलना मुश्किल है। मोड़ होने के कारण यहां बड़े वाहन सड़क पर लगी दुकानों को बचाकर आगे बढ़ते हैं तो यहां उन्हें ठहरना पड़ता है, जिससे दोनों ओर से तिराहे के दोनों ओर से आने वाले वाहनों से जाम लग जाता है।
क्या कहते हैं ईओ
नगर पालिका परिषद के नवागत अधिशासी अधिकारी ओम प्रकाश कहते हैं कि मालवीय मार्ग पर अतिक्रमण पालिका के संज्ञान में है। इसे हटवाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए प्रशासन से भी सहयोग लिया जाएगा। चूंकि जब मैंने ज्वाइन किया तो उसके बाद चुनाव आ गया और अब मालवीय मार्ग ही नहीं शहर के सभी सड़कों पर हुए अतिक्रमण को सूचीबद्ध कर उसे हटवाया जाएगा। शासन की मंशा भी यही है।