{"_id":"57b0ae224f1c1ba84c6eb0b8","slug":"low-voltage-of-hospital-death","type":"story","status":"publish","title_hn":" अस्पताल में लो वोल्टेज की मार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में लो वोल्टेज की मार
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:15 PM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल के चिर्ल्डेन वार्ड मे लो वोल्टेज के कारण बंद पड़ा पंखा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली संकट दो दिन से जिले में कायम है। शनिवार को 220 केवीए में आई खराबी से जहां बिजली गुल रही वहीं आपूर्ति के बाद लो वोल्टेज ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुख्य अभियंता का कहना है कि एक दिन बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
लो वोल्टेज की सबसे ज्यादा मार अस्पतालों पर पड़ी है। चिल्ड्रेन वार्ड हो या वर्न वार्ड सब जगह लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेमतलब दिखे। आईसीयू में एसी भी नहीं चल सकी। वार्ड के 10 बेड पर 12 बच्चों का इलाज चल रहा है। बच्चे संक्रमण ग्रसित हैं। शनिवार देर रात आपूर्ति बहाल हुई तो लो वोल्टेज के कारण लोग छतों पर भागे। कई घरों के मोटर नहीं चलने से पानी टंकी भी नहीं भरी जा सकी। आवास विकास कॉलीनी-रौतापार, पिकौरा शिव गुलाम, पुरानी बस्ती, आनंदनगर कटरा, महरीखांवा में सबसे ज्यादा समस्या रही।
मुंडेरवा प्रतिनिधि के मुताबिक शनिवार को दिन से गुल बिजली रात दो बजे आई। 10 मिनट के बाद फिर गुल हुई तो रविवार सुबह सप्लाई मिली। रुधौली प्रतिनिधि के मुताबिक उपकेंद्र पर आपूर्ति थी लेकिन कस्बे से बिजली गुल थी। दिन रात मिलकर बमुश्किल आठ से 10 घंटे आपूर्ति मिली। ओवरलोड, लोकल फाल्ट के नाम पर अघोषित कटौती का कोई रिकॉर्ड नहीं है। रविवार सुबह भी शेड डाउन के नाम पर तीन घंटे आपूर्ति ठप रही। सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक सब स्टेशन बघौड़ी से महज 4-5 घंटे बिजली आपूर्ति मिली। वहीं नगर बाजार के सब स्टेशन चौबाह से भी हालत खराब रही। प्रतापपुर और कुसौरा उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में भी 5-7 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। इस पर भी लो वोल्टेज के कारण कोई राहत नहीं मिलती। बभनान प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक के हरदी, बभनान, बेलाहियां विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को बमुश्किल पांच घंटे आपूर्ति मिलती है। हरदी से जुड़े लोगों को लो वोल्टेज के कारण आपूर्ति बेमानी साबित हो रही है।
विज्ञापन
विक्रमजोत उपकेंद्र के तीन फीडर से कई बार शट डाऊन होना आम बात है। टिनिच में भी चार से पांच घंटे सप्लाई हो रही है। बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक उपकेंद्र देईसाड़ और बानपुर से जो आपूर्ति है उसका कोई शेड़यूल ही नहीं है। यही हाल पड़ियापार फीडर का भी है।
बहादुरपुर प्रतिनिधि के मुताबिक बिजली की आंख मिचौली से लोग परेशान हैं। क्षेत्र में तीन विद्युत उप केन्द्र स्थापित है। कुसौरा बाजार, प्रतापपुर, और चौबाह। तीन उप केंद्र होने के बाद भी क्षेत्र में लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। कुसौरा बाजार निवासी प्रमोद कुमार चौधरी ने बताया कि बिजली की असमय कटौती लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं नगर बाजार के व्यवसायी दिलीप कुमार गुप्ता, राजकुमार गुप्ता ने कहा कि बिजली की अघोषित कटौती और आंख मिचौली के कारण व्यवसाय और घर पर नियमित दिनचर्या प्रभावित हो रहाी है।
विज्ञापन
लो वोल्टेज की सबसे ज्यादा मार अस्पतालों पर पड़ी है। चिल्ड्रेन वार्ड हो या वर्न वार्ड सब जगह लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेमतलब दिखे। आईसीयू में एसी भी नहीं चल सकी। वार्ड के 10 बेड पर 12 बच्चों का इलाज चल रहा है। बच्चे संक्रमण ग्रसित हैं। शनिवार देर रात आपूर्ति बहाल हुई तो लो वोल्टेज के कारण लोग छतों पर भागे। कई घरों के मोटर नहीं चलने से पानी टंकी भी नहीं भरी जा सकी। आवास विकास कॉलीनी-रौतापार, पिकौरा शिव गुलाम, पुरानी बस्ती, आनंदनगर कटरा, महरीखांवा में सबसे ज्यादा समस्या रही।
विज्ञापन
मुंडेरवा प्रतिनिधि के मुताबिक शनिवार को दिन से गुल बिजली रात दो बजे आई। 10 मिनट के बाद फिर गुल हुई तो रविवार सुबह सप्लाई मिली। रुधौली प्रतिनिधि के मुताबिक उपकेंद्र पर आपूर्ति थी लेकिन कस्बे से बिजली गुल थी। दिन रात मिलकर बमुश्किल आठ से 10 घंटे आपूर्ति मिली। ओवरलोड, लोकल फाल्ट के नाम पर अघोषित कटौती का कोई रिकॉर्ड नहीं है। रविवार सुबह भी शेड डाउन के नाम पर तीन घंटे आपूर्ति ठप रही। सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक सब स्टेशन बघौड़ी से महज 4-5 घंटे बिजली आपूर्ति मिली। वहीं नगर बाजार के सब स्टेशन चौबाह से भी हालत खराब रही। प्रतापपुर और कुसौरा उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में भी 5-7 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। इस पर भी लो वोल्टेज के कारण कोई राहत नहीं मिलती। बभनान प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक के हरदी, बभनान, बेलाहियां विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को बमुश्किल पांच घंटे आपूर्ति मिलती है। हरदी से जुड़े लोगों को लो वोल्टेज के कारण आपूर्ति बेमानी साबित हो रही है।
विज्ञापन
विक्रमजोत उपकेंद्र के तीन फीडर से कई बार शट डाऊन होना आम बात है। टिनिच में भी चार से पांच घंटे सप्लाई हो रही है। बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक उपकेंद्र देईसाड़ और बानपुर से जो आपूर्ति है उसका कोई शेड़यूल ही नहीं है। यही हाल पड़ियापार फीडर का भी है।
बहादुरपुर प्रतिनिधि के मुताबिक बिजली की आंख मिचौली से लोग परेशान हैं। क्षेत्र में तीन विद्युत उप केन्द्र स्थापित है। कुसौरा बाजार, प्रतापपुर, और चौबाह। तीन उप केंद्र होने के बाद भी क्षेत्र में लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। कुसौरा बाजार निवासी प्रमोद कुमार चौधरी ने बताया कि बिजली की असमय कटौती लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं नगर बाजार के व्यवसायी दिलीप कुमार गुप्ता, राजकुमार गुप्ता ने कहा कि बिजली की अघोषित कटौती और आंख मिचौली के कारण व्यवसाय और घर पर नियमित दिनचर्या प्रभावित हो रहाी है।