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Basti News: टिड्डे चट कर गए सैकड़ों बीघा गन्ने की पत्तियां, किसान हैरान

Sun, 24 Nov 2024 11:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2024 11:45 PM IST
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Locusts gnaw leaves of hundreds of bighas of sugarcane, farmers shocked
- धान की फसल पर भी किया हमला, नहीं जान पाए किसान
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- हर्रैया क्षेत्र के पिकौरा के आसपास के गांवों में सबसे ज्यादा प्रकोप
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज, बस्ती। हर्रैया क्षेत्र के तमाम गांवों की फसलें टिड्डे चट कर जा रहे हैं। काफी कीटों का झुंड जिस भी खेत में पहुंच रहा है, उसमें फसल की पत्तियां खा ले रहे हैं। गन्ने की सैकड़ों बीघा फसल में कीटों के कारण पत्तियां गायब हैं। यहां तक कि घास भी खा चुके हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल भी इन कीटों ने नष्ट कर दी है। इसकी जानकारी उनको कटाई करने के बाद हुई। हड़ही पिकौरा गांव के किसान बताते हैं कि प्रति बीघा एक क्विंटल से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
गन्ने की खेती के लिए काफी उपजाऊ मानी जाने वाले इस इलाके की भूमि पर पर इस बार कई साल के बाद ज्यादा खेती की गई है। विभागीय जानकारी के अनुसार इस साल तकरीबन दो हजार एकड़ भूमि में गन्ने की खेती की गई है, लेकिन पौधे में लगा टिड्डा नामक कीटाणु अब किसानों को खून के आंसू रुला रहे हैं।
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क्या कहते हैं किसान

पिकौरा गांव के किसान अजीत सिंह ने बताया कि दिन में टिड्डी धान की फसल के पत्ते खा रही है। जिस वजह से एक बीघा खेत में एक से डेढ़ क्विंटल ही धान निकल रहा है। धान की कटाई हो गई तो अब टिड्डी गन्ने की फसल बर्बाद कर रहे हैं। जिस जगह बैठ जाते हैं, वहां घास-फूस तक नहीं बचता।
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अनिल सिंह ने बताया रात में नीलगाय, सांड़ तथा सुअर फसल नष्ट कर जाते हैं। अब एक और मुसीबत आ गई। संगम सिंह ने बताया जिस पौधे पर बैठ जाते हैं, उस की सारी पत्ती टिड्डी दल खा जाते हैं। तसला, पीपा बजाकर टिड्डी दल को भगाया जाता है, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता।

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कोट
टिड्डा स्पर्शनाशी कीटाणुओं की श्रेणी में आते हैं। इसकी रोकथाम में सुबह-सुबह मिथाईल पैराफियान नामक पाउडर का छिड़काव काफी लाभदायक होगा। फसल पर अगर ज्यादा कीटाणुओं का प्रकोप हो तो क्लोरोपाइरीफास नामक लिक्विड दवा 12 सौ मिली 500 से 600 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर खेतों में एक सप्ताह के अंतराल पर सुबह के वक्त छिड़काव करें। सबसे पहले किसान दवा का इस्तेमाल खेतों के किनारे-किनारे ही करें। इसके बाद बीच में इस लिक्विड का छिड़काव करें तो स्पर्शनाशी टिड्डा कीटाणुओं का नाश होगा।
-डाॅ. बीआर मौर्य, जिला कृषि अधिकारी
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