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अव्यवस्थाओं का शिकार है नगर पंचायत में स्थित सीएचसी
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कोरोना संक्रमण काल में लेवल वन प्लस का दर्जा प्राप्त अस्पताल बदहाल
मुंडेरवा ( बस्ती)। नगर पंचायत में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोरोना संक्रमण काल में लेवल वन प्लस का दर्जा प्राप्त था। लेकिन अब यह अस्पताल बदहाली से गुजर रहा है। करीब 30 बेड के इस अस्पताल में महीनों से मरीज भर्ती नहीं हुए। कुछ माह पहले अस्पताल में रैबीज का टीका लगाया जा रहा था। अब वह भी बंद है। करीब चार साल पहले अस्पताल परिसर में सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण सांसद हरीश द्विवेदी ने किया था। अस्पताल कर्मी बताते हैं कि निर्माण के बाद से शौचालय का ताला नहीं खोला गया।
सीएचसी में साफ- सफाई के लिए नियमित कर्मी तैनात नहीं है जिससे परिसर में जगह जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। उपयोग की जा चुकी चिकित्सा सामग्री परिसर में फेंकी हुई आसानी से दिख जाएगी। एक्स-रे व खून जांच की व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। तीस बेड के सीएचसी पर महज एक वार्ड ब्लॉय की तैनाती है। कोरोना संक्रमण काल में इसे लेबल वन प्लस अस्पताल का दर्जा दिया गया था। इसके बावजूद यहां मरीजों के लिए सुविधाएं नहीं बढ़ीं। सीएचसी पर प्रभारी डॉक्टर डॉ. शिप्रा शर्मा, डॉ. मेहनाज गनी, डॉ. रवि कुमार, डॉ. फारुख खान व फार्मासिस्ट अखिलेश श्रीवास्तव की तैनाती है। सफाई कर्मी का पद दिसंबर 2019 से खाली है। स्थानीय निवासी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि करीब दो माह पहले उनके पिता को कुत्ते ने काट लिया था। रैबीज टीका के लिए सीएचसी लेकर गया वहां बताया कि इंजेक्शन सीएचसी बनकटी पर लगाया जाएगा।
आखिर कब होगी महिला चिकित्सक की तैनाती
बनकटी। सीएचसी पर करीब 42 माह से स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के इलाज में तीमारदारों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। उन्हें जांच से लेकर प्रसव तक के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। सीएचसी का जच्चा-बच्चा केंद्र नर्सों के सहारे चल रहा है। डॉक्टर न होने के कारण नर्स अनुपमा, नीलम, रेनू मौर्या व एलएचवी गायत्री पांडेय ही यहां आने वाली प्रसूताओं का उपचार करती हैं। संवाद
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बनकटी में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया गया है। डॉक्टरों की तैनाती सीएमओ स्तर से की जाती है। मुंडेरवा में चिकित्सकों की तैनाती है। अन्य खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. धर्मेंद्र चौधरी, सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी
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मुंडेरवा ( बस्ती)। नगर पंचायत में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोरोना संक्रमण काल में लेवल वन प्लस का दर्जा प्राप्त था। लेकिन अब यह अस्पताल बदहाली से गुजर रहा है। करीब 30 बेड के इस अस्पताल में महीनों से मरीज भर्ती नहीं हुए। कुछ माह पहले अस्पताल में रैबीज का टीका लगाया जा रहा था। अब वह भी बंद है। करीब चार साल पहले अस्पताल परिसर में सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण सांसद हरीश द्विवेदी ने किया था। अस्पताल कर्मी बताते हैं कि निर्माण के बाद से शौचालय का ताला नहीं खोला गया।
सीएचसी में साफ- सफाई के लिए नियमित कर्मी तैनात नहीं है जिससे परिसर में जगह जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। उपयोग की जा चुकी चिकित्सा सामग्री परिसर में फेंकी हुई आसानी से दिख जाएगी। एक्स-रे व खून जांच की व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। तीस बेड के सीएचसी पर महज एक वार्ड ब्लॉय की तैनाती है। कोरोना संक्रमण काल में इसे लेबल वन प्लस अस्पताल का दर्जा दिया गया था। इसके बावजूद यहां मरीजों के लिए सुविधाएं नहीं बढ़ीं। सीएचसी पर प्रभारी डॉक्टर डॉ. शिप्रा शर्मा, डॉ. मेहनाज गनी, डॉ. रवि कुमार, डॉ. फारुख खान व फार्मासिस्ट अखिलेश श्रीवास्तव की तैनाती है। सफाई कर्मी का पद दिसंबर 2019 से खाली है। स्थानीय निवासी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि करीब दो माह पहले उनके पिता को कुत्ते ने काट लिया था। रैबीज टीका के लिए सीएचसी लेकर गया वहां बताया कि इंजेक्शन सीएचसी बनकटी पर लगाया जाएगा।
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आखिर कब होगी महिला चिकित्सक की तैनाती
बनकटी। सीएचसी पर करीब 42 माह से स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के इलाज में तीमारदारों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। उन्हें जांच से लेकर प्रसव तक के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। सीएचसी का जच्चा-बच्चा केंद्र नर्सों के सहारे चल रहा है। डॉक्टर न होने के कारण नर्स अनुपमा, नीलम, रेनू मौर्या व एलएचवी गायत्री पांडेय ही यहां आने वाली प्रसूताओं का उपचार करती हैं। संवाद
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बनकटी में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया गया है। डॉक्टरों की तैनाती सीएमओ स्तर से की जाती है। मुंडेरवा में चिकित्सकों की तैनाती है। अन्य खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. धर्मेंद्र चौधरी, सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी