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Basti News: कप्तानगंज सीएचसी के लैब टेक्नीशियन मिले कोरोना पाॅजिटिव
Sat, 22 Apr 2023 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 22 Apr 2023 12:09 AM IST
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बस्ती। जिले में कोरोना के रोज केस मिल रहे हैं। शुक्रवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग की जारी सूची के मुताबिक, एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। करीब एक सप्ताह से बीमार कप्तानगंज सीएचसी के लैब टेक्नीशियन जांच में कोरोना पाॅजिटिव पाए गए हैं। हालांकि वह कई दिनों से अस्पताल नहीं आ रहे थे। कोरोना की इस लहर में लोग गाइड लाइन की अनदेखी कर रहे हैं। न तो कहीं कोई मास्क लगा रहा है न ही भीड़ से कहीं कोई बचाव है। हालांकि इस बार का कोरोना वायरस केवल लक्षणयुक्त है। ऐसे में यह खतरनाक नहीं माना जा रहा है।
संक्रमितों में कई ऐसे हैं, जो एक या दो टीका लगवा चुके हैं। इस बार जिले में अब तक 31 लोग संक्रमित हुए हैं। उनमें 14 निगेटिव हो गए हैं। अब जिले में कोरोना के सक्रिय केस 16 हैं। इनमें दस लोग ऐसे हैं, जो टीका लगवाने के बाद भी संक्रमित हुए हैं, लेकिन असर कम होने के कारण तेजी से सेहत में सुधार हो रहा है।
डॉ. पीके श्रीवास्तव की मानें तो वायरस की संरचना में हुए बदलाव की वजह से वैक्सीन 70 से 80 प्रतिशत शरीर को सुरक्षित नहीं कर पा रही है। क्योंकि, जब वैक्सीन बनाई गई थी तो उस समय पुराने स्ट्रेन का प्रभाव देश और दुनिया में था। उसी स्ट्रेन के अनुसार वैक्सीन बनाई गई, लेकिन समय बीतने के साथ वायरस की संरचना में बदलाव हुआ तो वैक्सीन को वायरस चकमा दे रहा है। यही कारण है कि टीका लगवाने वाले लोग भी संक्रमित हो रहे हैं।
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कोरोना वायरस सिस्टम से भी ज्यादा स्मार्ट हो गया
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. फखरेयार हुसैन ने बताया कि कोरोना का स्वरूप कब बदल जाए इसका पता भी नहीं चल पा रहा है। अब तक छह से अधिक बार कोरोना वायरस की संरचना में बदलाव हुआ है। यह बदला स्वरूप वैक्सीन को भी चकमा दे रहा है। यही कारण है कि बूस्टर डोज लगवाने वाले भी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। इससे चिंतित विशेषज्ञों अब कह रहे हैं कि कोरोना वायरस सिस्टम से भी ज्यादा स्मार्ट हो गया है। कोरोना वायरस की दस्तक एक बार फिर से जिले में हो गई है। संक्रमित प्रत्येक दिन मिल रहे हैं।
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दूसरी लहर में कोरोना ने मची थी तबाही
मेडिसिन विभाग के डॉ. अंकित चतुर्वेदी ने कहा कि पहली लहर में कोरोना वायरस अल्फा वैरिएंट मिला था। इस लहर में कम मौतें हुई थी। लेकिन, जब दूसरी लहर आई तो डेल्टा, बीटा और ओमिक्रॉन मिला। इसमें डेल्टा और ओमिक्रॉन ने जबरदस्त तबाही मचाई थी। जिले में 60 फीसदी मौतें ओमिक्रॉन से और 40 फीसदी डेल्टा, बीटा और गामा से हुई थी। इसी वैरिएंट ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई थी। टीकाकरण होने के कारण असर कम हो रहा है।
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यह है गाइड लाइन
- कोरोना को देखते हुए डीएम ने गाइड लाइन जारी कर दिया है। गाइड लाइन में मास्क, भीड़-भाड़ से दूर रहने, हाथ धोने तथा संक्रमण का लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराने को शामिल किया गया है।
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संक्रमितों में कई ऐसे हैं, जो एक या दो टीका लगवा चुके हैं। इस बार जिले में अब तक 31 लोग संक्रमित हुए हैं। उनमें 14 निगेटिव हो गए हैं। अब जिले में कोरोना के सक्रिय केस 16 हैं। इनमें दस लोग ऐसे हैं, जो टीका लगवाने के बाद भी संक्रमित हुए हैं, लेकिन असर कम होने के कारण तेजी से सेहत में सुधार हो रहा है।
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डॉ. पीके श्रीवास्तव की मानें तो वायरस की संरचना में हुए बदलाव की वजह से वैक्सीन 70 से 80 प्रतिशत शरीर को सुरक्षित नहीं कर पा रही है। क्योंकि, जब वैक्सीन बनाई गई थी तो उस समय पुराने स्ट्रेन का प्रभाव देश और दुनिया में था। उसी स्ट्रेन के अनुसार वैक्सीन बनाई गई, लेकिन समय बीतने के साथ वायरस की संरचना में बदलाव हुआ तो वैक्सीन को वायरस चकमा दे रहा है। यही कारण है कि टीका लगवाने वाले लोग भी संक्रमित हो रहे हैं।
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कोरोना वायरस सिस्टम से भी ज्यादा स्मार्ट हो गया
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. फखरेयार हुसैन ने बताया कि कोरोना का स्वरूप कब बदल जाए इसका पता भी नहीं चल पा रहा है। अब तक छह से अधिक बार कोरोना वायरस की संरचना में बदलाव हुआ है। यह बदला स्वरूप वैक्सीन को भी चकमा दे रहा है। यही कारण है कि बूस्टर डोज लगवाने वाले भी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। इससे चिंतित विशेषज्ञों अब कह रहे हैं कि कोरोना वायरस सिस्टम से भी ज्यादा स्मार्ट हो गया है। कोरोना वायरस की दस्तक एक बार फिर से जिले में हो गई है। संक्रमित प्रत्येक दिन मिल रहे हैं।
दूसरी लहर में कोरोना ने मची थी तबाही
मेडिसिन विभाग के डॉ. अंकित चतुर्वेदी ने कहा कि पहली लहर में कोरोना वायरस अल्फा वैरिएंट मिला था। इस लहर में कम मौतें हुई थी। लेकिन, जब दूसरी लहर आई तो डेल्टा, बीटा और ओमिक्रॉन मिला। इसमें डेल्टा और ओमिक्रॉन ने जबरदस्त तबाही मचाई थी। जिले में 60 फीसदी मौतें ओमिक्रॉन से और 40 फीसदी डेल्टा, बीटा और गामा से हुई थी। इसी वैरिएंट ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई थी। टीकाकरण होने के कारण असर कम हो रहा है।
यह है गाइड लाइन
- कोरोना को देखते हुए डीएम ने गाइड लाइन जारी कर दिया है। गाइड लाइन में मास्क, भीड़-भाड़ से दूर रहने, हाथ धोने तथा संक्रमण का लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराने को शामिल किया गया है।