फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   jamaidoge hui fasien

तेज हवा व बारिश से खेतों में गिरीं फसलें

Sat, 22 Feb 2020 11:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2020 11:18 PM IST
विज्ञापन
jamaidoge hui fasien
बस्ती जिले के सदर ब्लॉक क्षेत्र में स्थित गौरा गांव में गिरी गेहूं की फसल। - फोटो : BASTI
तेज हवा व बारिश में जमीदोज हुईं खड़ी फसलें
विज्ञापन

बस्ती। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेत में खड़ी गेहूं व दलहन फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसका असर उत्पादन और उत्पादकता पर पड़ेगा। इन दिनों अगेती गेहूं की फसल में बालियां आ रही हैं। बारिश से फसलें खेतों में गिर गई हैं। दूसरी ओर अगेती सरसों व चना लगभग पक कर तैयार है। बारिश के कारण इनके दाने काले पड़ सकते हैं और कटाई में देरी हो सकती है।
प्रगतिशील किसान राम मूर्ति ने बताया गेहूं की जो फसलें गिर गई हैं उसमें चूहे लग जाएंगे जो पूरी फसल खराब कर सकते हैं। इससे उत्पादन बहुत ज्यादा प्रभावित होगा। टिनिच प्रतिनिधि के अनुसार आमा शिवपुर, तिनहरी खलवा बजहिया, भदना, नोनहा, साड़ी हिच्छा, बेतौहा, डिगरभरिया, कूपनगर, पछिलौरिया, झग्गापुर बभनगांव बसहवा आदि क्षेत्रों में बारिश हुई। प्रगतिशील किसान सुशील कुमार पटेल, अनिल कुमार, संतराम, राजेश कुमार, गंगाराम बताते हैं कि बारिश ने दूसरी सिंचाई की जरूरत पूरी कर दी है। महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार बारिश के साथ ओले पड़ने से खड़ी फसल को नुकसान हुआ है। दुबौली मिश्र निवासी दिनेश मिश्रा व पगार निवासी सत्य राम चौधरी ने बताया अगेती गेहूं की फसल तेज हवा के कारण गिर गई है।
विज्ञापन

करनपुर प्रधान लालजी तिवारी, पोखरा के टिडड् पांडेय ने बताया कि तिलहन फसल के लिए बारिश नुकसानदायक साबित होगी। सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार खेतों में आलू, मटर व सरसों की फसल लगभग तैयार हो चुकी है। मौसम का रुख बदलने से किसानों को फसल कटाई की चिंता सताने लगी है। किसान दीनानाथ, शिवकुमार, सुनील कुमार, संजय, जगराम चौधरी, रामनिवास चौधरी ने बारिश से चिंता व्यक्त की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बारिश कहीं नुकसान तो कहीं फायदा भी
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरवी सिंह बताते हैं कि बारिश से फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। बताते हैं कि चना, आलू, टमाटर व सब्जियों के खेत में जहां पानी लगा है वहां आंशिक नुकसान होगा। जबकि अरहर, गन्ना, आम को काफी फायदा पहुंचा है। कुल मिलाकर बारिश का मिला-जुला असर किसानों को हुआ है।

नुकसान के लिए करें क्लेम
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लाभार्थी किसानों को नुकसान की भरपाई कंपनी करेगी। इसके लिए उन्हें 72 घंटे के अंदर जिला कृषि अधिकारी कार्यालय व कृषि उपनिदेशक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत के आधार पर नुकसान का भौतिक सत्यापन कर भरपाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed