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Basti News: राख के ढेर से जामवंत की पहचान और हत्या की वजह तलाशना चुनाैती
Fri, 10 Jan 2025 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 10 Jan 2025 12:27 AM IST
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प्रबंधक की हत्या के बाद परिवार के लोगों से जानकारी लेती पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
मानिकचंद (बस्ती)। धौरहरा निवासी प्रबंधक और शिक्षामित्र जामवंत शर्मा की हत्या और शव जला देने की घटना कप्तानगंज के मां-बेटी हत्याकांड के पार्ट-टू जैसा लग रहा है।
इसमें भी हत्या कर शव जला देने की बात सामने आई। हत्यारोपियों को शव जलाने के लिए लकड़ी ढूंढने की जरूरत भी नहीं पड़ी। कमरों में शटरिंग की प्लाई, बांस-बल्ली रखी हुई थी। उसी को रखकर आग लगाई गई थी।
प्रबंधक की पत्नी महिमा शर्मा एवं बेटी रिया ने बताया की प्रतिदिन की भांति सुबह उठकर जामवंत विद्यालय की तरफ जाते थे। विद्यालय परिसर में पशुओं के लिए बरसीम और सब्जी की खेती करते थे। सुबह जब ग्रामीणों ने विद्यालय के अंदर से धुआं देखा तो संदेह हुआ। इसी बीच बेटी ढूंढते हुए पहुंच गई। कमरे में जला हुआ शव देख सनसनी फैल गई। वाल्टरगंज एवं रुधौली थाने के बाॅर्डर का गांव होने की वजह से दोनों थानों की पुलिस पहुंच गई।
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सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी एवं प्रभारी एसपी ओम प्रकाश सिंह ने देर शाम फॉरेंसिक टीम व स्वाट टीम के साथ खेत और चकरोड पर गहन खोजबीन करते रहे। लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई।
राख में बचे हुईंं हड्डियों के टुकड़ों को जांच के लिए भेज दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय पांच से बंद था। जामवंत के बड़ी बेटी रिया 17 वर्ष, दूसरी बेटी रिमझिम और बेटा युवराज हैं। वृद्ध पिता लाल बिहारी असहाय दिख रहे हैं।
झोलाछाप की हत्या में गया था जेल : अक्तूबर 2014 में प्रेम प्रसंग को लेकर झोलाछाप राम सूरत की हत्या हुई थी। उसका शव तेलियाडीह गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित तालाब में मिला था। इस मामले में जामवंत शर्मा की गिरफ्तारी हुई थी। उसके जेल जाने के बाद विद्यालय की व्यवस्था लड़खड़ा गई थी। गांव के लोग बताते हैं कि इसके पहले विद्यालय में ढाई-तीन सौ बच्चे पढ़ते थे। पूरा विद्यालय टिन शेड का है। जेल से छूटकर आने के बाद फिर स्कूल शुरू किया था। मगर, बच्चों की संख्या न जुट पाने के कारण फिर बंद हो गया।
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मानिकचंद (बस्ती)। धौरहरा निवासी प्रबंधक और शिक्षामित्र जामवंत शर्मा की हत्या और शव जला देने की घटना कप्तानगंज के मां-बेटी हत्याकांड के पार्ट-टू जैसा लग रहा है।
इसमें भी हत्या कर शव जला देने की बात सामने आई। हत्यारोपियों को शव जलाने के लिए लकड़ी ढूंढने की जरूरत भी नहीं पड़ी। कमरों में शटरिंग की प्लाई, बांस-बल्ली रखी हुई थी। उसी को रखकर आग लगाई गई थी।
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प्रबंधक की पत्नी महिमा शर्मा एवं बेटी रिया ने बताया की प्रतिदिन की भांति सुबह उठकर जामवंत विद्यालय की तरफ जाते थे। विद्यालय परिसर में पशुओं के लिए बरसीम और सब्जी की खेती करते थे। सुबह जब ग्रामीणों ने विद्यालय के अंदर से धुआं देखा तो संदेह हुआ। इसी बीच बेटी ढूंढते हुए पहुंच गई। कमरे में जला हुआ शव देख सनसनी फैल गई। वाल्टरगंज एवं रुधौली थाने के बाॅर्डर का गांव होने की वजह से दोनों थानों की पुलिस पहुंच गई।
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सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी एवं प्रभारी एसपी ओम प्रकाश सिंह ने देर शाम फॉरेंसिक टीम व स्वाट टीम के साथ खेत और चकरोड पर गहन खोजबीन करते रहे। लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई।
राख में बचे हुईंं हड्डियों के टुकड़ों को जांच के लिए भेज दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय पांच से बंद था। जामवंत के बड़ी बेटी रिया 17 वर्ष, दूसरी बेटी रिमझिम और बेटा युवराज हैं। वृद्ध पिता लाल बिहारी असहाय दिख रहे हैं।
झोलाछाप की हत्या में गया था जेल : अक्तूबर 2014 में प्रेम प्रसंग को लेकर झोलाछाप राम सूरत की हत्या हुई थी। उसका शव तेलियाडीह गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित तालाब में मिला था। इस मामले में जामवंत शर्मा की गिरफ्तारी हुई थी। उसके जेल जाने के बाद विद्यालय की व्यवस्था लड़खड़ा गई थी। गांव के लोग बताते हैं कि इसके पहले विद्यालय में ढाई-तीन सौ बच्चे पढ़ते थे। पूरा विद्यालय टिन शेड का है। जेल से छूटकर आने के बाद फिर स्कूल शुरू किया था। मगर, बच्चों की संख्या न जुट पाने के कारण फिर बंद हो गया।
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