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15 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की होगी जांच
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ग्रामीणों से प्रतिक्रिया लेने के बाद सांसद ने डीएम को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी
अमर उजाला ब्यूरो
कुदरहा। ब्लॉक की 15 ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की जांच होगी। सांसद द्वारा इन गांवों के लोगों से प्रतिक्रिया लेने पर गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं थी। इसके बाद सांसद ने डीएम को जांच के लिए पत्र लिखा था। चर्चा है कि एक ही तालाब का नाम बदलकर कई बार भुगतान लिया गया है।
मनरेगा के तहत श्रमिकों को काम देने में जिला प्रदेश भर में अव्वल है। वहीं ग्राम पंचायतों द्वारा कराए गए कार्यों में शिकायत की भरमार है। सांसद ने डीएम आशुतोष निरंजन को पत्र लिखकर ब्लॉक क्षेत्र की 15 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 10 सितंबर को ग्राम्य विकास संस्थान के जिला प्रशिक्षण अधिकारी को नोडल बनाते हुए मामले की जांच सौंपी है। जांच के दायरे में परेवा, कोप, बानपुर, अकेला-कुबेरपुर, पिपरपाती, मिश्रौलिया, दैजी, बैसिया, विशेनपुर, चिलवनिया, माझाकला, चकिया, गंगापुर व शिवपुर ग्राम पंचायतों की जांच होनी है।
ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों के नाम पर एक करोड़ से अधिक रुपये व्यय किया है। जबकि धरातल पर विकास कार्य ढूंढे नहीं मिल रहा है। जांच का निर्देश मिलते ही ब्लॉक क्षेत्र की अन्य ग्राम पंचायतों में खलबली मची हुई है। बीडीओ संजय नायक ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिवों व तकनीकी सहायकों को निर्देश दिया गया है कि वे जांच में सहयोग करते हुए जांच अधिकारी को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराएं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुदरहा। ब्लॉक की 15 ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की जांच होगी। सांसद द्वारा इन गांवों के लोगों से प्रतिक्रिया लेने पर गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं थी। इसके बाद सांसद ने डीएम को जांच के लिए पत्र लिखा था। चर्चा है कि एक ही तालाब का नाम बदलकर कई बार भुगतान लिया गया है।
मनरेगा के तहत श्रमिकों को काम देने में जिला प्रदेश भर में अव्वल है। वहीं ग्राम पंचायतों द्वारा कराए गए कार्यों में शिकायत की भरमार है। सांसद ने डीएम आशुतोष निरंजन को पत्र लिखकर ब्लॉक क्षेत्र की 15 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 10 सितंबर को ग्राम्य विकास संस्थान के जिला प्रशिक्षण अधिकारी को नोडल बनाते हुए मामले की जांच सौंपी है। जांच के दायरे में परेवा, कोप, बानपुर, अकेला-कुबेरपुर, पिपरपाती, मिश्रौलिया, दैजी, बैसिया, विशेनपुर, चिलवनिया, माझाकला, चकिया, गंगापुर व शिवपुर ग्राम पंचायतों की जांच होनी है।
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ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों के नाम पर एक करोड़ से अधिक रुपये व्यय किया है। जबकि धरातल पर विकास कार्य ढूंढे नहीं मिल रहा है। जांच का निर्देश मिलते ही ब्लॉक क्षेत्र की अन्य ग्राम पंचायतों में खलबली मची हुई है। बीडीओ संजय नायक ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिवों व तकनीकी सहायकों को निर्देश दिया गया है कि वे जांच में सहयोग करते हुए जांच अधिकारी को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराएं।
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