{"_id":"6224f9603153ac283566f4f0","slug":"international-women-day-begin-basti-news-gkp4291221165","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं को सशक्त बनना होगा: डॉ. श्रेया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं को सशक्त बनना होगा: डॉ. श्रेया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिलाओं को सशक्त बनाना होगा : डॉ. श्रेया
बस्ती। महिलाओं को सशक्त बनना होगा। तभी उनका और समाज का सर्वांगीण विकास हो सकता है। यह कहना है स्वीप आईकॉन डॉ. श्रेया का। वह रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के क्रम में प्रेस क्लब में आयोजित गोष्ठी में बोल रही थीं।
डॉ. श्रेया ने कहा कि सभी को मिल कर महिला अधिकारों के लिए सतत प्रयास करने की जरूरत है। सभी को महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति और सशक्त बनाना होगा। इसके लिए नीति निर्धारण में महिलाओं की भूमिका सुनिश्चित करनी होगी। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ. सर्वेष्ट मिश्र ने कहा कि लैंगिक समानता वर्तमान समाज के गंभीर मुद्दों में से एक है। समाज में यह माना जाता है कि महिलाएं समाज को प्रभावी रूप से योगदान देने में असमर्थ हैं। लेकिन, वास्तविकता तो यह है कि वे अपनी पूरी क्षमता को नहीं पहचानती हैं। डॉ. निधि गुप्ता ने कहा कि भारत में पूर्ण लैंगिक समानता की राह कठिन है। लेकिन, असंभव नहीं है। हमें अपने प्रयासों में ईमानदार होना चाहिए और महिलाओं के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण को बदलने पर काम करना चाहिए।
गोष्ठी को अनीता यादव, भृगुनाथ त्रिपाठी पंकज, डॉ. नवीन सिंह, डॉ. रीता पांडेय व शुभ्रा सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन रोटेरियन मयंक श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर संगीता यादव, अनुपमा वर्मा, मनीष कुमार, वंदना, डॉ. कंचन माला त्रिपाठी, राम मूर्ति मिश्र, विजेंद्र बहादुर पाल, अहमद अली, राजेंद्र सिंह, रजनी मिश्र, कहकशा बानो, अंजुम परवीन, सोनिया, जगदीप सिंह, कनकलता शर्मा, आरती कुमारी, उमेश कुमार, किरन शुक्ल आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। महिलाओं को सशक्त बनना होगा। तभी उनका और समाज का सर्वांगीण विकास हो सकता है। यह कहना है स्वीप आईकॉन डॉ. श्रेया का। वह रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के क्रम में प्रेस क्लब में आयोजित गोष्ठी में बोल रही थीं।
डॉ. श्रेया ने कहा कि सभी को मिल कर महिला अधिकारों के लिए सतत प्रयास करने की जरूरत है। सभी को महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति और सशक्त बनाना होगा। इसके लिए नीति निर्धारण में महिलाओं की भूमिका सुनिश्चित करनी होगी। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ. सर्वेष्ट मिश्र ने कहा कि लैंगिक समानता वर्तमान समाज के गंभीर मुद्दों में से एक है। समाज में यह माना जाता है कि महिलाएं समाज को प्रभावी रूप से योगदान देने में असमर्थ हैं। लेकिन, वास्तविकता तो यह है कि वे अपनी पूरी क्षमता को नहीं पहचानती हैं। डॉ. निधि गुप्ता ने कहा कि भारत में पूर्ण लैंगिक समानता की राह कठिन है। लेकिन, असंभव नहीं है। हमें अपने प्रयासों में ईमानदार होना चाहिए और महिलाओं के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण को बदलने पर काम करना चाहिए।
विज्ञापन
गोष्ठी को अनीता यादव, भृगुनाथ त्रिपाठी पंकज, डॉ. नवीन सिंह, डॉ. रीता पांडेय व शुभ्रा सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन रोटेरियन मयंक श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर संगीता यादव, अनुपमा वर्मा, मनीष कुमार, वंदना, डॉ. कंचन माला त्रिपाठी, राम मूर्ति मिश्र, विजेंद्र बहादुर पाल, अहमद अली, राजेंद्र सिंह, रजनी मिश्र, कहकशा बानो, अंजुम परवीन, सोनिया, जगदीप सिंह, कनकलता शर्मा, आरती कुमारी, उमेश कुमार, किरन शुक्ल आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन