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Basti News: डॉक्टर बनना चाहता इंटर टॉपर दीपक
Sun, 21 Apr 2024 03:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 21 Apr 2024 03:39 AM IST
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- घर की माली हालत ठीक नहीं, बेटे ने टॉपर बनकर कराया गौरवान्वित
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 96.00 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश स्तरीय मेरिट सूची में 10वां स्थान प्राप्त करने वाले व जिला टॉपर दीपक मौर्य के घर की माली हालत ठीक नहीं है। उनके पिता मुंबई में ठेला चलाते हैं। दीपक ने बताया कि वह नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनना चाहते हैं।
दीपक ने बताया कि वह प्रतिदिन पांच से छह घंटे नियमित पढ़ाई करता है। परीक्षा की तैयारी में उन्होंने ऑनलाइन माध्यम का भी उपयोग किया। वह बताते हैं कि घर की माली हालत ठीक नहीं होने बाद भी पिता राम अजोर व मां उमा देवी ने भरपूर साथ दिया। वह हमेशा कहती रहीं कि यदि तुम पढ़ना चाहते हो तो पढ़ो हम मेहनत कर लेंगे। दीपक की मां का कहना है कि घर की माली हालत ठीक नहीं है। बेटे ने जिला टॉप कर गौरवान्वित कराया है।
बताते हैं कि घर के काम मां अकेले कर लेती हैं, लेकिन वह मुझे कभी काम नहीं करने देती है। अपने विद्यालय गजाधर सिंह अंगद सिंह एकेडमी मुरादपुर हर्रैया के प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र त्रिपाठी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हर कदम पर साथ दिया। जब दिक्कतें आती थीं तो प्रधानाचार्य से कहता था, वह कहते थे तुम सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दो बाकी हम देख लेंगे।
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हर्रैया। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 96.00 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश स्तरीय मेरिट सूची में 10वां स्थान प्राप्त करने वाले व जिला टॉपर दीपक मौर्य के घर की माली हालत ठीक नहीं है। उनके पिता मुंबई में ठेला चलाते हैं। दीपक ने बताया कि वह नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनना चाहते हैं।
दीपक ने बताया कि वह प्रतिदिन पांच से छह घंटे नियमित पढ़ाई करता है। परीक्षा की तैयारी में उन्होंने ऑनलाइन माध्यम का भी उपयोग किया। वह बताते हैं कि घर की माली हालत ठीक नहीं होने बाद भी पिता राम अजोर व मां उमा देवी ने भरपूर साथ दिया। वह हमेशा कहती रहीं कि यदि तुम पढ़ना चाहते हो तो पढ़ो हम मेहनत कर लेंगे। दीपक की मां का कहना है कि घर की माली हालत ठीक नहीं है। बेटे ने जिला टॉप कर गौरवान्वित कराया है।
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बताते हैं कि घर के काम मां अकेले कर लेती हैं, लेकिन वह मुझे कभी काम नहीं करने देती है। अपने विद्यालय गजाधर सिंह अंगद सिंह एकेडमी मुरादपुर हर्रैया के प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र त्रिपाठी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हर कदम पर साथ दिया। जब दिक्कतें आती थीं तो प्रधानाचार्य से कहता था, वह कहते थे तुम सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दो बाकी हम देख लेंगे।
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