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Basti News: माैसमी बीमारियों का बढ़ा खतरा, बच्चे अधिक प्रभावित
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जिला अस्पताल में धूप में खड़े होकर काउंटर से दवा लेते मरीज संवाद
बस्ती। मौसम में बदलाव के चलते स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगी हैं। खास कर वायरल बुखार के रोगियों की संख्या में खासा इजाफा देखने को मिल रहा है। बदलता मौसम के चलते वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में हजार से अधिक मरीजों ने परीक्षण कराया, जिसमें अधिकतर मरीज बुखार से पीड़ित थे।
जिले के मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन का लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते लोग मौसमी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के देखने को मिल रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। इनमें से सर्वाधिक बच्चे और बुजुर्ग देखे गए। फिजिशियन डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर देखने को मिल रहा है। डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही दवा लें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रणय स्मृति के अनुसार, बच्चों में सर्दी-खांसी की शिकायत अधिक आ रही है। गलत खानपान के चलते परेशानी बढ़ रही है। गंभीर बच्चों को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है। वहीं, ओपीडी में समय से कई चिकित्सक कक्ष में नहीं बैठ रहे, इससे मरीजों को सुबह घंटेभर इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद परामर्श लेने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा। फिर जांच और दवा के लिए भी परेशान होना पड़ता है।
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मेडिसिन विभाग, त्वचा रोग विभाग, आई सर्जन कक्ष में अधिक भीड़ दिखी। फिजिशियन कक्ष में विशेषज्ञ के बजाय कई इंटर्न और एमबीबीएस डॉक्टर बैठे दिखे। विशेषज्ञ न होने के चलते मरीज भी वहां जाने में परहेज करते दिखे। एसआईसी का कहना है कि आवश्यकतानुसार दवाएं दी जा रही हैं, जांच भी कराई जा रही है।
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जिले के मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन का लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते लोग मौसमी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के देखने को मिल रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। इनमें से सर्वाधिक बच्चे और बुजुर्ग देखे गए। फिजिशियन डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर देखने को मिल रहा है। डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही दवा लें।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रणय स्मृति के अनुसार, बच्चों में सर्दी-खांसी की शिकायत अधिक आ रही है। गलत खानपान के चलते परेशानी बढ़ रही है। गंभीर बच्चों को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है। वहीं, ओपीडी में समय से कई चिकित्सक कक्ष में नहीं बैठ रहे, इससे मरीजों को सुबह घंटेभर इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद परामर्श लेने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा। फिर जांच और दवा के लिए भी परेशान होना पड़ता है।
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मेडिसिन विभाग, त्वचा रोग विभाग, आई सर्जन कक्ष में अधिक भीड़ दिखी। फिजिशियन कक्ष में विशेषज्ञ के बजाय कई इंटर्न और एमबीबीएस डॉक्टर बैठे दिखे। विशेषज्ञ न होने के चलते मरीज भी वहां जाने में परहेज करते दिखे। एसआईसी का कहना है कि आवश्यकतानुसार दवाएं दी जा रही हैं, जांच भी कराई जा रही है।