फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   illigal construction

Basti News: महायोजना-2031 को स्वीकृति मिलने तक बस जाएंगी कई अवैध काॅलोनियां

Sun, 06 Aug 2023 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 06 Aug 2023 11:17 PM IST
विज्ञापन
illigal construction
बस्ती। बस्ती विकास प्राधिकरण (बीडीए) ग्रीन जोन और ग्रीन बेल्ट की रखवाली नहीं कर पा रहा है। यहां शहरी नियोजन की योजना का बंटाधार हो रहा है। प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना नक्शा पास कराए ही धड़ल्ले से निर्माण हो रहे हैं। महायाेजना-2031 में प्रस्तावित 218 गांवों में अभी लैंड यूज का पालन नहीं हो पा रहा है। क्योंकि नए मास्टर प्लान को शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। बीडीए के प्रस्तावित इस नवीन क्षेत्र में नक्शा नहीं पास किया जा रहा है। इसलिए जहां जिसका मन करता है वहीं निर्माण करा रहा है।
विज्ञापन

महायोजना-2021 में चिह्नित ग्रीन जोन और हाईवे के किनारे ग्रीन बेल्ट भी सुरक्षित नहीं है। कई जगहों पर निर्माण करा लिया गया है। जब तक महायोजना-2031 को शासन से स्वीकृति मिलेगी तब तक सुनियोजित ढंग से शहर बसाने की योजना पर ग्रहण लग जाएगा। क्योंकि यहां तो अनियमित निर्माण जारी है। नए मास्टर प्लान के अनुसार विस्तार क्षेत्र में लैंड यूज का पालन नहीं हो पा रहा है। सक्षम लोग नया मास्टर प्लान लागू न होने के कारण बिना नक्शे के ही अपना निर्माण कराते जा रहे हैं। यानी नया मास्टर प्लान लागू होने से पहले ही विस्तारित क्षेत्र बिगड़ता जा रहा है।
विज्ञापन

दूसरी ओर महायोजना-2021 के अनुसार चिह्नित ग्रीन जोन और हाईवे के किनारे के ग्रीन बेल्ट भी सुरक्षित नहीं है। यहां भी बिना नक्शा पास कराए निर्माण चल रहा है। अवैध निर्माण होने पर बीडीए अफसरों की भूमिका सिर्फ वैध नक्शा तैयार कराने तक सीमित है। असल में निर्मित भवन के नक्शे के लिए आवेदन ऑफलाइन किया जाता है, जिससे बीडीए के जिम्मेदार अपने मनमुताबिक मामले को सुलझा लेते हैं। इसमें बीडीए के जिम्मेदार भी खुश और भवन स्वामी इस नाते उत्साह में है कि उन्हें नियमों के मकड़जाल से मुक्ति मिल जाती है। यह खेल बीडीए के गठन के बाद से ही शुरू हो गया था, जो अभी तक चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------
केस- एक
बिना नक्शे के बन गया मल्टीस्टोरी हॉस्पिटल
फुटहिया के पास बिना नक्शा पास कराए ही मल्टीस्टोरी हॉस्पिटल लगभग बनकर तैयार है। बीडीए ने पूर्व में निर्माण कार्य रोकने के लिए नोटिस भी जारी किया था। बाद में समझौता हो गया। अब तैयारी है कि नया मास्टर प्लान लागू हो तो उस हिसाब से इस भवन का नक्शा पास करा दिया जाए।
------------
केस- दो
हाईवे के किनारे महुड़र में भी बिना नक्शा के ही एक कमर्शियल बिल्डिंग तैयार कर ली गई। बीडीए ने इस मामले में भी पहले नोटिस जारी किया था। निर्माण का कुछ अंश ग्रीन बेल्ट में था। कुछ दिनों तक निर्माण रुका रहा। बाद में पूरा करा लिया गया।
------------
केस- तीन
पटेल चौक के पास ग्रीन बेल्ट में एक नहीं कई निर्माण हुए हैं। कुछ जगहों पर ढाबा, होटल का व्यवसाय भी चल रहा है। बीडीए का दखल सिर्फ नोटिस देने तक ही है। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। अभी हाल ही में यहां ग्रीन बेल्ट के लिए चिह्नित जमीन में दो जगह बाउंड्री के साथ निर्माण कराकर प्रतिष्ठान खोले गए हैं।
---------------
केस- चार
बस्ती-बांसी मार्ग पर हरदिया के पास भी बीडीए के एक कर्मचारी ने भी बिना नक्शे के ही आवासीय निर्माण करा लिया है। जिम्मेदारों ने इस तरफ से मुंह मोड़ लिया है। वहीं आम लोगों के निर्माण पर तत्काल इनकी धमक होती है। जब भवन स्वामी चलन के हिसाब से जिम्मेदारों के आज्ञा का पालन करता है तो पीछा छोड़ दिया जाता है।
-----------------------
क्या है ग्रीन जोन और ग्रीन बेल्ट
ऐसी जमीनें जो राजस्व अभिलेख में सरकारी एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज है, उन्हें ग्रीन जोन के रूप में चिह्नित किया गया है। इसमें बंजर, चारागाह, पार्क, चकमार्ग, तालाब, पोखरे एवं अन्य जलाशय शामिल है। यहां निर्माण प्रतिबंधित है। इसके अलावा हाईवे के दोनों तरफ 87.5 मीटर तक तथा कुआनो नदी के दोनों तरफ 80 मीटर तक ग्रीन बेल्ट निर्धारित है। यहां भी निर्माण प्रतिबंधित है।
-----------------------
अवैध निर्माण पर जारी की गई नोटिस
बीडीए की तरफ से शहर के 30 अस्पताल, 28 स्कूल, 25 होटल एवं मैरिज हाल समेत 133 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर नक्शा की प्रति के साथ स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा 112 ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने नोटिस स्वीकार कर समन करा लिया है। पिछले एक साल में बीडीए ने 1200 लोगों को नोटिस भेजा है जो बिना नक्शा पास कराए ही निर्माण करा लिए हैं।

------------------

तीन केटेगरी में पास होता है नक्शा

बीडीए से तीन केटेगरी का नक्शा पास किया जाता है। यहां ज्यादा चलन हाई रिस्क वाले नक्शे का है। इसमें छोटे साइज वाले भूखंड पर मकान का नक्शा पास कराया जाता है। जिनका क्षेत्रफल बिस्वा में होता है। इसके बाद निवेश मित्रा कटेगरी का नक्शा पास हो रहा है। यह पूरी तरह कामर्शियल होता है। इसमें होटल, रेस्तरां, दुकान, माल, मैरेज हॉल जैसे निर्माण किए जाते हैं। तीसरी केटेगरी लो रिस्क है। इसका चलन यहां न के बराबर है। इसमें बड़े भू-भाग शामिल होते हैं। जिनमें समूह में आवासीय नक्शे पास किए जाते हैं। अमूमन रियल स्टेट कारोबारियों द्वारा लो रिस्क के नक्शे बनवाए जाते हैं। यहां ऐसे कारोबारियों की संख्या नहीं है।


------------------
अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। नोटिस भी दी गई है। जिनका नक्शा बनाने योग्य होता है उन्हीं का आवेदन स्वीकार किया जाता है। यदि प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण हुआ है तो नक्शा नहीं पास हो सकता है। वह बिल्डिंग अवैध ही मानी जाएगी।
-संदीप, एक्सईएन, बीडीए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed